मुंबई, (15 अप्रैल 2019)- देशभर में लोकसभा चुनाव को लेकर महाभारत शुरू हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की छह सीटों पर भी चुनाव प्रचार सभी पार्टी और उनके प्रत्यासी जोरशोर से कर रहे हैं, अगर बात दक्षिण मध्य मुंबई की करें तो इसकी पहचान देश के सबसे छोटे निर्वाचन क्षेत्र के तौर पर हैं, जहां कुल 14 लाख 15 हजार 605 मतदाता हैं, जिसमे आठ लाख 49 हजार 434 पुरुष मतदाता और सात लाख 47 हजार 442 महिला मतदाता हैं,और 33 हजार किन्नर मतदाताओ का भी इसमें समावेश है। इस लोकसभा क्षेत्र में एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी आती है, जहां कांग्रेस पार्टी की वर्षा गायकवाड विधायक हैं, लेकिन इस लोकसभा सीट पर शिवसेना और बीजेपी का पलडा भारी हैं। वर्तमान में यहां से शिवसेना के राहुल शेवाले सांसद हैं। दक्षिण मध्य मुंबई लोकसभा सीट में 6 विधानसभा आती हैं। इस लोकसभा सीट पर शिवसेना-बीजेपी का वर्चस्व है। वोटरों के लिहाज से अणुशक्ति नगर, चेंबूर और माहिम में शिवसेना का दबदबा है, तो वहीं सायन कोलीवाडा में बीजेपी का, जबकि धारावी और वडाला में कांग्रेस के विधायक हैं। पिछला इतिहास अगर देखें तो 1952 से 1989 तक इस सीट का रुख कभी कांग्रेस तो कभी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के बीच घूमता रहा। 1984 में यहां से निर्दलीय को भी जीत मिली, लेकिन उसके बाद इस सीट का मिजाज बदल गया। 1989 से 2009 तक 20 साल यहां शिवसेना का दबदबा रहा, जिसमें मोहन रावले ने लगातार 5 चुनावों में शिवसेना का झंडा बुलंद रखा। 2009 में कांग्रेस ने अपनी खोई हुई इस सीट को वापस पाया, लेकिन 2014 की मोदी लहर में यह सीट फिर से शिवसेना के खाते में चली गई। दक्षिण मध्य मुंबई में देश की सबसे बडी झोपडपट्टी धारावी की अपनी एक अलग ही पहचान है, वैसे इसे मिनी भारत भी कहा जाता है, क्योंकि देश के हर प्रांत जाति धर्म के लोग यहां मिल जाएंगे। छोटे छोटे लघु उद्योग यहां की खासियत है, लेकिन लंबे समय से धारावी के पुनर्वसन योजना पर काम शुरु है, लेकिन अभी तक हालत सौ दिने चले अढ़ाई कोस वाली कहावत जैसी चरितार्थ हो रही है, इसी तरह एंटॉप हिल, वडाला, चेंबूर में भी स्लम का एक बहुत बड़ा मुद्दा है। पानी , शौचालय , सड़क की भी समस्या अनेक क्षेत्रों में है। वर्ष 2014 में इस लोक सभा सीट से शिवसेना के राहुल रमेश शेवाले को 3,81,008 वोट मिला था और उन्होंने जीत हासिल किया था। कांग्रेस के एकनाथ महादेव गायकवाड को 2,42,828 वोट मिले और वे दूसरे क्रमांक पर रहे, जबकि तीसरे स्थान पर मनसे के आदित्य राजन शिरोडकर रहे, जिन्हें 73,096 वोट मिले थे। संसद में उपस्थिति 94 प्रतिशत रही है, इन्होंने 206 चर्चा में हिस्सा लिया और 819 प्रश्न संसद में पूछे है, वे 8 प्राइवेट मेंबर्स बिल भी लेकर आए। संसदीय क्षेत्र में खर्च करने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसमें से इन्हें 17.50 करोड़ रुपये मिले हैं। ब्याज के साथ ये रकम 21.06 करोड़ रुपये होती है। इसमें से 18.86 करोड़ रुपये संसदीय क्षेत्र में खर्च हो चुके हैं, जो 105.77 फीसदी है। अभी भी 2.78 करोड़ रुपये खर्च के लिए बाकी हैं, साथ ही राहुल शेवाले की संपत्ति करीब 1 करोड़ रुपये है, और इनपर 1 अपराधिक मामला भी दर्ज हैं, वैसे यहां से कई उम्मीदवार अपनी अपनी अपनी किस्मत आजमा रहे है,लेकिन मुख्य मुकाबला वर्तमान सांसद राहुल शेवाळे और एकनाथ गायकवाड के बीच हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शिवसेना के गढ़ में कांग्रेस के एकनाथ गायकवाड़ को जीत हासिल होती हैं, या एक बार फिर से हार का मुंह देखना पड़ेगा?