लोकसभा चुनाव 2019- मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा सीट कई सालों से रहा हैं उलट-फेर का गवाह

 14 Apr 2019  601

►इस साल के चुनाव में सबकी निगाहें टिकी हैं, इस सीट पर

►एनसीपी या बीजेपी किसके पाले में जाएगी यह सीट?

मेट्रो हलचल टीम,(13 अप्रैल 2019)- महाराष्ट्र की मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा सीट का मिजाज सत्ताधारियों के खिलाफ वाला रहा है।1967 से 1980 तक में तीन बार लगातार कांग्रेस, 2 बार जनता पार्टी के सांसद रहे, उसके बाद सत्ताधारियों को बदलने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह अभी तक जारी है। ये देखने वाली बात होगी कि क्या इस बार भी ये सिलसिला जारी रहेगा। इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से बीएमसी के गटनेता एवं नगरसेवक मनोज कोटक को चुनावी मैदान में उतारा गया हैं, जबकि एनसीपी की ओर से संजय दीना पाटील को चुनावी जंग में लड़ने के लिए उतारा गया हैं। हाालंकि इस क्षेत्र में दीना पाटील और कोटक दोनों के बीच में रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता हैं। राजनीतिक जानकारों की माने तो, इस सीट पर अंत समय तक कुछ भी उलट-फेर हो सकता है। इसलिए हार-जीत का फैसला चुनाव पर छोड़ देना। दोनों ही उम्मीदवार अपने- अपने जगह पर मजबूत है। इसलिए इन दोनों उम्मीदवारों के बीच में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती हैं। बता दें कि बीजेपी ने यहां से मौजूदा सांसद किरीट सौमेया का पत्ता काटकर मनोज कोटक को लोकसभा चुनाव का टिकट देकर मैदान में उतारा हैं, वैसे किरीट सौमेया का पत्ता काटकर मनोज कोटक को देना किरीट को ज्यादा रास नहीं आया कहना गलत नहीं होगा। इसके बावजूद किरीट सौमेया द्वारा मनोज कोटक का समर्थन किए जाने को किरीट का बेहतरीन स्पिरीट बताया जा रहा हैं। बता दें कि इस लोक सभा सीट से वर्तमान सांसद किरीट सौमेया पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, उन्होंने बीजेपी के बैनर पर मुलुंड विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव जीतकर राजनीतिक करियर शुरू किया था। 2005 में उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। 2014 में इन्होंने यूपीए सरकार के खिलाफ कई स्कैम उजागर किए और इसके लिए बाकायदा कैंपेन चलाया। इसके लिए वे 16 राज्यों के करीब 100 जिलों में गए और पूरे भारत में यूपीए सरकार के स्कैमों को एक्सपोज करने की झड़ी लगा दी थी। कोल माइनिंग, आदर्श हाउसिंग सोसायटी, डीमेट स्कैम के खुलासों से तो यूपीए सरकार हिल गई थी। संसद में इनकी उपस्थ‍ित‍ि 97 फीसदी रही है। सौमेया ने 116 डीबेट में भाग ल‍िया तो वहीं 459 प्रश्न संसद में पूछे हैं, वे 2 प्राइवेट मेंबर्स ब‍िल्स भी लेकर आए हैं। इस लोक सभा सीट पर 25 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है, ज‍िसमें से इन्हें 22.50 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। ब्याज के साथ ये रकम 24.01 करोड़ रुपये होती है। 21.34 करोड़ रुपये इस संसदीय क्षेत्र में ये खर्च कर चुके हैं, जो 93.06 फीसदी है, अभी 2.68 करोड़ रुपये खर्च करने के ल‍िए बाकी है। 2004 में क‍िरीट सौमेया की संपत्त‍ि 2 करोड़ रुपये थी जो 2009 में बढ़कर 4 करोड़ और 2014 में 7 करोड़ हो गई। सौमेया पर 2004 में 6 क्र‍िम‍िनल केस थे जो 2009 में 8 और 2014 में बढ़कर 10 हो गए।

► परिवर्तन की साक्षी है यह सीट

1980 में इस सीट से जनता पार्टी के सुब्रमण्यन स्वामी सांसद थे, उसके बाद 1984 में कांग्रेस के गुरुदास कामत, 1989 में बीजेपी से जयवंतीबेन मेहता, 1991 में कांग्रेस के गुरुदास कामत, 1996 में बीजेपी के प्रमोद महाजन, 1998 में कांग्रेस से गुरुदास कामत, 1999 में बीजेपी के किरीट सौमैया, 2004 में कांग्रेस के गुरुदास कामत, 2009 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संजय पाटिल और 2014 में बीजेपी के किरीट सौमेया। इस तरह 35 सालों में ये सीट लगातार परिवर्तन की साक्षी रही है। गौरतलब है कि 2009 में इस सीट का मुकाबला देखने लायक था। एनसीपी के संजय पाटिल को 2,13,505 वोट, बीजेपी के किरीट सौमेया को 2,10,572 वोट तो मनसे के शिशिर शिंदे को 1,95,148 वोट मिले थे। इसके बाद 2014 के इलेक्शन में बीजेपी के किरीट सौमेया ने 5,25,285 वोट पाकर यहां से जीत हासिल की। एनसीपी के संजय पाटिल को 2,08,163 वोट तो वहीं आप पार्टी से खड़ी हुईं समाजसेवी और नर्मदा बचाओे आंदोलन से जुड़ी मेधा पाटकर ने 76,451 वोट पाकर तीसरा स्थान पाया था। 


►मुंबई उत्तर पूर्व लोक सभा सीट पर विधायकों का गणित

मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा सीट में 6 विधानसभा सीट आती हैं। इस लोक सभा सीट की विधानसभा सीटों पर बीजेपी-शिवसेना पार्टी के विधायकों का वर्चस्व है। मुलुंड, घाटकोपर पश्चिम, घाटकोपर पूर्व में जहां बीजेपी के विधायक हैं, तो वहीं, विक्रोली और भांडुप पश्चिम में शिवसेना के एमएलए हैं। मानखुर्द शिवाजी नगर सीट से समाजवादी पार्टी के अबु आजमी विधायक हैं।