इंधन में बढ़ोतरी का फटका हुआ बेस्ट को, 26 करोड़ का अतिरिक्त भार।

 31 May 2018  768

सहूलियत देने की मांग की बेस्ट समिति के सदस्यों ने।

मुंबई, (31 मई 2018)- दिन ब दिन पेट्रोल व डीजल में हो रही बढ़ोतरी का फटका बेस्ट परिवहन विभाग को सहन करना पड़ रहा है। इसके तहत बेस्ट परिवहन विभाग को पेट्रोल-डीजल के लिए सालाना 26 करोड़ रूपये का अतिरिक्त भार झेलना पड़ रहा है। बेस्ट समिति के सदस्य अनिल कोकिल ने गुरूवार को बेस्ट समिति की बैठक में इस मामले से संबंधित सूचना पेश करते हुए कहा कि राज्य में बीजेपी की सरकार है। इस कारण बेस्ट परिवहन विभाग को पेट्रोल-डीजल में सहूलियत दी जानी चाहिए, जिसके लिए बेस्ट समिति के अध्यक्ष को सीएम से मिलकर इस मामले में चर्चा करके पत्र देकर सहूलियत की मांग करनी चाहिए। साथ ही बेस्ट समिति के सर्वपक्षीय सदस्यों ने कहा कि चारों तरफ से आर्थिक परेशानी झेल रही बेस्ट परिवहन विभाग को पट्रोल- डीजल में हो रही बढ़ोतरी के फटके से निकालने के लिए सरकार को कुछ करना चाहिए। महंगाई के साथ-साथ बेस्ट बसेस में यात्रा करने वाले यात्रियों की भी संख्या पिछले कई सालों से घट रही हैं, जिसके कारण पहले ही बेस्ट की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हुई है। बेस्ट बसेस की देखरेख का खर्च, कर्मचारियों का वेतन, यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देने पर होने वाले खर्चों के कारण बेस्ट विभाग की आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही है। फिलहाल बेस्ट प्रशासन घाटे में है, जिसके चलते राज्य सरकार द्वारा बेस्ट को पेट्रोल-डीजल में सहूलियत दी जानी चाहिए।

---------महाव्यवस्थापक पद करो रद्द

बीजेपी के नगरसेवक सुनील गणाचार्य ने समिति के समक्ष सूचना पेश करते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों से बेस्ट घाटा झेल रही है, लेकिन इस घाटे को भरने का कोई उचित नियोजन नहीं किया जा रहा है। भविष्य में अगर एसा ही होता रहा तो, बेस्ट को ताला लगाना पड़ेगा। महाव्यवस्थापक अपने ही काम में व्यस्त है। कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं दी जा रही है। इस कारण महाव्यवस्थापक पद रद्द की जाए।

----- राजस्व घटा एक करोड़

सर्वपक्षीय नगरसेवकों ने कहा कि आर्थिक परेशानी झेल रही बेस्ट परिवहन विभाग का राजस्व भी घटा है। पहले बेस्ट को दिन भर में 3 करोड़ 25 लाख रूपये राजस्व मिलता था, लेकिन अब 2 करोड़ 25 लाख रूपये राजस्व मिल रहा है। यात्रियों की कमी के साथ-साथ बेस्ट को दिन भर में एक करोड़ रूपये का कम राजस्व प्राप्त हो रहा है।