आर्थिक दुर्बल घटकों के विद्यार्थियों की एमबीबीएस एवं बीडीएस की आधी शुल्क राज्य सरकार भरेगी - राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल

 04 May 2018  861

मुंबई, (04 मई 2018)-  छत्रपति शाहू महाराज छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत मेडिकल व दंत मेडिकल की पढ़ाई करनेवाले आठ लाख रुपए से कम आय के मराठा समुदाय के विद्यार्थियों की आधी फीस भरने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। इसके साथ ही मराठा समाज की अधिकांश मांगों को सरकार ने पूरा किया है। यह जानकारी राजस्व मंत्री और मराठा समाज की मांग को लेकर गठित की गई उप समिति के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने आज पत्रकार परिषद में दी।मंत्रालय में आयोजित पत्रकार परिषद में पाटिल ने राज्य सरकार की ओर से मराठा क्रांति मोर्चा की मांगों पर की गई कार्यवाहियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मराठा क्रांति मोर्चा के समय राज्य सरकार ने पहल करते हुए मोर्चे की समन्वय समिति से चर्चा की। उनकी मांगों पर मुख्यमंत्री महोदय ने विधानमंडल में निवेदन दिया। उसके बाद मांगों को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडल की उपसमिती बनाकर हर सप्ताह में जायजा लिया जाता है। मराठा समाज की अधिकांश मांगों पर राज्य सरकार सकारात्मक कार्यवाही कर रही है, इसके लिए शासनादेश भी जारी किया गया है।आरक्षण का मामला न्यायालय में है। पिछड़ा आयोग का काम तेजी से चल रहा है। आयोग की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार का अपना पक्ष रखने के लिए उचित कार्यवाही करेगी। साथ ही डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन एवं प्रशिक्षण संस्था की तर्ज पर छत्रपति शाहू महाराज संशोधन, प्रशिक्षण एवं मानव विकास संस्था की स्थापना की गई है। इस संस्था की कार्य संबंधी रिपोर्ट कल ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई है। इस संस्था के माध्यम से पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति व फेलोशिप, प्रतियोगिता परीक्षा के लिए मार्गदर्शन आदि विभिन्न उपाय योजना पर अमल किया जाएगा। एेसा पाटिल ने इस अवसर पर बताया। मराठा समाज के युवाओं को शैक्षणिक सहुलियत देने के लिए विभिन्न फैसले राज्य सरकार ने लिए हैं। अन्य पिछड़े वर्ग की तरह आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए आय की मर्यादा पहली बार एक लाख से बढ़ाकर छह लाख रुपए की गई। अब छह लाख से बढ़ाकर आय मर्यादा आठ लाख रुपए तक करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत राज्य सरकार ने पिछले वर्ष एक लाख 17 हजार विद्यार्थियों की आधी शुल्क भरी है। इस साल मेडिकल और दंत मेडिकल के विद्यार्थियों की आधी शुल्क सरकार भरेगी। विद्यार्थियों से आधी शुल्क लेकर प्रवेश देने का निर्देश महाविद्यालयों को दिया गया है। इसके साथ ही एक लाख रुपए तक सालाना आयवाले अभिभावकों के बच्चों के लिए पंजाबराव देशमुख वसतीगृह निर्वाह भत्ता योजना शुरू की गई है। इसके तहत शहरी इलाकों के विद्यार्थियों को 30 हजार रुपए और ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। एक लाख से आठ लाख रुपए सालाना आयवाले अभिभावकों के बच्चों को छात्रावास के लिए शहरी इलाकों में प्रति वर्ष 10 हजार रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों में आठ हजार रुपए देने का निर्णय लिया गया है। विद्यार्थियों को रहने की सुविधा हो, इसलिए छात्रावास की योजना बनाई गई है। मराठा समाज के मान्यवर और संस्थाएं छात्रावास शुरू करने के लिए आगे आएं। उन्हें राज्य सरकार हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है। एेसा आव्हान भी पाटिल ने इस अवसर पर किया।पाटिल ने कहा कि शिक्षा के साथ मराठा समाज के युवा व्यवसाय में भी आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार ने स्व. अण्णासाहेब पाटिल आर्थिक विकास महामंडल के मार्फत तीन योजना बनाई है। व्यक्तिगत और समूह के लिए ब्याज प्रतिपूर्ति योजना से प्रत्येक को दस और 50 लाख रुपए तक के कर्ज का ब्याज राज्य सरकार भरेगी। तो किसानों के समूह को महामंडल की ओर से बिना ब्याज का कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। युवाओं को कारोबार शुरू करने में और कर्ज दिलाने में सहायता करने के लिए महामंडल की तरफ से प्रत्येक जिले में अधिकारी की नियुक्ति की गई है। ब्याज भुगतान योजना के लिए अभी तक सात हजार से अधिक युवाओं को लेटर ऑफ इंटेट दिया गया है। ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कर्ज मिले, इसके लिए महामंडल की ओर से प्रयास किया जा रहा है।पाटिल ने कहा कि युवाओं को व्यवसाय के साथ-साथ उसके लिए लगनेवाले कौशल का ज्ञान मिले, इसलिए केंद्र की योजना से तकरीबन साढ़े चार सौ करोड़ रुपए निधि प्राप्त हुई है। इसके माध्यम से करीब सवा तीन लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें खेती उत्पादन, बिक्री, मार्केटिंग जैसे प्रशिक्षण का समावेश है।