स्टेशनों पर नहीं है दिव्यांगों के लिए नहीं है टॉईलेट

 26 Apr 2018  729

मुंबई, (26 अप्रैल 2018)- मुंबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में दिव्यांगों के लिए डब्बे तो रिज़र्व किए गए है, लेकिन रेलवे को उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। यही वजह है, कि मुंबई के कई रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए टॉईलेट उपलब्ध नहीं है। सेंट्रल रेलवे और हार्बर रेलवे की बात करे तो यहां 22 स्टेशनों पर दिव्यांगों के लिए टॉईलेट्स का कही अता पता नहीं है।आरटीआई एक्टिविस्ट शकील अहमद शेख को आईटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल रेलवे और हार्बर रेलवे के 22 स्टेशन- चिंचपोकली, करी रोड, नाहूर, पलस्धारी, केलावली, डोलावली, लोवजी, वाशी, सानपाड़ा, जुइनगर, नेरूल, बेलापुर, खारघर, मानसरोवर, खांडेश्वर, रबाल, सीउडस पर दिव्यांगों के लिए टॉईलेट्स उपलब्ध नहीं है, कुछ ऐसा ही नज़ारा वेस्टर्न रेलवे पर भी मौजूद है, जहां दादर, बांद्रा, माहिम, गोरेगांव, मिरा रोड, वसई रोड और नालसोपारा जैसे स्टेशनों पर दिव्यांगों के लिए टॉईलेट्स की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इतना ही नहीं कई रेलवे स्टेशनों पर तो महिलाओं तक के लिए टॉईलेट्स नदारद है।आरटीआई एक्टिविस्ट शकील अहमद शेख के मुताबिक, कई रेलवे स्टेशनों पर दिव्यांग पैसेंजर्स के लिए टॉईलेट्स तो हैं लेकिन उनकी चाबी स्टेशन मैनेजर के पास रही हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने रेलवे मैनजमेंट से पूछा है कि आखिर इन रेलवे स्टेशनों पर दिव्यांगों को टॉईलेट की सुविधा न दिए जाने के पीछे वजह क्या है?क्यों रेलवे ऐसे पैसेंजर्स को तकलीफ देने में लगी है और इनकी सुविधाओं के लिए क्यों कोई उचित कदम नहीं उठाया जाता ? आरटीआई एक्टिविस्ट शकील अहमद ने बताया की उन्होंने सभी रेलवे स्टेशन पर महिलाओं और दिव्यांगों के लिए टॉईलेट्स के निर्माण की मांग संबंधित लेटर सेंट्रल रेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल और रेलवे के जनरल मैनेजर को भेजा है।