मुंबई में बनेंगे 10 लाख सस्ते घर- डीपी प्लान घोषित

 25 Apr 2018  764

मुंबई, (25 अप्रैल 2018)- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के नए विकास प्रारूप (डीपी) में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 लाख सस्ते घर बनाए जाएंगे। जबकि महानगर में साल 2034 तक 80 लाख नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। शहर में किफायती घर बनाने के लिए 2100 हेक्टेयर नो डेवलमेंट जोन वाली जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए नो डेवलमेंट जोन को विशेष विकास क्षेत्र के रूप में बदल दिया गया है। बुधवार को मंत्रालय में मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त अजोय मेहता ने यह जानकारी दी। प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद मेहता ने विकास प्रारूप के बारे में विस्तार से बताया। मेहता ने कहा कि कॉरपोरेट कंपनियों के ऑफिस के लिए एफएसआई बढ़ा कर 5 कर दी गई है। लेकिन निर्माणकार्य क्षेत्र के आसपास की सड़कों की चौड़ाई 9 मीटर करना अनिवार्य होगा। मेहता ने कहा कि विकास प्रारूप में कारोबार सुगमता पर विशेष रूप से जोर दिया गया है। मेहता ने बताया कि आरे कॉलोनी में मेट्रो परियोजना के कारेशड के लिए जगह आरक्षित की गई है। बाकी जगहों के ग्रीन जोन का आरक्षण बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही महानगर के मैदान, पार्कों जैसे खुली जगहों के आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि मुंबई में दो नए पार्क बनाए जाएंगे। इसके साथ ही पेट्रोल पंप और सिनेमा गृहों में अतिरिक्त जगहों का उपयोग व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए किया जा सकेगा। मेहता ने बताया कि महानगर में ग्रमीण इलाकों से आकर कृषि उत्पाद बेचने वाले किसानों के लिए सप्ताह में किसी एक दिन अलग से जगह आरक्षित रखी जाएगी। 

►किसानों को कृषि उत्पाद बेचने जगह होगी आरक्षित  
प्रदेश सरकार के गृह निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में 5 लाख घर बनाए जाएंगे। बाकी के 5 लाख घर एमएमआर क्षेत्र के बाहर बनाए जाएंगे। कुमार ने बताया कि सस्ते घर बनाने के लिए मुंबई के पास की 330 हेक्टेयर सॉल्ट पैन की जमीन का उपयोग किया जाएगा। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव नितिन करीर ने कहा कि मुंबई मनपा के पुराने विकास प्रारूप को केवल 20 प्रतिशत ही लागू किया जा सका है। करीर ने कहा कि मुंबई के अलावा दूसरी महानगर पालिकाओं के विकास प्रारूप के प्रस्तावों को 25 प्रतिशत तक लागू किया जाता है। उन्होंने कहा कि विकास प्रारूप के प्रस्तावों को लागू करने के लिए इस बार विभिन्न प्रावधान किए गए हैं।