91 स्कूलों ने आरटीई के तहत छात्रों को प्रवेश नहीं देने का हुआ खुलासा

 16 Apr 2018  373

►शिक्षण हक समिति का हुआ उल्लंघन 

 मुंबई, (16 अप्रैल 2018)- छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा हक कानून (आरटीई) के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित जगहों पर प्रवेश प्रक्रिया हाल ही में समाप्त हुई, लेकिन शिक्षण हक कानून के तहत गरीब, पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को स्कूलों में प्रवेश देना अनिर्वाय होने के बावजूद मुंबई में तकरीबन 91 स्कूलों द्वारा आरटीई के तहत छात्रों को एडमिशन नहीं देने का खुलासा हुआ हैं, जबकि शहर के 352 स्कूलों ने पहली फेरी में 1827 छात्रों को एडमिशन दिया। गौरतलब है कि शिक्षण हक कानून के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित जगहों पर छात्रों को एडमिशन देने पर विद्यार्थियों की फीस सरकार द्वारा दी जाती है, लेकिन पिछले कई सालों से सरकार द्वारा स्कूलों को फीस की राशि नहीं दिए जाने के कारण स्कूलों ने आरटीई के तहत छात्रों को प्रेवश नहीं देने की भूमिका अपनाई थी, जिसके बाद मुंबई में लगभग 300 स्कूलों को 6 करोड़ 36 लाख रूपये फीस की राशि अदा की गई, जिसके बाद भी कुछ स्कूलों ने सरकार से फीस की राशि समय पर देने का प्रतिज्ञापत्र देते हुए कहा था किअगर हमें फीस की राशि समय पर मिलेगी, तो ही आरटीई के तहत एडमिशन दिया जाएगा। हालांकि सरकार द्वारा स्कूलों की मांग पूरी नहीं होने के कारण निजी स्कूलों ने प्रवेश देना बंद किया था। जिसके कारण पहले फेरी की समयसीमा को तीन बार बढ़ाया गया था, लेकिन आज पहली फेरी पूरी हुई, और दूसरी फेरी 18/19 अप्रैल को होनेवाली है।