दसवीं का नया पाठ्यक्रम कृतिपूर्ण, उपयोजनात्मक – विनोद तावड़े

 04 Apr 2018  416

मुंबई, (04 अप्रैल 2018)-  वर्तमान समय में अंग्रेजी भाषा आवश्यक है. लेकिन मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा अर्जित करने से ज्ञान में अधिक बढ़ोतरी होती है। इसलिए दसवीं का नया पाठ्यक्रम कृतिपूर्ण, उपयोजनात्मक (एप्लिकेशन बेस) होगा। इसका लाभ निश्चित तौर पर दसवीं के विद्यार्थियों के गुणवत्ता बढ़ाने के लिए होगा. उक्त प्रतिपादन शालेय शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने किया।

शिवाजी मंदिर में आज बदले हुए कक्षा दसवीं के  पाठ्यक्रम के संदर्भ में चर्चासत्र आयोजित किया गया था। इस अवसर पर तावड़े ने इस वर्ष से बदले हुए दसवीं के पाठ्यक्रम की जानकारी दी। इस समय बालभारती के संचालक सुनील मगर समेत भाषा विशेषज्ञ उपस्थित थे।

बालभारती का पाठ्यक्रम पढ़ रहे विद्यार्थी सीबीएससी और आयसीएससी के छात्रों को टक्कर दे सकते है। इन किताबों के माध्यम से प्रत्येक पाठ को क्यूआर कोड दिया गया है। डिजिटल पाठ्यक्रम की दिशा में यह पहल है। क्यूआर कोड की सहायता से सभी गांवों के विद्यार्थी इंटरनेट के माध्यम से जोड़े जाएंगे. नए पाठ्यक्रम में अध्ययन निश्चिति (Learning outcome) का समावेश है।

            तावड़े ने कहा कि, पहले दसवीं के परिणामों में पास या फेल दिया जाता था, लेकिन अब ऐसी मुहर मार्कलिस्ट में नहीं दी जाती।अब उत्तीर्ण और कौशल्य सेतू ऐसा अंकित किया जाता है। छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देना भी उतनाही महत्वपूर्ण है। इस तरह राज्य के सभी समाज के छात्रों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए प्रयास शुरू है। यह करते समय इसमें गुणात्मक बदलाव करना आवश्यक है. स्वविकास और संरक्षणशास्त्र आदि पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

विगत साल से शुरू हुए कक्षा सातवी से दसवीं के क्लास के पाठ्यक्रम बदलावों की प्रक्रिया आखिरकार पूर्ण हुई है. कक्षा सातवी, आंठवी, नौंवी और दसवीं के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है. नए पाठ्यक्रम में शब्द संपत्ति का विकास, नई टेक्नोलॉजी का उपयोग,  स्वअध्ययन, चिकित्सक वृत्ति, निरीक्षण, निर्णयक्षमता, जिम्मेदार नागरिकत्व की जागरूकता, उद्योग-व्यवसाय से संबंधित शिक्षा पर जोर दिया है।

2018-19 शैक्षिक वर्ष से आंठवी और दसवीं का पाठ्यक्रम बदलेगा. इसलिए नए शैक्षिक वर्ष के लिए छात्रों को नई किताबें उपलब्ध होगी।  सुधारित बदले हुए पाठ्यक्रम के अनुसार आगामी शैक्षिक वर्ष से आंठवी और दसवीं के पाठ्यक्रम की किताबें बदलेगी. इस साल विद्यार्थियों को नई किताबें मिलेगी. इससे पहले दसवीं का पाठ्यक्रम 2013-14 इस शैक्षिक वर्ष में बदला था. पारंपरिक शिक्षा पद्धति में बदलाव करने के लिए शालेय शिक्षा विभाग की ओर से सातवी से दसवीं तक के पाठ्यक्रम में बदलाव करने का निर्णय लिया है. कक्षा सातवी, आंठवी, नौंवी और दसवीं के लिए पाठ्यक्रम का नया प्रारूप, उसका उद्देश्य और पाठ्यक्रम में बदलाव की जानकारी बालभारती के वेबसाइट पर दी है. मराठी, हिंदी, गणित, सामान्य विज्ञान, इतिहास, भूगोल, नागरिकशास्त्र इन प्रमुख विषयों समेत  द्वितीय और तृतीय भाषा विषयों के पाठ्यक्रम के प्रारूप भी वेबसाइट पर उपलब्ध करवाए गए है. 

महाराष्ट्र राज्य पाठ्युपस्तक निर्मिति और संशोधन मंडल (बालभारती) निर्मित दसवीं कक्षा के नए पाठ्यक्रम का प्रकाशन शिक्षा मंत्री श्री. तावड़े की प्रमुख उपस्थिति में शालेय विद्यार्थियों के हाथों किया गया. २०१८-१९ शैक्षिक वर्ष के लिए नए पाठ्यक्रम की किताबें मार्केट में उपलब्ध की गई है. राज्य में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने की दृष्टि से अभ्यास मंडल विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार किए गए दसवीं के सभी माध्यमों के नए पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन आज दादर के शिवाजी मंदिर में किया गया. इस अवसर पर पाठ्यक्रम अभ्यास मंडल के विशेषज्ञों का चर्चासत्र आयोजित किया गया था. इस चर्चासत्र में विद्यार्थी तथा पालक बड़ी संख्या में उपस्थित थे. अभ्यासमंडल के सभी विषय विशेषज्ञों के विशेष प्रयास से साथ ही बालभारती द्वारा समय का उचित नियोजन कर दसवीं के सभी माध्यमों की किताबें समयपर मार्केट में उपलब्ध किए जाने पर तावड़े ने सबका आभार प्रकट किया।