कोर्ट ने दिया शिक्षामंत्री तावड़े को झटका

 10 Feb 2018  424
► मुंबै बैंक से थी तावडे की सेटिंग

मुंबई, (9 फरवरी 2018)- हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और शिक्षामंत्री विनोद तावडे को फटकार लगाते हुए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन को मुंबै बैंक में जमा करने के राज्य सरकार के आदेश को रद्द कर दिया हैं। मुंबई शिक्षक मतदार संघ के शिक्षक विधायक कपिल पाटील ने कहा कि हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद शिक्षकों को बड़ी राहत मिली हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि जब शिक्षामंत्री विनोद तावड़े विपक्षी नेता थे, तब उन्होंने स्वयं ही विधानपरिषद में मुंबै बैंक के गैरकानूनी होने का आरोप लगाया था। यहां तक कि तावडे ने राज्यपाल को भी पत्र लिखकर मुंबै बैंक के गैरकानूनी होने की बात कहीं थी, तो अब शिक्षामंत्री बनने के बाद उन्हें मुंबै बैंक कैसे सही लगता है। यूनियन बैंक से शिक्षकों को वेतन देने की प्रक्रिया अच्छी चलने के बावजूद अचानक राज्य सरकार ने शिक्षकों के वेतन जमा करने के लिए मुंबै बैंक को क्यों चुना। गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से मुंबई के शिक्षक राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे थे। शिक्षकों की मांग थी, कि उनका वेतन राष्ट्रीय बैंक के जरिए दिया जाए। इसके चलते शिक्षकों ने आंदोलन भी किए, साथ ही हाईकोर्ट में इस मामले से संबंधित याचिका भी दायर की गई थी, जिसकी अंतिम सुनवाई शुक्रवार को हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तावडे के निर्णय को गलत ठहराते हुए फटकार लगाई।

►शिक्षामंत्री दे राजीनामा
 
पाटील ने कहा कि हाईकोर्ट ने तावडे के निर्णय को गलत ठहराते हुए उन्हें फटकार लगाई है, उच्च न्यायालय मंत्रियों के बारे में बहुत सख्त और गंभीर हैं, इसलिए शिक्षामंत्री को अब खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए, या फिर मुख्यमंत्री को उनसे उनका पद छीन लेना चाहिए, क्यों कि महाराष्ट्र के शिक्षा और शिक्षकों को तावडे से मुक्ति चाहिए।

► शिक्षकों का वेतन जमा होगा स्टेट बैंक में

शिक्षामंत्री विनोद तावडे ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद मुंबई के शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन राष्ट्रीय बैंक के माध्यम से दिया जाएगा। इसके चलते शिक्षकों का वेतन अब से स्टेट बैंक आफ इंडिया के जरिए दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय का हम पालन करेंगे। हालांकि मुंबै बैंक यूनियन बैंक की तुलना में अधिक सुविधा दे रही थी। अगर सरकार द्वारा पैसे जमा नहीं भी हुआ तो भी मुंबै बैंक शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वेतन समय पर देने वाली थी। गणपति, दिवाली के दौरान समयसीमा के पहले ही वेतन होने वाला था। इस कारण हमने शिक्षकों का वेतन मुंबै बैंक के जरिए देने का निर्णय लिया था। लेकिन यह सारी सुविधाएं शिक्षकों और उनके विधायकों को नहीं चाहिए, तो शासन हाईकोर्ट के आदेशानुसार राष्ट्रीय बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया में ही वेतन जमा करेगी।

► शिक्षकों को बैंक का चुनाव करने की आजादी

मुंबै बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने कहा कि हाईकोर्ट ने शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके विधायकों को वेतन के लिए अपने मन मुताबिक बैंक का चुनाव करने की आजादी दी है। इसके चलते शिक्षकों को युनियन बैंक, या मुंबै बैंक जिससे भी वेतन का भुगतान चाहिए वह अपना चुनाव स्वयं कर सकते है।