बीजेपी को रोकने के लिए फिर एक बार कांग्रेस-एनसीपी के साथ आने की संभावना

 06 Feb 2018  625
मुंबई, (6 जनवरी 2018)-आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस और एनसीपी ने फिर से एक बार साथ में चुनाव लड़ने की तैयारी दिखाई है, लेकिन इससे संबंधित अंतिम निर्णय दोनों पार्टियों के प्रमुख दिल्ली में लेंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक चव्हाण की अध्यक्षता में मंगलवार को तिलक भवन में बैठक हुई। जिसमें राज्य के सारे धर्मनिरपेक्ष घटकों को साथ में लेकर केंद्र व राज्य के हुकूमशाही मानसिकता वाली सरकार से लड़ाई अधिक तीव्र गति से लड़ने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में राज्य के सामाजिक प्रश्न, राजकीय परिस्थिति और सरकार के विरोध में लड़ाई छेड़ने के आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। प्रदेश सरचिटणीस व प्रवक्ता सचिन सावंत ने राज्य की आर्थिक स्थिति, उद्योग से संबंधित विषयों पर चर्चा किया। इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सरचिटणीस व महाराष्ट्र के प्रभारी मोहन प्रकाश, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, विधानसभा के विरोधी पक्षनेता राधाकृष्ण विखे पाटील, विधानपरिषद के उपसभापति माणिकराव ठाकरे, पूर्व मंत्री सुरेश शेट्टी, नसीम खान, चंद्रकांत हंडोरे, मधुकरराव चव्हाण, बसवराज पाटील, पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड, भालचंद्र मुणगेकर, विधान परिषद के कांग्रेस गटनेता शरद रणपिसे, प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रवक्ता डा. रत्नाकर महाजन, भाई जगताप, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष चारूलता टोकस, प्रदेश कांग्रेस के सरचिटणीस पृथ्वीराज साठे, रामकिशन ओजा इत्यादि उपस्थित थे। 
 
 कांग्रेस- एनसीपी की संयुक्त बैठक
 
इस बैठक के बाद विधानसभा के विरोधी पक्षनेता राधाकृष्ण विखे पाटील के निवासस्थान पर कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं की संयुक्त बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक चव्हाण, पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार, विधानसभा के विरोधी पक्षनेता राधाकृष्ण विखे पाटील, राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, विधान परिषद के विरोधी पक्षनेता धनंजय मुंडे, पूर्व मंत्री नसीम खान, पूर्व मंत्री जयंत पाटील, जितेंद्र अव्हाण उपस्थित थे। इस बैठक में राज्य की समस्या, राजकीय परिस्थिति और आगामी अर्थसंकल्पीय अधिवेशन चर्चा हुई।