नगरसेवकों को चाहिए अपने ही विभाग में पहचान
17 Jan 2018
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मुंबई, 17 जनवरी 2018)-
बीएमसी में चुनकर आए हुए नगरसेवकों को उनके वार्ड के नागरिक नहीं पहचानते है। इसलिए वार्ड में रिक्त जगहों पर बोर्ड लगाकर उसपर नगरसेवकों का नाम व मोबाईल नंबर लगाया जाए। एसी मांग नगरसेविका ज्योत्सना दिघे ने बीएमसी कमिश्नर अजोय मेहता से ठराव की सूचना द्वारा किया हैं। हालांकि बीएमसी कमिश्नर ने मांग को स्वीकार ना करते हुए गटनेताओं की बैठक में मामले में संबधित निर्णय लेने की सूचना दे दी हैं। नगरसेविका ज्योत्सना दिघे ने बताया कि स्थानीय लोकप्रतिनिधी के तौर पर नगरसेवकों का सीधा संबंध नागरिकों से होता हैं। नगरसेवक अपने विभाग में नागरी सुविधा सप्लाई करने, नागरिकों की समस्या दूर करने, मुंबई के विकास में मदद करने जैसे कामों में शामिल होते हैं। इसके बावजूद विभाग में सारे नागरिक अपने नगरसेवकों से परिचित नहीं होते है। इस कारण दिल्ली, चंदीगढ़, मणिपुर, तमिलनाडु की पालिका ने नगरसेवकों के विभाग में जगह-जगह लोहे की बोर्ड पर पहचान के तौर पर नगरसेवकों के नाम व नंबर लगाए गए हैं। इसके तहत मुंबई में भी नगरसेवकों का नाम व मोबाईल नंबर लगाया जाना चाहिए।
----- गटनेताओं की बैठक में ले निर्णय
इस ठराव की सूचना का जवाब देते हुए बीएमसी कमिश्नर ने कहा कि बीएमसी विभाग के कार्यालय सारे नगरसेवकों का नाम उनकी पार्टियों के साथ प्रदर्शित किया जाता है। बीएमसी के विभागीय कार्यालय में सारे नागरिक आते-जाते रहते हैं। इस कारण उनको अपने नगरसेवकों की जानकारी मिल जाती है। मुंबई में जगह-जगह बोर्ड लगाना सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है। लेकिन गटनेताओं की बैठक में संबंधित मामले पर निर्णय ली जाए। बता दें कि कमिश्नर द्वारा दिए गए जवाब को विधी समिति में पेश किया जा चुका है। अब देखना यह होगा कि प्रस्ताव को गटनेताओं की बैठक में पेश किया जाता है या नहीं? संबधित प्रस्ताव को गटनेताओं की मंजूरी मिलती है या नही? इसपर नगरसेवकों का ध्यान केंद्रित है।