फेरीवालों को राज ठाकरे के घर, कार्यालय के बाहर बैठाया जाएगा

 16 Jan 2018  421
 
 
 
मनसे फेरीवालों के मामले बुधवार को जाहिर करेगी अपनी भूमिका
 
 
मुंबई, (16 जनवरी 2018)- मुंबई में पिछले कुछ महीनों से फेरीवालों की समस्या चौतरफा बनी हुई हैं।फेरीवालों का विरोध करने और फेरीवालों के विरोध में हिंसा करने वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के निवासस्थान और उनके कार्यालय के बाहर फेरीवालों को बैठाने का निर्णय बीएमसी ने लिया है। इस कारण जिस राज ठाकरे ने फेरीवालों का विरोध किया, उनके ही घर के बाहर अब कानून के तहत फेरीवालों को बैठाया जाएगा। इसका विरोध मनसे ने किया। जिसके चलते बुधवार को इस संदर्भ में मनसे द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया है, जिसमें मनसे अपनी भूमिका जाहिर करेगी। मुंबई में फेरीवाले सुचारू तौर पर अपना धंधा कर सकें, जिसके लिए फेरीवाला कानून को अमलीजामा पहनाने की मांग निरंतर की जा रही थी, लेकिन हाल ही में एलफिस्टन पूल पर घटी दुर्घटना के बाद मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने फेरीवालों पर कार्रवाई करने का आवाहन बीएमसी एवं पुलिस से किया था। जिसके चलते बीएमसी ने फेरीवालों के विरोध में कार्रवाई करने की शुरूआत की। जिसके कारण फेरीवालों पर भूखों मरने की नौबत आ गई। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए फेरीवाला कानून नीति के तहत फेरीवालों का पुर्नवसन करने की मांग की गई। बीएमसी ने फेरीवाला नीति को अमलीजामा पहनाने के लिए मुंबई के 24 विभागों में कुल 1366 रास्तों पर 85 हजार 891 फेरीवालों को बैठाने की सूची जाहिर की है। बीएमसी ने इस बाबत सूचना व विरोध मंगाया है। बीएमसी द्वारा जाहिर की सूची के अनुसार मनसे कार्यालय स्थित पद्माबाई ठक्कर मार्ग पर 100, तो वहीं शिवाजी पार्क केलूसकर रोड पर स्थित राज ठाकरे के कृष्णकुंज निवास के बाहर 10 फेरीवालों को बैठाने की मंजूरी बीएमसी ने दिया है। तो वहीं शिवसेना पार्टी प्रमुख उध्दव ठाकरे के निवासस्थान बांद्रा कलानगर स्थित मातोश्री बगले अगल-बगल में एक भी फेरीवालों को नहीं बैठाया गया हैं। इस कारण मनसे द्वारा राज ठाकरे के घर, कार्यालय के बाहर बैठाने का विरोध किया जा रहा है। हालांकि बीएमसी द्वारा जाहिर सूची में दादर स्थित शिवसेना कार्यालय के बाहर 100, भवानी शंकर रोड पर 200, गोखले रोड पर 200, तो वहीं बीजेपी कार्यालय के बाहर 310 फेरीवालों को बैठाया जाएगा। 
 
. ------ फेरीवाला नीति का विरोध नहीं मनमानि का विरोध
मनसे के पूर्व नगरसेवक संतोष धूरी ने कहा कि  फेरीवाला नीति को हमारा विरोध नहीं है, लेकिन फेरीवालों को मनमानि के तौर पर कहीं भी बैठाने को हमारा विरोध है। 
 
--- न्यायालय के निर्दश पर हो कार्रवाई 
बीएमसी मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर ने कहा कि फेरीवाला नीति के मामले में निर्णय न्यायालय के निर्देशानुसार गठित की गई कमिटी ले रही है। जानबूझकर कहीं भी फेरीवालों को नहीं बैठाया जा रहा हैं। न्यायालय के निर्देशानुसार हाकिंग और नान हाकिंग जोन बनाया जा रहा है।
 
--- बीएमसी ने नगरसेवकों से नहीं की चर्चा
बीएमसी सभागृह नेता यशवंत जाधव  ने कहा कि बीएमसी ने फेरीवालों को बैठाने की जगह तय करते समय नगरसेवकों से चर्चा नहीं किया। लेकिन बीएमसी द्वारा फेरीवालों को उचित जगह दी जा रही है, जहां पब्लिक को परेशानी नहीं होगी। 
 
---- सबकी राय लेना चाहिए
बीएमसी के विपक्ष नेता रवीराजा ने कहा कि फेरीवाला नीति के मामले में सभी का मत लेना जरूरी है, किसी का विरोध है, तो पुनविचार करें। नागरिक और संबंधितों का मत लेने के बाद ही निर्णय लिया जाए। 
 
------- जहां जरूरी नहीं वहां फेरीवालों को न बैठाएं
बीजेपी गटनेता मनोज कोटक ने कहा कि राहगीरों को परेशानी हो रही हो तो, फेरीवालों को नहीं बैठाया जाना चाहिए। जहां जरूरी नहीं वहां फेरीवालों को नहीं बैठाया जाना चाहिए