रास्ते घोटाले के दोषियों पर एफआईआर दाखिल करें- रवीराजा

 15 Jan 2018  470
मुंबई, (15 जनवरी 2018)- बीएमसी में हुए नाला सफाई घोटाले में दोषियों पर एफआईआर दाखिल करके तुरंत कार्रवाई की गई, लेकिन रास्ता घोटाला की समयसीमा दो साल से ज्यादा होने के बावजूद अब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई। बीएमसी प्रशासन रास्ते घोटाले से संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को संरक्षण दे रही हैं। एसा आरोप सोमवार को बीएमसी के विपक्ष नेता रवीराजा ने किया। रवीराजा ने रास्ते घोटाला के दोषियों पर एफआईआर करके उनको निलंबित करने की मांग सभागृह में किया। मुंबई स्थित कामों में अनियमितता होने की शिकायत तत्कालिन मेयर स्नेहल आंबेकर ने बीएमसी कमिश्नर से करके तुरंत जांच के आदेश दिए थे। जिसके तहत 234 रास्तों के कामों में घोटाला होने का खुलासा हुआ था। बाकी 200 रास्तों की जांच रिर्पोट प्रलंबित है। 34 रास्तों के कामों में भ्रष्टाचार होने के चलते 100 में से 96 अभियंताओं पर आयुक्त ने कार्रवाई किया। तो वहीं ब्लैक लिस्ट में डाले हुए पांच ठेकेदारों को फिर से काम दिया जाता हैं। स्थायी समिति में करोड़ों रूपये का ठेका तो मंजूर होता है। लेकिन प्रत्यक्ष काम नहीं होने के कारण हंगामा हो रहा है। अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से रास्तों का काम घटिया दर्जे का हो रहा है। इससे पहले नालासफाई घोटाला व अब रास्ते घोटाले के कारण बीएमसी की छवि खराब हो गई है। नालासफाई घोटाला की रिर्पोट आकर तीन महीने हो गए, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई। रास्ते घोटाले को दो साल पूरे हो गए, लेकिन अब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही रास्ता घोटाला 1700 करोड़ का होने के बावजूद बीएमसी द्वारा ठेकेदारों से 650 करोड़ अब तक वसूल नहीं किया गया है। यह राशि तुरंत वसूल की जाए। नालासफाई घोटाले की तरह ही ठेकेदारों पर एफआईआर और संबंधित अधिकारियों को निलंबित की जाए। एसी मांग सोमवार को सभागृह में रवीराजा ने किया। बीएमसी मेयर ने रवीराजा की मांग पर उत्तर देते हुए कहा कि विषय गंभीर है। सारे नगरसेवक इस पर चर्चा करें। इसलिए जांच की रिर्पोट वितरित की जाए। अतिरिक्त आयुक्त आय.ए.कुंदन ने कहा कि जल्दी ही रिर्पोट दी जाएगी।