विपश्यना समाज के लिए हितकारी - राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द

 14 Jan 2018  476
 
 
मुंबई, (14 जनवरी 2018)- देश के राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द आज कहा कि मानव समाज को हिंसा से करुणा की ओर ले जाने की आवश्यकता को देखते हुए भगवान बुद्ध के विचारों को लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। यह विचार सिखानेवाली विपश्यना साधना लोगों तक पहुंचनी चाहिए, क्योंकि विपश्यना की मदद से व्यक्ति जीवन के तनाव दूर होता है, विद्यार्थियों को अध्ययन,अधिकारियों को कामकाज और खिलाड़ियों को खेल में प्रगति मिल सकती है। लिहाजा, विपश्यना साधना पूरे समाज के लिए फायदेमंद है और इससे समाज के हर घटक को लाभ मिलता है।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ग्लोबल पैगोडा में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। विपश्यनाचार्य सयाजी ऊ बा खिन की 46 वीं वर्षगांठ पर और इलायची देवी गोयनका के दूसरे स्मरण दिवस के उपलक्ष्य में आभार दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर गवर्नर राज्यपाल सी. विद्यासागर राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राष्टपति की पत्नी श्रीमती सविता कोविन्द और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राष्ट्रपति ने आगे कहा, "विपश्यना पद्धति से मेरा परिचय पंद्रह साल पहले हुआ। आज धम्म शिला का अनावरण करते गए मुझे बहुत खुशी हो रही है। कई उपलब्धियों के कारण राज्य को बहुत फायदा हुआ है। लेकिन इस अध्यात्म और आस्था वाले स्थल के कारण राज्य को और अधिक ख्याति मिली है। विश्व के पर्यटकों को आकर्षित करने वाले और बुद्ध के इतिहास को प्रतिबिंबित करनेवाला ये स्थल अजंता की गुफाओं का साक्षी है। बुद्ध द्वारा व्यक्त किये गए करुणा के भाव व्यक्त करनेवाली ये मूर्तियां पूरे विश्व को करुणा का संदेश देती हैं। आज, मानव समाज को करुणा का सिद्धांत सिखाना ज़रूरी है। इगतपुरी स्थित धम्म केंद्र, नागपुर स्थित ड्रैगन पैलेस व गोराई स्थित पगोडा इन स्थलों के कारण विश्वभर के पर्यटक राज्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं।"
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, " सयाजी उ बा ख़िन ने विपश्यना के बारे में ज्ञान को शुद्ध तरीके से संरक्षित रखा है। गोयनका गुरुजी ने इसे भारत में वापस लाया। उनके कार्य को आगे बढ़ाने में पगोडा की भूमिका महत्वपूर्ण है। आंतरिक ज्ञान की शक्ति के कारण मानव कल्याण प्राप्त किया जा सकता है। इस पगोडा के माध्यम से मानव कल्याण का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि नव निर्मित होनेवाले धम्मालय के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी।
सिर्फ दान की राशि से निर्मित 16 एकड़ पर भूमि पर फैले इस ग्लोबल पगोडा का पिछले साल 92 हजार पर्यटकों ने दौरा किया।  नए निर्माण होने वाले धम्मालय के शिलालेख का अनावरण राष्ट्रपति के हाथों किया गया।