भाजपा और संघ (आरएसएस) के बीच में कोई विवाद हो ऐसा बर्ताव मत करो
12 Jan 2018
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* अमित शाह ने दी बीजेपी नेताओं को हिदायत
मुंबई- (12 जनवरी 2018) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के बीच कोई विवाद हो ऐसा बर्ताव मत करो, और दोनों के बीच विस्वरता है, ऐसी बातें बाहर जाने से परहेज करो। एेसी हिदायत भारतीय जनता पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा बीजेपी नेताओं को दिए जाने की बात सामने आ रही हैं। इससे हाल ही में छपी हमारी पूर्व खबर , मुख्यमंत्री ने संघ को ही दे दिया धोखा , की पुष्टि होती है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में शाह ने नेताओं को सख्त ताकीद दी हैं। साल २०१४ में हुए चुनाव के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ साथ संघ ने भी कमर कस ली थी. संघ के मंडल स्तर तक के अधिकारी भी कहते हैं कि यह पहली बार है, जब उन्हें किसी राजनीतिक अभियान में सक्रियता के साथ सहभागिता करने को कहा गया था। परिणाम स्वरुप आज महाराष्ट्र और केंद्र में बड़ी जीत हासिल हुई है, लेकिन सत्ता पर विराजमान होने के बाद सत्ताधीशों ने अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को अनदेखा करना शुरू किया है , जिसकी फलश्रुति अब उनकी घुटन धीरे- धीरे सामने आ रही है। इसी नाराजगी का रुख देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कुछ समय पहले अपने स्वयंसेवकों को हिदायत दी कि वे 'नमो-नमो" के जाप से बचें और व्यक्तियों के बजाय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें। हो सकता है कि उनका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खबरदार करना हो, और इसे ध्यान से देखा जाए तो ये हिदायत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भी लागू होती है। हलाकि संघ राजनीति में सीधी- सीधी दखलअंदाजी नहीं करता है। परंतु उसे हिन्दू राष्ट्र बनाने के सपने को पूरा करने के लिए सरकार में होना जरुरी भी है। इसीलिए बीजेपी जहां गलतिया करती है। तब संघ चाबुक पकड़कर खड़ा हो जाता है। फिलहाल जो चल रहा है। उसके मद्देनज़र शायद संघ ने नकेल कसी हो। इसका नतीजा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने नेताओं को समझ देनी पड़ी, और बीजेपी भी यह भलीभांति जानती है कि अगर जमीनी कार्यकर्ता और संघ स्वयंसेवक नाराज़ रहे तो आनेवाले साल २०१९ में इनकी कोई सुध नहीं लेगा .