मुंबई मेयर का विरोध हो रहा हैं चौतरफा

 28 Dec 2017  465
प्रोटोकाल तोड़ने का विरोध शिवसेना समेत बीएमसी नगरसेवकों ने किया

मुंबई, 28 दिसंबर 2017
 


मुंबई के मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर ने मुंबई में चल रहे अवैध हुक्कापार्लरों को बंद करने की मांग को लेकर बुधवार को पुलिस कमिश्नर से उनके कार्यालय में जाकर मुलाकात की, और संबंधित मामले को लेकर उन्हें पत्र स्वंय अपने हाथों से दिया। जिसके बाद शिवसेना पार्टी में मेयर को लेकर नाराजगी का माहौल है। शिवसेना ने मेयर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मेयर ने प्रोटोकाल तोड़ा हैं। मेयर मुंबई  का प्रथम नागरिक होता हैं। विदेश से आनेवाले मेहमान भी मेयर के कार्यालय में उनसे मुलाकात करने आते हैं। मेयर को सम्मान देने के लिए देश-विदेश से आने वाले लोग मेयर के कार्यालय में आकर उनसे मुलाकात करते है, लेकिन मुंबई के प्रथम नागरिक होने के बावजूद मेयर ने मेयर पद की गरिमा को ही ताड़ ताड़ किया है। पुलिस कमिश्नर को अपने कार्यालय में बुलाने की बजाय मेयर ने खुद उनके कार्यालय में जाकर उनसे मुलाकात किया, जो कि सरासर गलत है। मुंबई की पूर्व मेयर शुभा राऊल समेत कई शिवसैनिकों ने सोशल मीड़िया पर अपना गुस्सा व्यक्त किया हैं। बता दें कि मुंबई में बड़े पैमाने पर अवैध हुक्का पार्लर चलाए जा रहे हैं। जिसका बुरा असर आज की पीढ़ी पर पड़ रहा है। सामाजिक सुरक्षा के मद्देनजर मेयर महाडेश्वर ने पुलिस कमिश्नर दत्ता पडसलगीकर से मुलाकात कर हुक्का पार्लरों को बंद कराने की मांग की।

------ पहले भी टूटा है प्रोटोकाल
बीएमसी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ साल पहले जब बीएमसी में महादेव देवले मेयर पद पर काबिज थे, तब उन्होंने भी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडूलकर से उनके बांंदा स्थित निवास स्थान पर जाकर उनसे मुलाकात किया था, जिसके बाद बीएमसी में भारी बवाल मचा था। हालांकि उस समय शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने बात को संभालते हुए देवले को मेयर पद की गरिमा का महत्व समझाया था।
 
---- कमिश्नर अपने कार्यालय में बुलाते हैं पुलिस अधिकारियों को 
बीएमसी सूत्रों की माने तो, अगर बीएमसी कमिश्नर को पुलिस अधिकारियों से मुलाकात या किसी विषय पर चर्चा करनी होती है, तो वह पुलिस अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाते है, लेकिन मेयर ने स्वंय जाकर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में क्यों मुलाकात किया। यह चर्चा बीएमसी के गलियारों में जोरों शोरों से की जा रही हैं। 
 
---- सत्ताधारी है परेशान
एनसीपी विपक्ष नेता राखी जाधव ने कहा कि बीएमसी के सारे निर्णय प्रशासन ले रही है। बीएमसी का निर्णय मेयर के माध्यम से जनता तक पहुंचना चाहिए। लेकिन एेसा ना होते हुए सीधे सीएम द्वारा सारे निर्णय जनता तक पहुंचाए जा रहे है। जिसका शिवसेना ने विरोध भी किया था। लेकिन बावजूद इसके प्रशासन सत्ताधारियों को नजरअंदाज करते हुए अपना काम कर रही है। इस कारण अब सत्ताधारियों ने प्रशासन को नजरअंदाज करके स्वयं आगे जाने की तैयारी की है।

 
------मेयर को कुर्सी की कींमत का अंदाजा नहीं 
नगरसेवक कप्तान मलिक ने कहा कि मेयर मुंबई के प्रथम नागरिक हैं। लेकिन मेयर को अपनी कुर्सी की कींमत का अंदाजा नहीं हैं। पुलिस कमिश्नर को अपने कार्यालय में बुलाकर मेयर को चर्चा करनी चाहिए थी। लेकिन ने स्वयं पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में जाकर उनसे मुलाकात किया है, जिससे मुंबई की सवा करोड़ जनता का अपमान हुआ हैं।