एम / पूर्व विभाग के वृक्ष अधिकारी ने स्वयं को बचाने के लिये बनाई झूठी रिपोर्ट

 12 Dec 2017  391
मुंबई, 10 दिसंबर 2017
 
दि. 20/07/2017 को स्वस्तिक पार्क के पास चंद्रोदय को. हौ. सोसायटीच्या के बाहर सड़क पर जा रही  श्रीमती कांचन रघुनाथ नामक महिला के ऊपर नारियल का वृक्ष गिरने से सर पर चोट लगने से जख्मी हो गयी थी। उन्हें सुश्रुत अस्पताल में इलाज ले लिए भर्ती किया गया था। दि। 22/07/2017 को सुबह 5:20 बजे उस महिला की मृत्यु हो गई। दिनांक २२/७/२०१७ की रिपोर्ट में सहायक उद्यान अधीक्षक ने नारियल के वृक्ष की गिरने का कारण अचानक तेज हवा का हवाला देकर घटना को  प्राकृतिक आपदा बताया है.
 
लेकिन दिन चेम्बूर क्षेत्र में वायु गति अधिकतम 32.2 कि.मी. प्रति घंटे थी ऐसा जानकारी आरटीआई के द्वारा प्राप्त हुयी है वास्तव में देखा जाये तो ये घटना से पहले चेम्बूर क्षेत्र में दिनांक 15 जुलाई को हवा गति सबसे ज्यादा 40.2 कि.मी. प्रति घंटे थी लेकिन उस दिन वह वृक्ष नहीं गिरा । अर्थात् घटना के दिन पेड़ गिरने का कारण तेज हवा नहीं है.
आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने मनपा  के आपातकालीन प्रबंधन कक्ष कार्यालय 1/07/2017 से दि। 25/07/2017 तक चेम्बूर क्षेत्र में हवागति  और बर्षा  की जानकारी पूछती थी। आपातकालीन प्रबंधन कक्ष ने शकील अहमद शेख को जानकारी दी है.।
 
शकील अहमद शेख ने जानकारी का निरीक्षण करने पर पाया कि 1/7/2017 को हवा गति अधिकतम  33.8 कि.मी प्रति घंटा, दि. 2/7/2047 पर हवा गति अधिकतम 38.6 कि.मी. प्रति घंटा, 13/7/2017 हवा की गति अधिकतम 33.8 किमी प्रति घंटा और 15/7/2017 वायु गति अधिकतम 40.2  कि.मी. प्रति घंटा थी। और १ जुलाई से १९ जुलाई तक उस वृक्ष को छोड़कर कुल २१ वृक्ष चेम्बूर परिसर में गिरे मगर वह वृक्ष नहीं. अगर श्रीमती कांचन रघुनाथ  के ऊपर वृक्ष गिरने का कारण तेज हवा मानती है मनपा,  तो १५ जुलाई के दिन वायु गति अधिकतम 40.2  कि.मी. प्रति घंटा थी उस दिन वह वृक्ष क्यूँ गिरा नहीं. इसका जवाब मनपा आयुक्त अजॉय मेहता को देना चाहिए. इस रिपोर्ट में यह दिखता है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी अपने आप को बचने के लिए झूटी रिपोर्ट बनाई है.  
 
इसी तरह दिनांक 7 दिसम्बर 2017 को चेम्बूर में डायमंड गार्डन के पास  बस स्टॉप पर शारदा जयदेव घोड़े नामक महिला बस के लिए इन्तेजार कर रही थी उस महिला के ऊपर एक वृक्ष गिरा गया स्थानिक लोगों ने उसे शताब्दी अस्तपाल पहुंचाया. डॉ. ने निरीक्षण करने के बाद मृत्यु घोषित कर दिया.  शकील अहमद शेख ने मनपा आयुक्त अजॉय मेहता से पूछा है कि १/७/२०१७ के  दिन तो हवा की गति ज्यादा नहीं थी .  हवा गति उच्चतम 13.8 कि.मी. प्रति घंटा थी। तो आखिर यह वृक्ष कैसे गिरा. और शारदा घोड़े की मौत का जिम्मेदार कौन है?
 
शकील अहमद शेख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मनपा  आयुक्त अजॉय मेहता को पत्र लिखकर  फिर से इस मामले की जांच  दक्षता विभाग से कराये । साथ ही झूटी रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों की खिलाफ सख्त करवाई करने मांग किया गया है।