विधान परिषद चुनाव में युती के उम्मीदवार प्रसाद लाड विजयी

 12 Dec 2017  479
प्रसाद लाड को 209 तो दिलीप माने को 73 मत
एमआयएम के 2 विधायकों ने चुनाव का किया बहिष्कार
अर्जुन खोतकर को चुनाव का अधिकार नहीं
छगन भुजबल अनुपस्थित
 
 
मुंबई, 7 दिसंबर 2017

विधान परिषद चुनाव में गुरूवार को युती के उम्मीदवार प्रसाद लाड 209 मतों से विजयी हुए, तो वहीं कांग्रेस, एनसीपी के उम्मीदवार दिलीप माने को मात्र 73 मतों पर संतुष्ट होकर अपनी हार स्वीकार करनी पड़ी। करारी हार का मुंह देखना पड़ा। विधानपरिषद चुनाव में 2 मत विवादित 4 मत अनुपस्थित थे, जिसमें एमआयएम के 2 विधायक वारीस पठान, इम्तियाज जलील, तो वहीं एनसीपी के विधायक छगन भुजबल और अर्जुन खोतकर शामिल हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस पक्ष के सारे पदों समेत विधायकी पद से राजीनामा देते हुए नारायण राणे ने स्वंय की स्वतंत्र पक्ष की स्थापना की। राणे के राजीनामा के कारण रिक्त हुए विधानपरिषद के पद का चुनाव गुरूवार को लिया गया। इस चुनाव में शिवसेना ने बीजेपी के उम्मीदवार प्रसाद लाड को पहले ही अपना समर्थन जाहिर कर दिया था, जिसके कारण लाड की जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी। परंतु कांग्रेस के उम्मीदवार दिलीप माने ने इस चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पीछे नहीं लिया, जिसके कारण गुरूवार को मतदान लिया गया। जिसमें कुल 288 में से 284 विधायकों ने मतदान किया। हालांकि इस चुनाव में शुरू से ही लाड की जीत पक्की मानी जा रही थी, और कांग्रेस के उम्मीदवार की हार तय मानी जा रही थी। बावजूद इसके कांग्रेस के उम्मीदवार ने अपना नामांकन पीछे नहीं लिया। फिलहाल विधानसभा में बीजेपी के 122, शिवसेना के 63, कांग्रेस के 42, एनसीपी के 41, शेकाप के 3, बहुजन विकास आघाडी 3, अपक्ष 7, एमआयएम 2 तो वहीं सपा, रासपा, मनसे और कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया के एक-एक विधायक हैं। उम्मीदवारों को जीतने के लिए 145 का आंकडा पार करना पड़ता है। लेकिन विपक्ष के 9 मत फुटने के कारण लाड को अपेक्षा से अधिक 209 मत मिले। हालांकि शिवसेना के अर्जुन खोतकर की विधायकी हाईकोर्ट ने रद्द किया है, जिसके कारण उनको मतदान का अधिकार नहीं था, तो वहीं एनसीपी के विधायक छगन भुजबल मतदान के लिए नहीं आए।
 
--------कोई मुझपर कार्रवाई करने की हिम्मत तो करो तब देख लूंगा
 
कांग्रेस के विधायक निलेश राणे ने कहा कि इस चुनाव में क्रांस वोटिंग किसे गया है, यह स्पष्ट हो गया है। मैं नारायण राणे का कार्यकर्ता हूं। मेरा मत किसे गया यह जग जाहिर है। कोई मुझपर कार्रवाई करने की हिम्मत तो करो, तब देख लूंगा।

--------- मैंन लाड को अपना मत दिया

अण्णाभाऊ साठे महामंडल के घोटाले के आरोपी और कारागार से मतदान के लिए आए एनसीपी से निलंबित विधायक रमेश कदम ने खुल्मखुल्ला बताया कि मैंने अपना मत प्रसाद लाड को दिया है। इसके लिए मुझपर किसी का दबाव नहीं था।