औरंगाबाद के शिवसेना एमएलए ने बीजेपी पर लगाया गंभीर आरोप, बीजेपी दे रही है 5 करोड़ रुपये
20 Nov 2017
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मुंबई, 15/11/2017
केंद्र और राज्य में बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना पहले से ही बीजेपी पर आरोप लगाती रही है, लेकिन अब बीजेपी और शिवसेना के बीच सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है, ये बात तो पार्टी के सुप्रीम लीडर उद्धव ठाकरे और शिवसेना के अनेक नेतओं के बार-बार दिए गए बयान से जाहिर था, लेकिन अब तो दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते इस हद तक पहुंच गए हैं कि विधायकों की खरीद-फरोख्त और उसे तोडऩे तक के इल्जाम लगने लगे हैं। जी हां, औरंगाबादा से शिवसेना के विधायक हर्षवर्धन जाधव का कहना है कि बीजेपी उनकी पार्टी के विधायकों को पांच-पांच करोड़ रुपये का लालच दे रही है। शिवसेना विधायक का ये भी कहना है कि बीजेपी 25 विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। इस उठा-पटक ने अब बीजेपी और शिवसेना के झगड़े ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। शिवसेना के एक विधायक ने बीजेपी पर पार्टी तोडऩे का आरोप लगाया है।
कभी बड़े भाई की थी शिवसेना की हैसियत
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कभी शिवसेना की हैसियत बड़े भाई की थी, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव के नतीजों ने तस्वीर बदल दी और बीजेपी का कद काफी बड़ा हो गया। 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा और बीजेपी ने सीटों के लिहाज से लंबी छलांग लगाई। 288 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 122 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि शिवसेना 63 सीटों पर ही सिमट गई। हालांकि, विधानसभा चुनाव के बाद लंबी खींचतान के बाद दोनों पार्टियों ने साझा सरकार बनाई और अभी सूबे में शिवसेना के समर्थन से सरकार चल रही है। विदित हो कि दल बदल कानून के तहत किसी पार्टी से अलग होने के लिए उस पार्टी के कुल विधायकों की संख्या का दो तिहाई का साथ होना जरूरी है। ऐसे में अगर शिवसेना का कोई विधायक पार्टी से बगावत करना चाहता है और विधायक भी बना रहना चाहता है तो उसे कम से कम एक साथ 44 विधायकों की जरूरत पड़ेगी।