सबसे अमीर महापालिका का बजट हुआ पेश

 03 Apr 2017  969
मुंबई: देश की सबसे अमीर मुंबई महानगर पालिका ने बुधवार को 25 हजार एक सौ इकतालीस करोड़ रुपये का आर्थिक बजट पेश किया। पिछले साल की तुलना में यह बजट 11 हजार 911 करोड़ रुपये कम है। साल 2016-17 में यह बजट लगभग 37 हजार करोड़ रुपये का था। गौरतलब है कि बीएमसी द्बवारा आर्थिक बजट को कम करने के साथ-साथ इसमें पारदर्शी लाने की पूरी कोशिश की गई है। जिसके तहत मुंबईकरों पर किसी भी टैक्स बढ़ोतरी नहीं की गई है, साथ ही बीएमसी द्वारा मुंबईकरों पर किसी भी नए टैक्सेस का बोझा नहीं बढ़ाया गया हैं। बीएमसी कमिश्नर अजोय मेहता ने आर्थिक बजट 2017-18 को पेश करते हुए कहा कि इस साल का बजट अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने वाला है। बजट में मुंबईकरों की मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। 
 
- बजट की कुछ खास बातें 
 
1. कोस्टल रॉड के लिए हजार करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। 
2. मीठी रिवर को प्रदुषण मुक्त करने के लिए 25 करोड़ आवंटित किया गया है, जिसमें वाटर प्यूरिफिकेशन भी शामिल है। 
3. देवनार बूचड़खाने को मिला 57 करोड़।
4. BMC ने बजट में साढ़े 3 करोड़ रुपये cctv सिस्टम के लिए दिए।
5. अस्पतालों की सुरक्षा बढ़ने के लिए 15.11 करोड़।
6. सड़क और यातयात के लिए 1 हजार 8 सौ 83 करोड़।
7. हेल्थ सेवा के लिए 3311 करोड़ रुपये।
8. BMC के बड़े अस्पतालों को 1 हजार 94 करोड़।
9. मेडिकल कॉलेजेस को 336 करोड़।
10. वाटर ऑपरेशन डिपार्टमेंट को 2 हजार 2 सौ 49 करोड़।
11, गोरेगांव मुलुंड जोड़रास्ता 130 करोड़।
12, शिक्षा पर 2311 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।
13, उद्यानों के लिए 13 करोड़ 30 लाख।
14, मलनिसारण योजना के लिए 444 करोड़।
15, जलविभाग के लिए 194 करोड़ रुपये।
16, रायफल क्लब को 50 लाख।
17, भाऊदाजी लाड के लिए 7 करोड़।
18, सुरक्षा विभाग का आधुनिकीकरण करने के  लिए 15 करोड़। 
19, कामगार विभाग को 12 करोड़ 67 लाख।
20, आपातकालीन विभाग 11 करोड़ 75 लाख।
21, पीएनजी गैस योजना 1 करोड़।
22, बीएमसी मुख्यालय की मरम्मत के लिए 10 करोड़। 
23, इमारत परिरक्षण 320 करोड़।
24, फायर ब्रिगेड विभाग के लिए 195 करोड़। 
25, बाजारों के विकास के लिए 75 करोड़।
26, वीरमाता जिजाबाई भोसले उद्यान व प्राणी संग्रहालय के लिए 50 करोड़।
27, खुले नालों को बंद करने के लिए 9 करोड़।
28, सिवरेज पाइपलाइनों के लिए 475 करोड़।
29, घनकचरा व्यवस्थापन  के लिए 2122 करोड़।
30, बिजली विभाग के लिए 15 करोड़।