बजट पास कराने के लिए गिनकर निलंबित किए विधायक: चव्हाण

 27 Mar 2017  776
वरिष्ठ संवाददाता, मुंबई 
 
 
राज्य सरकार ने बजट पास करवाने के लिए विपक्षी विधायकों को जानबूझ कर गिन कर निलंबित किया है। यह आरोप पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने सरकार पर लगाया है। चव्हाण ने कहा कि राज्य में किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर कांग्रेस व राकांपा विधायक पहले से ही आक्रामक हैं। किसानों की आत्महत्या से जुड़ी इस मांग का समर्थन करते हुए शिवसेना भी आक्रामक होकर सरकार के विरोध में कूद गई है। इससे पहले शिवसेना ने बजट का भी विरोध करने का मानस दिखाया था, लेकिन अध्यक्ष के कहने पर बजट पेश करते समय शिवसेना इस मामले में तटस्थ हो गई थी। हालांकि शिवसेना की ओर से कहा गया था कि जब तक किसानों की कर्जमाफी की घोषणा नहीं की जाती है, उनका सरकार के विरोध का आंदोलन जारी रहेगा। चव्हाण ने कहा कि इस तरह भाजपा व समर्थक दलों की विधायक संख्या 133 और शिवसेना के साथ विपक्षी विधायकों की संख्या बढ़कर 146 तक पहुंच रही थी। चव्हाण ने कहा कि इससे पहले राज्य सरकार 21 विधायकों को निलंबित करने वाली थी, लेकिन जब उसे पता चला कि उसका काम 19 विधायकों के निलंबन से ही पूरा हो जाएगा तो सरकार की ओर से लिस्ट में नाम होते हुए भी नीतेश राणे व वीरेंद्र जगताप को निलंबित नहीं किया गया। अब अगर शिवसेना बजट का विरोध भी करती है तो शिवसेना, कांग्रेस व राकांपा विधायकों की संख्या विधानसभा में सत्तापक्ष के 133 विधायकों की तुलना में मात्र 127 रह जायेगी। विधानसभा में राकांपा नेता जयंत पाटील ने कहा कि राज्य सरकार के बजट को पास करने से पहले विपक्ष कटमोशन लाने वाला था। इस मोशन में शिवसेना विपक्ष के साथ रहने वाला था। विपक्ष की इसी रणनीति को समाप्त करने के लिए सत्ता पक्ष ने विपक्ष के 19 विधायकों को नौ माह के लिए निलंबित कर दिया। हालांकि इस मामले में शिवसेना ने मुख्यमंत्री से मिलकर विपक्षी विधायकों के निलंबन पर विरोध जताया है। उधर बुधवार शाम को इस मुद्दे पर विपक्षी नेता राज्यपाल से मिलने वाले हैं।