महाराष्ट्र सरकार ने पेश किया 2017-18 का बजट, कर्ज माफी को लेकर विपक्ष ने किया हंगामा

 23 Mar 2017  430
वरिष्ठ संवाददाता, मुंबई 
 
शनिवार को महाराष्ट्र प्रदेश का साल 2017-18 का बजट पेश किया गया। जिसे वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने विधानसभा में तो वहीं वित्तराज्य मंत्री दिपक केसरकर विधान परिषद में पेश किया। बजट के दौरान विपक्ष ने किसानों की कर्ज माफी को लेकर सदन में हंगामा किया। गौरतलब है कि शनिवार को दोपहर 2 बजे वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने विधानसभा के पटल पर साल 2017-18 का बजट रखा। उन्होंने बजट पर जैसे ही भाषण शुरू किया विपक्ष (कांग्रेस, एनसीपी के विधायकों ने) किसानों की कर्ज माफी करने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कई कांग्रेसी नेताओं ने अपने हाथ में सरकार विरोधी पोस्टर लेकर अपनी ही सीट पर खड़े होकर नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक शशिकांत शिंदे और जयकुमार गोर का नाम लेकर उन्हें अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा।
 
बजट की खास बातें..
 
- 2017-18 बजट में सिंचाई परियोजना के लिए 8,233 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- राज्य में सड़कों के सुधार के लिए 7,000 करोड़ रुपये आवंटित।
- रामई आवास योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए 55,000 घरों का निर्माण। इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
- राज्य में आंगनवाड़ी में बच्चों के पोषण के लिए 310 करोड़ रूपए दिए गए हैं।
- महाराष्ट्र में बंदरगाह विकास के लिए 70 करोड़ रुपये।
- सीएम ग्राम सड़क योजना के लिए 1,640 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 570 करोड़ रुपये।
- महात्मा गांधी ईजीजीएस योजना के तहत कुओं, तालाबों के लिए 225 करोड़ रुपए।
- जलयुक्त शिवार योजना के लिए 1200 करोड़ रुपये।
कृष्णा-मराठवाड़ा परियोजना का पहला चरण जल वितरण अगले 4 सालों में पूरा हो जाएगा। इस परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान।
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचई योजना के अंतर्गत 26 परियोजनाओं के लिए 2,812 करोड़ रुपये आवंटित।
- जल संसाधन विभाग के लिए 8,233 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- 2021 तक किसानों की उत्पादकता को दोगुना करने के लिए कृषि क्षेत्र में निवेश होना चाहिए।
- महाराष्ट्र में आईटीआई की सहायता के लिए 99 करोड़ रुपये अलग रखा गया है।
- समुदाय खेती, किसानों के विकास और किसान उत्पादक कंपनियों की स्थापना के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से रखा गया है।
- किसानों को अपने उत्पाद बेचने और भंडारण की सुविधा में सुधार और वैकल्पिक बाजार विकसित करने के लिए 50 करोड़ रुपये अलग से रखा गया है।
- नए प्रस्तावित ओबीसी मंत्रालय के लिए 2,384 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
- विदर्भ में नवेगाव, नागजीरा और उमरेड करंदला जैसे बाघ परियोजनाओं में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 80 करोड़ रुपये अलग रखा गया है।
- राज्य में मेडिकल कॉलेजों के विकास और विस्तार के लिए 55 9 करोड़ रुपये का बजट।
- औरंगाबाद में एक कैंसर शोध केंद्र की स्थापना के लिए 126 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
- 'राजीव गांधी स्वास्थ्य ग्राह योजना' का नाम बदलकर 'महात्मा ज्योतिबा फुले जन रोजोग्य योजना' का नाम दिया जाएगा। महात्मा फुले जननोग्य योजना के लिए 1,316 करोड़ रुपये की राशि तय की गई।
- स्मार्ट शहरों के लिए 1600 करोड़ रुपये की परियोजना का प्रस्ताव है।
- नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित।
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचई योजना के तहत 26 परियोजनाओं के लिए 2,812 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- मुंबई परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए मेट्रो रेल परियोजना के लिए 710 करोड़ रुपये।
- मराठवाड़ा और विदर्भ में बिजली दरों में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये को अलग रखा गया है।
- जल संसाधन विभाग द्वारा किए गए सिंचाई परियोजनाओं के लिए 8,233 करोड़ रुपये।