विपक्ष ने किया दोनों सदन में हंगामा

 22 Mar 2017  814
किसानों का कर्जा माफ नहीं किए जाने पर सदन की कार्यवाही हुई स्थिगित
 

वरिष्ठ संवाददाता, मुंबई 
 
महाराष्ट्र विधान सभा व विधान परिषद का कामकाज विपक्ष किसानों की कर्जमाफी की मांग को लेकर नहीं चलने दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा था कि कर्जमाफी के बाद अगर किसान आत्महत्या करेंगे तो क्या विपक्ष जिम्मेदारी लेगा। इसका उत्तर देते हुए विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा है कि हां! उसकी जवाबदारी हम लेंगे। यही नहीं उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक किसानों का कर्जा माफ नहीं होता, तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानमंडल का दोनों सत्र किसानों की कर्जमाफी की भेंट चढ़ चुका है। सत्ता में सहयोगी शिवसेना व विपक्ष दोनों ही सदन में कामकाज नहीं होने दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को सदन में विपक्ष से सवाल करते हुए कहा था कि पांच वर्ष में कर्जमाफ होने के बाद भी 16 हजार किसानों ने आत्महत्या की है। कर्जमाफी के बाद किसान आत्महत्या नहीं करेेंगे, ऐसी जिम्मेदारी क्या विपक्ष लेगा ? साथ ही उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है। इस पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने मुख्यमंत्री के सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि आप किसान का कर्जमाफ करिए वे आत्महत्या नहीं करेंगे। यही नहीं उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक किसानों का कर्जा माफ नहीं होता, तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा। बताया जाता है कि किसानों ने एक लाख 14 रुपये करोड़ कर्ज लिया है और समय सीमा बीत जाने के बाद किसानों द्वारा कर्ज राशि नहीं भरने के कारण यह अब यह 31 लाख 57 हजार करोड़ रुपये हो गया है। कर्जमाफी के लिए 30 हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ेगी। यदि पूरी राशि का प्रयोग कर्जमाफी के लिए किया गया तो विकास काम ठप पड़ जाएगा।