टोल वसूली के समय का विस्तार कर सकती है सरकार

 07 Dec 2016  975
वरिष्ठ संवाददाता, मुंबई

नोटबंदी के पश्चात 9 नवंबर से 2 दिसंबर तक के लिए टोलमाफी की घोषणा के बाद टोल नाका ठेकेदारों के नुकसान की भरपाई करके देने के लिए सरकार उन ठेकों की अवधि में विस्तार करने का विचार कर रही है। उल्लेखनीय है कि तीन सप्ताह तक टोल वसूली बंद होने से ठेकेदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आज रात से ही जहां टोल वसूली शुरू हो गई, जिसके चलते अब सरकार टोलवसूली की अवधि भी बढ़ा सकती है। इसी के साथ टोल नाकों पर छुट्टे की समस्या को देखते हुए 5 रुपए से लेकर 100 रुपए तक के कूपन की व्यवस्था कराई गई है। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद राज्य के 65 टोल नाकों पर टोल वसूली का काम बंद हो गया था। बताया जाता है कि राज्य में प्रतिदिन साढे छह करोड़ रुपए की टोल वसूली होती है। तीन सप्ताह टोल वसूली बंद होने के कारण ठेकेदारों को कुल 125 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ठेकेदार अपने नुकसान के भरपाई की मांग सरकार से कर रहे हैं। इसलिए सरकार द्वारा पैसे बढाने की बजाय टोल वसूली के समय में विस्तार करने का विचार किया जा रहा हैं।  हालांकि 65 टोल नाकों में से 53 टोल नाकों पर बड़े वाहनों से ही टोलवसूली की जाती है और छोटे वाहनों को वैसे ही छोड़ दिया जाता है। पर मुंबई के प्रवेश द्वार सहित मुंबई पुणे एक्सप्रेस-वे पर बने 12 टोल नाकों पर प्रत्येक वाहनों से टोल टैक्स वसूला जाता है। उल्लेखनीय है कि नोटबंदी के बाद टोल माफी के लिए पांच बार घोषणा की गई थी, जिसमें 9 से 11 नवंबर, 11 से 14 नवंबर, 14 से 18 नवंबर, 18 से 24 नवंबर और 24 नवंबर से 2 दिसंबर का समावेश है। अब दो दिसंबर की रात से पुन: टोल वसूली शुरू होने जा रही है। छुट्टे पैसों की परेशानी को देखते हुए 5 रुपए से लेकर 100 रुपए तक के कूपन भी टोलनाकों पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।