इस साल महिलाओं पर हुए अत्याचार में हुई बढ़ोतरी- प्रजा फाऊंडेशन
19 Nov 2016
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बलात्कार के मामलों में 289 पर्सेंट की हुई बढ़ोतरी
जबकि छेड़छाड के मामलों में 287 पर्सेंट की हुई बढ़ोतरी
वरिष्ठ संवाददाता, मुंबई
सोमवार को प्रजा फाऊंडेशन ने मुंबई में अपनी एनुअल रिपोर्ट आन पुलिसिंग एंड ला आर्डर प्रकाशित की। जिसके मुताबिक, साल 2011-12 और साल 2015-16 के दौरान दर्ज कराए गए बलात्कार के मामलों में 289 पर्सेंट और छेड़छाड के मामलों में 287 पर्सेंट की वृध्दि हुई हैं। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति लोगों की असुरक्षा की भावना 2013 से 2016 के बीच 22 प्रसेंट से बढ़कर 33 पर्सेंट हो गई है। जबकि बलात्कार के मामलों के लिए एफआईआर से लेकर चार्जशीट के लिए औसतन समय 9.2 महीने लिया गया है। उत्तरी केंद्रीय मुंबई में अपराध की घटनाएं सबसे अधिक 9286 है। लेकिन साल 2015-16 में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायकों ने मामले पर मात्र 60 प्रश्न पूछे हैं।
प्रजा की रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस कंट्रोल रुम में 57 पर्सेंट तक स्टाफ की कमी है, जबकि जांच अधिकारियों (आई.ओज) की 11 पर्सेंट तक की कमी हैं। प्रजा फाऊंडेशन के प्रबंधक ट्रस्टी निताई मेहता ने कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा के गंभीर मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार और पुलिस विभाग के ध्यान देना चाहिए, क्योंकि साल 2013-14 में दर्ज कराए गए मामलों में साल दर साल वृद्धि होती जा रही है। जैसे कि बलात्कार 47 पर्सेंट, छेड़छाड 54 पर्सेंट थी। लेकिन अब इस साल इन आंकडों में अतिरिक्त बढ़ोतरी हुई हैं। मेहता ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जो गृहमंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। उन्हें पुलिस के सही कामकाज, जांच पड़ताल और मुंबईकर के जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए सर्वोच्च न्यायलय द्वारा सुझाए गए पुलिस सुधारों को लागू करने पर ध्यान देना चाहिए।