बीएमसी स्कूलों को है आग का खतरा

 08 Nov 2015  1764

पिछले पांच सालों से 453 इमारतों का नहीं हुआ है फायर ऑडिट
मुंबई में पिछले पांच सालों से बीएमसी स्कूलों के इमारतों का फायर ऑडिट फायर ब्रिगेड द्वारा नहीं किया गया है। बीएमसी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई में किसी भी इमारत का फायर ऑडिट साल में दो बार होना बेहद जरूरी होता है । लेकिन साल 2011 से ही मुंबई शहर और उपनगरों में स्थित करीब 453 बीएमसी स्कूलों के इमारतों का फायर ऑडिट नहीं किया गया है। हालांकि मुंबई में बीएमसी के कुल 1153 स्कूलें है,जहां करीब चार लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते है। यह मामला गंभीर होते हुए भी पिछले पांच सालों से फायर ब्रिगेड द्वारा बीएमसी के स्कूली इमारतों का फायर ऑडिट नहीं किया गया है। 
--------अग्निरोधक उपकरण भी कई सालों से नहीं किया गया रिफिलींग
विश्वनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीएमसी स्कूलों के इमारतों में लगाए गए अग्निरोधक उपकरण को पिछले चार पांच सालों से रिफिलींग ही नहीं किया गया है, जबकि इसे साल में दो बार जांच करके रिफिलींग कराने की जरूरत होती है। 
-----बीएमसी प्रशासन है अनभिज्ञ 
बीएमसी स्कूलों के इमारतों के फायर ऑडिट के बारे में जब एनबीटी ने अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने साफ- साफ कहा कि फिलहाल बीएमसी में इस मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में पूरी जानकारी मुहैया कराई जा सकती है। हालांकि एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि फिलहाल बीएमसी को ही इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, कि 453 स्कूली इमारतों का फायर ऑडिट नहीं हुआ है या पूरे 1153 इमारतों का फायर ऑडिट होना बाकी है। इसलिए फिलहाल इस मामले की सही जानकारी मुहैया नहीं की जा सकती है। 
------ कहीं फिर न हो जाए कोई बड़ा हादसा
बरसात का मौसम बेहद करीब है। लेकिन बीएमसी स्कूलों की इमारतों के फायर ऑडिट को लेकर बीएमसी के कान पर अब तक जूं नहीं रेंग रहे है। जून महीने में ही मुंबई के सारे स्कूल खुल जाएंगे। इस कारण अगर बरसात से पहले स्कूलों का फायर ऑडिट नहीं किया गया तो कहीं फिर से कालबादेवी अग्निकांड जैसा कोई बड़ा हादसा ना निर्माण हो जाए। इस कारण बीएमसी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा पर फिलहाल सवालिया निशान खड़ा हो गया है। 
--------- नहीं दिया गया है नोटिस
सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के जिन इमारतों का फायर ऑडिट नहीं किया जाता है, उन इमारतों को फायर ब्रिगेड द्वारा नोटिस दी जाती है। लेकिन फायर ब्रिगेड की ओर से ऐसे इमारतों को नोटिस नहीं दिए जाने की जानकारी मिली है। इसके बावजूद बीएमसी की ओर से संबंधित लोगों पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। 
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले कालबादेवी में भयंकर आग लगी थी, जिसमें फायर ब्रिगेड के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इसके बावजूद बीएमसी प्रशासन द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अनदेखी की जा रही है। 
कोट 
बीएमसी स्कूलों के इमारतों का फायर ऑडिट पिछले पांच सालों से नहीं हुआ है। लेकिन जल्द ही इन सारी इमारतों का फायर ऑडिट किया जाएगा। हमारी कोशिश होगी कि हम बरसात से पहले बीएमसी स्कूलों के सारे इमारतों का फायर ऑडिट करा सके। 
रमेश पवार, डेप्युटी म्युनिसिपल कमिश्नर, बीएमसी 
यह मामला बेहद संजीदा है। बीएमसी स्कूलों के इमारतों का फायर ऑडिट न जाने कितने सालों से नहीं किया गया है। इसकी जानकारी भी फिलहाल बीएमसी प्रशासन को नहीं है। बहरहाल मैंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएमसी प्रशासन से मांग किया है कि बरसात से पूर्व सारे बीएमसी स्कूलों का फायर ऑडिट होना ही चाहिए। 
रितू तावडे, शिक्षण समिति अध्यक्ष, बीएमसी