रास्तों की खुदाई से मुंबईकर परेशान

 08 Nov 2015  1257
हाल में ही बीएमसी की ओर से मुंबई के कई रास्तों पर खुदाई का काम शुरू किया गया है। खुदाई से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्तों की बुरी दशा के कारण मुंबईकरों को भारी ट्रैफिक से होकर गुजरना पड़ रहा है। मुंबई में जगह- जगह खुदाई के कारण लोगों को फिलहाल अपनी वाहनों से आवाजाही करने के लिए संकरे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसलिए मुंबईकरों में बीएमसी के खिलाफ नाराजगी का माहौल पसरा हुआ है। 
मुंबईकरों का बुरा हाल
मुंबई में जगह-जगह खुदाई के कारण रास्तों पर बैरिकेट्स लगाकर कई मार्गों में बदलाव किया गया है। इस कारण वाहनों की आवाजाही के लिए फिलहाल लिमिटेड रास्तों की व्यवस्था की गई है। परिणामस्वरूप रास्तों पर भारी ट्रैफिक की समस्या निर्माण होने के कारण मुंबईकरों को अपने घर और कार्योंलयों में पहुंचने के लिए काफी दिक्कतें सहनी पड़ रही है। लोग कहीं भी समय पर आवाजाही नहीं कर पा रहे है। 
50 पर्सेंट रास्तों की हालत खराब
बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में इन दिनों जगह- जगह खुदाई काम के कारण करीब 50 पर्सेंट रास्तों की हालत बद से बदतर हो गई है। हालांकि आगामी दो महीने में बरसात का मौसम भी आ जाएगा। रास्तों की खराब हालत और बरसात के कारण मुंबईकरों को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। परंतु बीएमसी द्वारा रास्तों पर किए जा रहे खुदाई के कामों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस कारण बरसात से पहले रास्तों की स्थिती में सुधार होने की कोई उम्मीद नहीं दिखाई पड़ रही है। 
बेसिक सुविधाओं के लिए हो रही है खुदाई
बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन दिनों मुंबई के रास्तों पर नए पाइपलाइनों को डालने और पुराने पाइपलाइनों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इस कारण जगह- जगह खुदाई के कार्यों को किया जा रहा है, ताकि भविष्य में लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सकें। बरसात से पहले इन रास्तों को भरने का काम पूरा किए जाने की संभावना जताई जा सकती है। 
क्या हैं पंचवर्षीय योजना
अधिकारी ने आगे बताया कि हाल में ही बीएमसी द्वारा मुंबई को गड्ढा मुक्त करने का फैसला लिया गया। इसके तहत बीएमसी ने पंचवार्षिक योजना कार्यक्रम को लागू करने की योजना बनाया है। इस योजना के तहत आगामी जनवरी 2016 तक मुंबई को गड्ढा मुक्त करने की तैयारी की गई है। हालांकि बीएमसी ने इस योजना को पूरा करने के लिए करीब साढ़े सात हजार करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। योजनानुसार चर्चगेट से दहीसर और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से मुलुंड तक आने वाले करीब 300 रास्तों का क्रंकीटीकरण व डांबरीकरण किया जाएगा। हालांकि इस काम को धीरे-धीरे यानि कि तीन से चार चरणों में पूरा करने की संभावना जताई जा सकती है। 
तालमेल की कमी
बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, इन दिनों मुंबई के कई रास्तों पर खुदाई के काम किए जा रहे है, ताकि मुंबईकरों को सही तौर पर बेसिक सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। परंतु इस काम से संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों में ठीक से तालमेल नहीं होने के कारण काम को सही रूप से पूरा नहीं किया जा रहा है। खुदाई का काम पूरा होने के बाद ठेकेदारों द्वारा उस जगह पर किए गड्ढे को ठीक से नहीं भरा जा रहा है। इस कारण जगह- जगह खोदे गए गड्ढे जस के तस पड़े है। 
गड्ढा हैं बड़ी परेशानी
स्थानिक लोगों के मुताबिक, बीएमसी द्वारा जहां-जहां गड्ढा खोदा गया है, उसे भरा ही नहीं जा रहा है। इस कारण लोगों की जान पर खतरा बना हुआ है। लोग रात के समय अंधेरे में गड्ढा देख नहीं पाते है और गिर जाते है। इससे लोगों को गंभीर चोटें लग जाती है। परंतु चोट खाए हुए व्यक्तियों के लिए बीएमसी के पास कोई प्रवाधान नहीं है। इसलिए हमारी मांग है कि जहां भी गड्ढे खोदे जा रहे है उसे ठीक से भर दिए जाए।
इन रास्तों पर हो रहा काम
अब्दुल रहमान स्ट्रीट, पी़ डीमेलो रोड, मोहम्मद अली रोड, दत्ताराम लाड मार्ग, खडा पारसी जंक्शन, एऩ एम़ जोशी मार्ग, केशवराव मार्ग, बरकत अली दरगाह रोड, साइन सर्कल, दादर टीटी, साइन हॉस्पिटल जंक्शन, दोस्त एकड रोड, शिवडी कोळीवाडा रोड, जेरबाई वाडिया मार्ग, संत गाडगे महाराज मार्ग। 
कोट
मुंबई में जगह-जगह खुदाई के कारण लोगों की हेल्थ भी खतरे में है। खुदाई के कारण रास्तों पर धूल मिट्टी उड़ रही है। यह धूल मिट्टी लोगों के मुंह में जाने से उनकी हेल्थ पर खतरा बना हुआ है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएमसी को इस काम को जल्दी से जल्दी पूरा करना चाहिए, ताकि मुंबईकरों को हो रही परेशानी से उन्हें छुटकारा मिल सकें। 
देवेंद्र आंबेरकर, विपक्ष नेता, बीएमसी