बेस्ट की बसें हैं ऐक्सिडेंट करने में अव्वल
08 Nov 2015
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पिछले पांच सालों में 111 लोगों को गंवानी पड़ी अपनी जान
मुंबई में लगातार पब्लिक और निजी ट्रांसपोर्ट के कारण ऐक्सिडेंट की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। बेस्ट की बसों से हुए हादसों के प्रमाण में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके तहत पिछले पांच सालों यानि कि साल 2010 से 2014 तक बेस्ट की बसों से हुए ऐक्सिडेंट के कारण करीब 111 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, तो 842 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी मिली है। साथ ही बसों से हुए ऐक्सिडेंट के कारण कुछ लोगों को अपंग तक होना पड़ा।
बेस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बेस्ट की बसों द्वारा हर साल बड़े- बड़े ऐक्सिडेंट होते है। निजी वाहनों की तुलना में बेस्ट की बसों से हुए ऐक्सिडेंट के प्रमाण में हर साल बढ़ोतरी होती है। बसों से होने वाले ऐक्सिडेंट के कारण लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। कई बार ड्राईवर की लापरवाही के कारण ऐक्सिडेंट होता है। लेकिन इसका खामियाजा बस में सवार कर रहे यात्रियों और राहगीरों को उठाना पड़ता है। इतना ही नहीं ऐक्सिडेंट में शिकार पीड़ित व्यक्ति के घरवालों को मुआवजा पाने के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है।
- संकरे रास्ते और ट्रैफिक है ऐक्सिडेंट की वजह
अधिकारी ने आगे बताया कि मुंबई के रास्तों पर ऐक्सिडेंट होने का सबसे बड़ा कारण ट्रैफिक और संकरे रास्ते है। पिछले कई सालों से बेस्ट विभाग ने राज्य सरकार और बीएमसी से ट्रैफिक और संकरे रास्तों को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है। परंतु अब तक इन दो बड़ी समस्याओं पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। हालांकि ट्रैफिक जैसी गंभीर समस्या को अगर काबू किया जाए तो मुंबई में ऐक्सिडेंट के मामले कम हो सकते है।
नियमों की अनदेखी
अधिकारी के मुताबिक, मुंबई में निजी वाहन चालकों की लापरवाही के कारण भी ज्यादातर ऐक्सिडेंट होते है। हालांकि परिवहन विभाग की ओर से वाहन चालकों के लिए कुछ नियम (योग्य निर्देश) लागू किए गए है। परंतु निजी वाहन चालकों की ओर से नियमों की अनदेखी की जाती है। इसके कारण भी मुंबई में ऐक्सिडेंट के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
कब कितना हुआ ऐक्सिडेंट
साल मेजर हादसे गंभीर हादसे जानलेवा हादसे (मृत)
2009-10 43 210 19
2010-11 47 202 19
2011-12 26 148 17
2012-13 30 163 31
2013-14 31 119 25