मुंबई में हुई जोरदार बारिश के कारण बढ़ी लोगों की परेशानी, यातायात हुआ ठप
01 Jul 2019
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►पहली बारिश ने खोली बीएमसी के दावों की पोल
मुंबई,(01 जुलाई 2019)- मुंबई में हो रही लगातार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम ली है। जन जीवन पूरी तरह से ठप हो चुका है। सड़क हो या रेलवे ट्रैक, हर जगह पानी में डूबा हुआ है। यहां तक कि कई इलाकों में घरों में पानी भर गया है। बारिश के कारण जहां तमाम ट्रेनें ठहर गई हैं, वहीं 52 फ्लाइट्स को कैंसल करना पड़ा है. अगले कई घंटे भी भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में सरकार ने सार्वजनिक अवकाश का ऐलान करते हुए लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। शहर में सिर्फ आपात सेवाएं ही चालू हैं। मुंबई के मालाड इलाके में रातभर मूसलाधार बारिश के कारण एक परिसर की दीवार ढहने से 21 लोगों की मौत हो गई और अन्य कई लोगों के घायल होने की जानकारी हैं। एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि घटना देर रात करीब दो बजे हुई, जब पूर्वी मलाड इलाके के पिम्परीपाड़ा स्थित एक परिसर की दीवार ढह गई और पास की झुग्गियों में रहने वाले लोग उसकी चपेट में आ गए। अधिकारियों ने बताया कि वहां रहने वाले 21 लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि मूसलाधार बारिश होने और उससे रेल तथा सड़क परिवहन प्रभावित होने के कारण मुंबई में सिर्फ आपात सेवाएं ही चालू रहेंगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मूसलाधार बारिश के पूर्वानुमान के बाद स्थानीय निकाय ने लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। सोमवार सुबह से मुंबई के कई हिस्सों में करीब 100 मिलीमीटर बारिश हुई है।भारी बारिश के चलते एयरपोर्ट पर रनवे पानी में डूब गया है। इसके चलते 52 फ्लाइट को कैंसल करना पड़ा है, जबकि 54 फ्लाइट डाइवर्ट की गई हैं। भारी बारिश में किसी तरह की संभावित अनहोनी को रोकने के लिए इंडियन नेवी के जवान रात से ही लगे हुए हैं। NDRF, फायर ब्रिगेड और नौसेना की मदद से करीब 1000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। मालाड में दीवार गिरने से 21 की मौत, मरने वालों में 2 बच्चे और एक महिला भी शामिल है। देवेंद्र फड़णवीस ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवार के प्रति संवेदना जताई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने 5 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है। महाराष्ट्र सरकार ने 2 जुलाई को मुंबई, नवी मुंबई, थाणे और कोंकण इलाके के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अवकाश घोषित किया है। मुंबई में सोमवार (1 जुलाई) को सुबह भारी बारिश हुई और इसके बाद शहर में कई स्थानों पर पानी भर गया जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम भी हुआ और ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। हालांकि निकाय प्रशासन जगह-जगह जल भरने की जिम्मेदारी नहीं लेना चाह रहे हैं। नगरपालिका आयुक्त प्रवीण परदेशी ने बताया कि दो दिनों में 540 मिमी बारिश हुई जो पिछले एक दशक में दो दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है। मौसम विभाग ने आसपास के इलाकों ठाणे और पालघर में दो, चार और पांच जुलाई को 'बेहद भारी बारिश की आशंका जाहिर की है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने बताया कि मुंबई में तीन जुलाई से पांच जुलाई के बीच 'बाढ़' का गंभीर खतरा है । इस दौरान 200 मिमी या इससे ज्यादा बारिश हर दिन होगी, जो कि आम जनजीवन में बाधा पहुंचाएगी। निकाय अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को रात 10 बजकर 54 मिनट पर 3.84 मीटर तक ऊंची लहरें उठेंगी। उन्होंने लोगों से इस दौरान समुद्र के निकट नहीं जाने की चेतावनी दी है। यह ऊंची लहरें पृथ्वी और चांद के बीच गुरूत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से है। वेस्टर्न घाट सेक्शन के करजात और लोनावाला के बीच सोमवार को तड़के एक मालवाहक ट्रेन पटरी से उतर गई जिससे पुणे और पश्चिमी महाराष्ट्र की ओर जाने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ।