बजट लीक करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने किया सदन में जोरदार हंगामा
18 Jun 2019
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मुंबई, (18 जून 2019)- विधानमंडल के दोनों सदनों से विपक्ष ने बजट लीक होने का आरोप लगाते हुए पहले हंगामा और फिर सदन से बहिर्गमन किया। विपक्ष ने कहा कि विधानसभा में बजट पेश किए जाने से पहले ही राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के ट्विटर हैंडल पर बजट लीक हो गया। विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि यह विधायकों का 'अपमान' है और उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुनगंटीवार माफी मांगें। विधानसभा में राकांपा विधायक अजित पवार ने संवाददाताओं से कहा, 'हम 15 साल तक सत्ता में थे, लेकिन बजट कभी लीक नहीं हुआ। अब बजट को हमारे सामने पढ़े जाने से पहले ही वित्त मंत्री के ट्विटर अकाउंट पर विज्ञापन के साथ बजट के प्रावधान पोस्ट किए गए।' उन्होंने कहा, 'इसका अर्थ है कि मंत्री के ट्विटर अकाउंट को देख रही टीम के पास इसकी जानकारी थी। इसका मतलब यह हुआ कि बजट पहले उन्हें लीक हुआ। यह सदस्यों का अपमान है। मुनगंटीवार और फडणवीस को माफी मांगनी चाहिए।' कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने पवार का समर्थन किया और कहा, 'यदि किसी अन्य देश में बजट लीक होता, तो वहां के वित्त मंत्री ने इस्तीफा दे दिया होता। विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि मुनगंटीवार और राज्य वित्त मंत्री दीपक केसरकर को इस्तीफा दे देना चाहिए। दोनों सदनों में विपक्ष के विधायकों ने 'लीक' के विरोध में सदन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। केसरकर जब ऊपरी सदन में बजट पेश करने के लिए उठे तो मुंडे ने अपना मोबाइल फोन उठा कर दिखाया और उससे बजट की कुछ जानकारियां पढ़ी। उन्होंने दावा किया कि ये जानकारियां मुनगंटीवार के ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की गई थीं। इस मामले पर हंगामे के बाद विधान परिषद के सभापति रामराजे नाईक निंबालकर ने 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही पुन: आरंभ होने पर भाजपा सदस्य एवं प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि वह निंबालकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे।