सरकारी कार्यालयों के लिए सौर ऊर्जा  का उपयोग करेंगे - राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल

 17 Jun 2019  429

मुंबई, (17 जून 2019)- बिजली की बचत के लिए सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण पर्याय हैं. भविष्य में महाराष्ट्र के सभी सरकारी कार्यालयों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा, ऐसा राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने आज यहां बताया।हॉटेल ट्रायडंट में आज स्कोपिंग मिशन फॉर सोलार रुफटॉप कार्यशाला के उद्‌घाटन अवसर पर वे बोल रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि, सौर ऊर्जा का उपयोग समय की जरूरत है. इससे पानी और कोयले की बड़े पैमाने में बचत होगी. साथ ही पर्यावरणपूरक बिजली की उपलब्धता के कारण कार्बन उत्सर्जन में बड़े पैमाने में कमी होकर करोड़ो रुपयों की आर्थिक बचत होगी.  राज्य की महानगरपालिका और नगरपालिकाओं ने पथदीपों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करना आवश्यक है। औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर ऐसी ऊर्जा निर्माण की जाए तो पर्यावरण की हानि नहीं होगी. तथा नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी परिणाम नहीं होगा। पेट्रोल- डीजल के वाहनों का उपयोग धीरे धीरे कम करना होगा, इसके लिए विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक व्हेईकल के उपयोग के बारे में जनजागृति करनी हैं. राज्य सरकार द्वारा 5 इलेक्ट्रिक वाहन प्रायोगिक तत्वपर खरीद लिए हैं. जल्द ही सरकारी कार्यालयों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिया जाएगा. वाहनों की चार्जिंग के लिए रास्तों पर जगह जगह  चार्जिंग पॉईंट खड़े किए जाएंगे, इसका लाभ सभी आम नागरिकों को होगा, ऐसा भी पाटिल ने बताया। राज्य सरकार की ओर से किसानों को बडे पैमाने पर सौर पंप दिए है, इससे बिजली की बड़े पैमाने पर बचत हुई है.  सौर ऊर्जा का उपयोग केवल सरकारी कार्यालय ही नहीं बल्कि आम नागरिकों द्वारा भी किए जानेपर आर्थिक बचत के साथ साथ पर्यावरण का रक्षण भी होगा, ऐसा बताकर पाटिल ने आगे कहा कि, लगभग 5 हजार सार्वजनिक इमारतों पर सौर पॅनल लगवाए गए हैं. अब सरकार की ओर से इसका मुआयना किया जा रहा है.  अबतक राज्य के सरकारी इमारतों में इसके जरिये 39 फीसदी तक ऊर्जा बचत की हैं। ईईएसएल (एनर्जी एफिशिअन्सी सर्व्हिसेस लि.) की ओर से संपूर्ण महाराष्ट्र में 2017 से बिल्डींग एनर्जी एफिशिअन्सी चलाया जा रहा है. इस उपक्रम के माध्यम से राज्यभर में बिजली का किफायती रूप में उपयोग करनेवाले 7 हजार एसी,11 लाख  एलईडी बल्ब, 6 लाख फैन और 14 हजार पथदिप बदले जाएंगे, इससे 10 करोड़ युनिट बिजली की बचत होगी। इस कार्यशाला में ईईएसएल के अध्यक्ष राजीव शर्मा, व्यवस्थापकीय संचालक सौरभ कुमार, सार्वजनिक निर्माण और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।