स्मार्ट मुंबई में शून्य कचरा मुहिम की योजना पर लापरवाही
28 Oct 2015
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मुंबई: बीएमसी प्रशासन और राज्य सरकार ने मुंबई को स्मार्ट सिटी बनाने का मन बनाया है,लेकिन मुंबई में सालों से हो रही कचरे की गंभीर समस्या को सुलझाने में बीएमसी प्रशासन को अब तक कोई सफलता नहीं हासिल हुई है। मुंबई से प्रतिदिन जमा करके डंपिंग ग्राऊंडस पर भेजे जाने वाले कचरे को कम करने के लिए बीएमसी प्रशासन ने 24 वॉर्डों में कचरा प्रक्रिया केंद्र और खाद निर्मिती केंद्र बनाया था, लेकिन अब बीएमसी द्वारा बनाया गया कचरा प्रक्रिया केंद्र अब भंगार की दुकानें बन चुकी है। मुंबई में शून्य कचरा मुहिम की योजना पर लगातार बीएमसी द्वारा लापरवाही की जा रही है। बता दें कि बीएमसी प्रशासन ने मुंबई में शून्य कचरा मुहिम योजना शुरु की थी, ताकि मुंबई को स्वच्छ रखा जा सकें। हालांकि बीएमसी ने योजना को अमली जामा तो पहना दिया, लेकिन मुंबई में शून्य कचरा मुहिम की योजना को सफल बनाने में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई।
बीएमसी घनकचरा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीएमसी द्वारा मुंबई में शून्य कचरा मुहिम लागू करने के लिए 24 वॉर्डों में प्रक्रिया केंद्र बनाई गयी है। मुंबई से कचरा एकत्रित करके बीएमसी प्रशासन द्वारा तय गई संस्थाओं को सौंपना पड़ता हैं। बीएमसी द्वारा प्राप्त कचरों का वर्गीकरण करके इन संस्थाओं को करना पड़ता है। हालांकि इन संस्थाओं को किसी भी प्रकार का कोई खर्च नहीं करना पड़ता है। इसके बावजूद बीएमसी द्वारा बनाई गई इन प्रक्रिया केंद्रों पर पानी की बॉटल और प्लास्टिक पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रक्रिया नहीं की जाती है, जिसके कारण प्रक्रिया केंद्र अब भंगार की दुकानें बन चुकी है।
क्या है घनकचरा विभाग की वास्तविकता
1, हर रोज जमा होने वाला कचरा- साढ़े सात हजार मेट्रिक टन
2, घनकचरा विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या- 31,765
3, बीएमसी की वाहनें - 337
4, ठेकेदारों के वाहनों की संख्या - 1872
5, कचरे के लिए बीएमसी का बजट -1445.27 करोड़ रुपये
कचरे में से निकलने वाला पदार्थ
1, कागज और कार्डबोर्ड- 15 पर्सेंट
2, प्लास्टिक - 75 पर्सेंट
3, धातू -80 पर्सेंट
4, मिट्टी -10 पर्सेंट