मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट के नागरिकों ने जताई खुशी
मुंबई, (26 अप्रैल 2019)- मुंबई में लोकसभा चुनाव 2019 के चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को है। एसे में चुनावी प्रचार पूरे उफान पर है। मुंबई की छह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के बीच में तूफान मचा हुआ हैं, जिसके बीच मेट्रो हलचल की टीम ने मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट का जायजा लिया। यह वह सीट है, जिसपर सबकी नजरें टिकी है। इस क्षेत्र से कांग्रेस के संजय निरूपम का मुकाबला शिवसेना के गजानन किर्तीकर के साथ हैं। हालांकि इस सीट पर संजय निरूपम का पलड़ा भारी दिख रहा हैं। इस चुनावी सफर में निरूपम के साथ पूरा उत्तर भारतीय समाज मजबूती से खड़ा हैं। फेरीवाले की समस्याओं को लेकर केंद्र से लेकर राज्य सरकार और जमीनी स्तर पर आवाज उठाने वाले एकमात्र अपने नेता को जीताकर लोकसभा (संसद) में भेजने की तैयारी इस क्षेत्र के फेरीवालों ने भी कर लिया हैं। इस क्षेत्र की जिस-जिस गल्ली में संजय निरूपम का चुनावी प्रचार रैली, काफिला गुजर रहा है, वहां-वहां लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा है, जोगेश्रवरी,अंधेरी पूर्व-पश्रिचम, गोरेगांव, आरे कालोनी, अप्पा पाड़ा हो वहां हजारों की संख्या में रहने वाले उत्तरभारतीयों ने संजय निरूपम को जीताकर देने का वादा किया, और अपनी समस्याओं पर चर्चा कर उनसे सुलझाने का वादा लिया। इसके साथ ही टैक्सी, आटो वाले, चाय वाले, तबेलों में रहने वाले, छोटी-मोटी दुकान चलाने वाले, सब्जी की दुकान, टैंपों वाले सब लोग एक स्वर में बोल रहे है कि संजय निरूपम के रूप में हमारी समस्याओं को सुलझाने वाला गरीब जनता आवाज बनकर संसद में हमारे समस्याओं को उठाने वाला हमें हमारा सांसद मिल गया हैं। इसलिए इस सीट से संजय निरूपम की जीत पक्की है। इस क्षेत्र के रहिवासियों का कहना है कि मौजूदा सांसद गजानन किर्तीकर अपनी निजी जिंदगी में ही परेशान है, वह आम जनता की समस्या को क्या दूर करेंगे, उनसे चार कदम की दूरी अपने पैर पर चलकर तय नहीं की जाती हैं, तो वह संसद में जाकर हमारी आवाज को क्या बुलंद करेंगे। हमें हमारे का सांसद चाहिए, जो हमारी रोजर्मरा की समस्याओं समेत, पानी की समस्या, बिजली बिल, ट्रैफिक की समस्या, चाल की जगह इमारतों में घर देने, बेरोजगारी हटाएं। इन सारी समस्याओं को दूर करने की एकमात्र गारंटी संजय निरूपम हैं। इसलिए हम संजय को जीतकर लोकसभा में पहुंचाएंगे। वैसे संजय निरूपम को इस क्षेत्र छोटे वर्ग से लेकर बड़े वर्ग जैसे इंजिनियर, डाक्टरर्स, व्यापारियों, उत्तर भारतीय समाज से साथ-साथ मराठी वोटर्स का भी समर्थन मिल रहा है। हालांकि जहां-जहां संजय निरूपम स्वयं नहीं पहुंच पा रहे है, वहां-वहां उनके महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस और मुंबई कांग्रेस के पदाधिकारी पहुंचकर उनका प्रचार जोरों-शोंरो से कर रहे हैं। बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने एक होकर संजय निरूपम जीत दिलाने की तैयारी कर ली है। सबसे ज्यादा उत्तरभारतीय समाज ने संजय निरूपम के प्रचार के लिए जगह-जगह अपने खर्चों से लिटी-बाटी कार्यक्रम, बिरहा के कार्यक्रम का आयोजन करके लोगों को एक जगह इक्ट्ठा कर रहे है, ताकि अपने बीच के जमीन से जुड़े लोकसभा के उम्मीद्वार संजय निरूपम को जीताकर आम जनता की समस्याओं को दूर कर सकें। संजय निरूपम के प्रचार में छोटे से लेकर बड़े वर्ग के लोग, महिलाओं,बच्चों समेत पुरूष भी अपने काम से समय निकालकर बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे है। ये लोग अब सिर्फ संजय निरूपम की जीत का परचम इस क्षेत्र से लहराना चाहते हैं। इनका कहना है कि हमारी लड़ाई सीधे तौर पर उत्तर भारतीय, मुस्लमान भाईयों की गजानन किर्तीकर के साथ है, क्योंकि गजानन किर्तीकर ने हमारे साथ जातीय भेदभाव किया। हमें यहां से भगाने की भरघोस कोशिश किया, उस समय हमारा साथ संजय निरूपम भैया ने दिया था। वो हमारी आवाज बनकर हमेशा हमारे साथ खड़े रहे है। संजय निरूपम रोज लोखों लोंगों से पदयात्रा करके व्यक्तिगत तौर पर मिल रहे है। एक समय था जब किर्तीकर ने हमें भगाने की कोशिश किया था। अब 29 अप्रैल को हम पंजे पर बटन दबाकर इन्हें देश की राजनीति से खदेड़ देंगे। वैसे बता दें कि इस समय पूरा दलित समाज, मुस्लमान, उत्तर भारतीय समाज और मराठी समाज समेत इस क्षेत्र के शिवसैनिक भी गजानन किर्तीकर से नाराज दिख रहे है। इसलिए संजय निरूपम की जात पक्की है, और वो गजानन किर्तीकर को लाखों के मार्जिन से हराकर अपनी बेहतर जीत दर्ज कराएंगे। बता दें कि संजय निरूपम ने उत्तरभारतीय ओबीसी, एंटी पूरे समाज के आरक्षण के लिए आवाज उठाया है, जिसका निवारण जल्दी ही होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही संजय निरूपम ने आरे एरिया में सालों से हो रही पानी की समस्या को दूर कर दिया है, और फिलहाल यहां के रहिवासियों को सामान्य तौर पानी मिल रहा है। जिस कारण सारे वर्ग के लोग इस लोकसभा चुनाव में संजय निरूपम को जीताने की तैयारी में लगे है, और निरूपम की जीत पक्की हैं।