►10 मेट्रो परियोजनाओं के लिए 7,400 करोड़ रुपए, पारबंदर परियोजना के लिए 3,000 करोड़ रुपए
►सूर्या व परियोजना के लिए 700 करोड़ रुपए,
►2,250 करोड़ रुपए विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय मार्ग के लिए,
►डॉ. आंबेडकर एवं बाल ठाकरे स्मारक के लिए 210 करोड़ रुपए
मुंबई,(28 फरवरी 2019)- मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की 147 वीं बैठक में महाराष्ट्र राज्य के मा. मुख्यमंत्री व प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 16,909.10 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया। इस बजट में विभिन्न परियोजनाओं के लिए अहम प्रावधान किए गए हैं। इसमें महत्वकांक्षी मूलभूत सुविधा परियोजनाओं के लिए प्रावधान करने के साथ ही लोकप्रिय नेता डॉ. बाबासाहब आंबेडकर और बाल ठाकरे के स्मारक के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। दादर में इंदू मिल कम्पाऊंड में बनाए जानेवाले डॉ. आंबेडकर और दादर के महापौर बंगले की जमीन पर बनाए जानेवाले बाल ठाकरे के स्मारक के लिए बजट में 210 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। दोनों स्मारक आज की और आनेवाली पीढ़ी के लिए निश्चित मार्गदर्शक साबित होंगे। 10 मेट्रो परियोजना के लिए बजट में 7,486.50 रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें मेट्रो भवन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान है। विभिन्न मेट्रो परियोजनाओं के लिए किए गए प्रावधान इस प्रकार हैं- वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर मेट्रो-1 (रू.98 करोड़); दहिसर से डी.एन.नगर मेट्रो-2अ (रू.1,895 करोड़); डी.एन.नगर से मंडाले मेट्रो-2ब (रू.519.60 करोड़); कुलाबा-बांद्रा-सीप्ज मेट्रो-3 (रू.650 करोड़); वडाला से कासारवडावली मेट्रो-4 (रू.1,337 करोड़); ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-5 (रू.150 करोड़); समर्थ नगर से विक्रोली मेट्रो-6 (रू.800 करोड़); अंधेरी (पूर्व) से दहिसर (पूर्व) मेट्रो-7 (रू.1,921 करोड़); गायमुख से शिवाजी चौक मेट्रो-10 (रू.5 करोड़); वडाला से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मेट्रो-11 (रू.5 करोड़) और कल्याण से तलोजा मेट्रो-12 (रू.5 करोड़)।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “ हमारा उद्देश स्पष्ट है और दृश्टिकोण सकारात्मक है। उज्वल भविष्य के लिए मेट्रो अनिर्वाय है तो उसी प्रकार आदर्श नेताओं के मूल मार्गदर्शक मंत्र को भी उतना ही ध्यान में रखना हमारे लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि “एक तरफ मूलभूत सुविधा समय की मांग है, तो महापुरूषों के स्मारक हमें अपने इतिहास और जमीन से जोड़कर रखने का काम करते हैं। इसे भूलाया नहीं जा सकता भूत, वर्तमान, भविष्य और पर्यावरण यह चार मुद्दे हमें ‘संपूर्ण विकास की ओर ले जा सकते हैं। बजट में आरे में बनाए जानेवाले मेट्रो भवन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस भवन में प्रशिक्षण केंद्र, मेट्रो संचालन व नियंत्रण केंद्र, कार्यालय, कॅफेटेरिया की तर्ज पर सात रिहायशी मंजिले होंगी। मुंबई और महानगर प्रदेश के 13 मेट्रो मार्ग का संचालन व नियंत्रण इस मेट्रो भवन से होगा। बजट में मुंबई पारबंदर परियोजना और विरार-अलीबाग बहुद्देशीय मार्ग इन दो बड़ी परियोजनाओं के लिए भरपूर प्रावधान किया गया है। पारबंदर परियोजना के लिए 3,000 करोड़ रुपए तो बहुद्देशीय मार्ग के लिए 2,250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह दोनों परियोजनाएं पर्यावण पूरक हैं, इससे ईंधन और समय की बचत होगी। सूर्या प्रादेशिक जल आपूर्ति योजना के लिए बजट में तकरीबन 704.20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत 88 कि.मी. लंबी पाइप लाइन द्वारा मीरा-भायंदर और वसई-विरार महापालिका क्षेत्र में 403 दस लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसमें से 185 दस लाख लीटर पानी वसई-विरार तो 218 दस लाख लीटर पानी मीरा-भायंदर महापालिका क्षेत्र को प्रतिदिन आपूर्ति की जाएगी। सूर्या जलापूर्ति योजना बेहद अलग है। इच्छित जगह पर पानी की आपूर्ति करने के लिए योजना में बिजली अथवा कोई खर्च न करके गुरुत्वाकर्षण का उपयोग किया जाएगा। प्राधिकरण ने और भी कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए बजट में प्राथमिकता दी है। 18.28 कि.मी. लंबी मोनो रेल का वडाला से संत गाडगे महाराज चौक तक दूसरा चरण प्राधिकरण की ओर से शीघ्र शुरू किया जाएगा। उसके लिए प्राधिकरण ने 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। मोनो रेल के अलावा अन्य कुछ परियोजनाओं के लिए किए गए धनराशि के प्रावधान इस प्रकार हैं- विस्तारित मुंबई मूलभूत सुविधा परियोजना (रू.800 करोड़, भूमि अधिग्रहण समेत); मुंबई नागरी परिवहन परियोजना (रू.500.10 करोड़); मुंबई महानगर प्रदेश के बाह्य क्षेत्र के सड़क सुधार के लिए (रू.143 करोड़ ); सांताक्रुज-चेंबूर जोड़ सड़क के लिए कुर्ला से वाकोला पुल तक विस्तारीकरण, इसी प्रकार बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स से पश्चिम दृतगति महामार्ग तक उन्नत मार्ग बनाने (रू.100 करोड़ ), पूर्व दृतगति महामार्ग के छेड़ानगर जंक्शन, घाटकोपर (पूर्व) में उन्नत मार्ग का सुधार करना (रू.75 करोड़); इसीतरह कलीना स्थित मुंबई विश्वविद्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए (रू.54 करोड़)।प्राधिकरण की बैठक के बाद महानगर आयुक्त आर.ए.राजीव संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि “केवल मुंबई ही नहीं बल्कि पूरे महानगर परिसर का ध्यान आज प्राधिकरण के निर्णय प्रक्रिया में दिखाई दिया। मेट्रो, मेट्रो भवन, सड़क विकास, जल आपूर्ति, स्मारक जैसी विभिन्न परियोजनाओं की ओर विशेष ध्यान दिया गया है। इस अवसर पर गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता, प्राधिकरण के महानगर आयुक्त आर. ए. राजीव, बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त अजोय मेहता, नगर विकास प्रधान सचिव नितीन करीर, म्हाडा के उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैसकर, झोपडपट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक कपूर, सिडको के प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्रा, उल्हासनगर महानगरपालिका के महापौर पंचम कलानी, मीरा भायंदर महानगरपालिका की महापौर डिंपल मेहता, ठाणे जिला परिषद की अध्यक्षा मंजुषा जाधव, मुंबई महानगरपालिका की स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव, नगरसेवक रवि राजा, मनोज कोटक, पेण के नगराध्यक्ष प्रीतम पाटील, उरण की नगराध्यक्षा रुपाली म्हात्रे आदि इस अवसर पर उपस्थित थे।