अंतर्गत सुरक्षा के लिए अधिक पुलिस बल की उपलब्धता के लिए विधिमंडल का बजट अधिवेशन संस्थगित- मुख्यमंत्री

 28 Feb 2019  491

►राज्य में घबराने की कोई स्थिति नहीं है

मुंबई, (28 फरवरी 2019)-देश के सीमा क्षेत्र की स्थिति ध्यान में लेकर  अंतर्गत सुरक्षा अबाधित रखने के लिए विधिमंडल के बजट अधिवेशन के लिए उपलब्ध 6 हजार पुलिस मुंबई के साथ साथ राज्य के अन्य भागों में उपलब्ध करवाने के लिए बजट अधिवेशन संस्थगित करने का निर्णय लिया गया है। राज्य में घबरानेवाली कोई स्थिति नहीं है, अधिक सावधानी बरतनी जरूरी है, ऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज विधानसभा में किया। दोनो सभागृह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवेशन संस्थगित करने के संदर्भ में भूमिका स्पष्ट की. इस संदर्भ में निवेदन करते समय मुख्यमंत्री ने कहा, जम्मू काश्मिर के पुलवामा में भारतीय जवानों पर निर्घृण हमला किया गया. इसके बाद भारतीय वायू सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकी संगठनों के अड्डों को नष्ट किया. कल भी सीमा क्षेत्र में कुछ घटनाएं घटित हुई. इस तनाव की स्थिति को ध्यान में लेकर उसे उत्तर देने के लिए भारतीय सेना सक्षम हैं. अंतर्गत सुरक्षा की अबाधित रखना महत्वपूर्ण है. आर्थिक राजधानी मुंबई शहर के साथ अन्य शहरों में हमेशा से अधिक निगरानी करने की पुलिस विभा की भावना है. घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। राज्य में शुरू बजट अधिवेशन के बंदोबस्त के लिए छह हजार पुलिस तैनात है. इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण इमारतें भी है. इस क्षेत्र में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स मिलने के बाद अधिक सावधानी बरती जा सकती जी. इस संदर्भ में कल  सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इसमें पुलिस महासंचालक, मुंबई पुलिस आयुक्त ने राज्य की स्थिति की जानकारी दी. आज सुबह बैठक आयोजित कर एकमत से अधिवेशन संस्थगित करने का निर्णय लिया गया. अधिवेशन खत्म कर जो पुलिस फोर्स उपलब्ध होगा, उसे मुंबई और शेष महाराष्ट्र में उपलब्ध करवाई जाएगी. इसे भी विपक्ष ने सहमति दर्शाई। अधिवेशन का सभी कामकाज पूर्ण हुआ. भाषण भी पटल पर रखे गए. इसलिए राज्य में घबरानेवाली कोई स्थिति नहीं है, इसका पुनरुच्चार मुख्यमंत्री ने किया. पाकिस्तान के कब्जे से विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को तत्काल पाकिस्तान द्वारा छोड़ा जाए. संयुक्त राष्ट्र संगठन के जो नियम हैं, उसका पालन हो, ऐसा प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री ने इस समय रखा. इसे सभगृह ने एकमत से समर्थन दिया। अधिवेशन संस्थगित करने के निर्णय को एकमत से समर्थन देकर सार्वजनिक लोकनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, विपक्ष नेता राधाकृष्ण विखे-पाटिल, सदस्य गणपतराव देशमुख, जयंत पाटिल ने भी मनोगत व्यक्त किया।