महाराष्ट्र पर कुल 4,71,642 करोड़ रुपये का कर्ज

 27 Feb 2019  490

►महाराष्ट्र सरकार का 19,784 करोड़ रुपये के घाटे का बजट हुआ पेश
►राजकोषीय घाटा बढ़कर 60,234 करोड़ रुपये हुआ 

मुंबई, (27 फरवरी 2019)- महाराष्ट्र सरकार ने 19,784.39 करोड़ रुपये के राजस्व और 60,234.52 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अंतरिम बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बुधवार को विधानसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आर्थिक वर्ष 2019-20 में विभिन्न विभागों की योजनाओं पर कुल 99 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान वार्षिक योजना में किया है।  वर्ष 2019-20 में 3,14,489.00 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने और 3,34,273.39 करोड़ राजस्व खर्च होने का अनुमान है, जिसकी वजह से कुल 19,784.38 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होने का अंदाज है। राज्य सरकार ने वर्ष 2018-19 में कुल 3,01,342.86 करोड़ राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद जताई थी, जिसमें से यह वित्तीय वर्ष 2018-19 खत्म होने में एक महीना बाकी होने के बावजूद कुल 3,01,459.74 करोड़ राजस्व प्राप्त हो चुका है। इसी वजह से चालू आर्थिक वर्ष में 15,374.90 करोड़ रुपये का राजस्व घाटे का अनुमान नियंत्रित होकर 14,960.04 करोड़ रुपये हो गया है।

►राज्य सरकार पर कुल कर्ज 4,71,642 करोड़ रुपये का कर्ज 
महाराष्ट्र पर इस वर्ष 4,14,411 करोड़ रुपये का कर्ज होने का अनुमान था। राज्य सरकार का कर्ज का यह बोझ वर्ष 2019-20 में 4,71,642 करोड़ रुपये होने का अंदाज है। वित्त मंत्री मुनगंटीवार ने इस पर सदन में सफाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने कुल उत्पन्न की तुलना में 25% तक कर्ज ले सकती है, जिसे राज्य की आर्थिक सेहत नियंत्रण में माना जाता है। इस वर्ष 7 वां वेतन आयोग देने के बावजूद राज्य पर कर्ज का बोझ सिर्फ 14.82% ही है।