चहुओर प्रगति, सर्वांगीण सामाजिक विकास के लिए कटिबद्ध - राज्यपाल

 25 Feb 2019  449

►राज्यपाल ने किया पुलवामा हमले का निषेध

►देशविघातक कार्रवाई के मुकाबले के लिए पूरा सहयोग मिलेगा

मुंबई, (25 फरवरी 2019)-  मुसीबत में फसे किसानों के पीछे सक्षम होकर खड़े रहते हुए सरकारने अकाल निवारण के लिए कई उपाययोजन किए हैं, यह करते समय सरकारने राज्य की प्रगति और सर्वांगीण सामाजिक विकास के लिए कटिबद्ध रहकर काम किया है, ऐसा राज्यपाल चे. विद्यासागर राव ने बताया। विधानमंडल के बजट अधिवेशन की शुरुवात आज मध्यवर्ती सभागार में राज्यपाल के अभिभाषण से हुई. इस समय वे बोल रहे थे। इस अवसर पर विधानपरिषद सभापति रामराजे निंबालकर, विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मंत्रिमंडल सदस्य और सत्ताधारी विधानमंडल सदस्य उपस्थित थे। राज्यपाल ने अभिभाषन के आरंभ में ही सीमापार से हो रहे आतंकी हमलों का तीव्र शब्दों में निषेध किया, साथ ही पुलवामा हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आतंकवाद और देशविघातक कार्रवाईयों का मुकाबला करने के लिए भारत सरकार को सभी प्रकार का सहाय करने के लिए सरकार कटिबद्ध है, ऐसा उन्होंने इस समय बताया। 

►अकाल निवारण के लिए विभिन्न उपाययोजना

राज्यपाल ने कहा कि अकाल पीड़ित क्षेत्र के नागरिकों को वित्तीय सहायता करने के साथ ही जमीनी राजस्व में छूट देना, सहकारी कर्ज का पुनर्गठन करना, फसल कर्ज के वसुली को स्थागिति देना, कृषि पम्प के वर्तमान बिजली बिल में 33.5 फीसदी आर्थिक सहायता देना, शालेय और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के परीक्षा शुल्क माफ करना, रोजगार गारंटी योजना के तहत काम के मानक शिथिल करना, जरूरत पड़ने पर टैंकर से पीने के पानी को आपूर्ति करना और कृषि पम्पों की बिजली खंडित न करना जैसी विभिन्न उपाययोजनाएँ सरकारने की है। चारा लगाने के लिए 100 प्रतिशत आर्थिक सहायता पर किसानों को बीज और खाद की आपूर्ति के लिए निधि मंजूर किया गया है. जरूरत के हिसाब से चारा डिपो निर्माण किए जाएंगे। 

►अकाल निवारण और किसानों के लिए

·  थकीत बिजली बिल के कारण बन्द पेयजल योजनाओं की बिजली बिल की रकम भरकर योजना फिर से शुरू करने का निर्णय. नवंबर 2018 से जून 2019 कालावधि में पेयजल आपूर्ति योजना के वर्तमान बिल भी भरेंगे। राज्य मार्ग परिवहन महामंडल की ओर से अकाल पीड़ित क्षेत्रों में 4,400 से अधिक चालक और वाहकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू। 2,220 करोड़ रुपये खर्च की विश्व बैंक सहायतित 'महाराष्ट्र राज्य कृषि-व्यवसाय एवं ग्रामीण परिवर्तन (स्मार्ट) प्रकल्प' का अमल। किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से 'भाऊसाहेब फुंडकर फल बगीचा बुआई योजना' का अमल। मलईरहित दूध पावडर निर्यात करने के लिए प्रति किलो 50 रुपये तक प्रोत्साहनपर अनुदान. दूध आपूर्ति करनेवाले किसानों को प्रति लिटर 5 रुपये तक आर्थिक सहाय. इसके लिए कुल 188 करोड़  रुपये तक खर्च। 104 एकात्मिक बाल विकास योजना गुटों में “स्वयंम” प्रकल्प का अमल। “नील क्रांती” कार्यक्रम के अंतर्गत, 176 करोड़ रुपये खर्च के 31 मत्स्यव्यवसाय प्रकल्प। 96 करोड़ रुपये खर्च से ससून डॉक के आधुनिकीकरण का काम शुरू। करंजा, जिला-रायगड में 150 करोड़ रुपये खर्च का मछली उतारने के लिए बड़ा बंदरगाह प्रकल्प. मिरकरवाडा, जिला -रत्नागिरी में 74 करोड़ रुपये खर्च का मच्छीमारी बंदरगाह चरण-2 उभारने का काम शुरू। आनंदवाडी, तहसिल-देवगड, जिला -सिंधुदुर्ग में दूसरा 88 करोड़ रुपये खर्च का बड़ा मासेमारी बंदरगाह। “छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना से कुल 51 लाख खातेधारक किसानों के लिए 24,000 करोड़ रुपये मंजूर. अबतक 43 लाख से अधिक किसानों के खातों में 18,036 करोड़ रुपये रकम जमा। 500 करोड़ रुपये खर्च की  “अटल अर्थसहायता योजना” शुरू। मिनिमम आधारभूत कीमत में प्रापण के रूप में  5 लाख से अधिक किसानों को 3,121 करोड़ रुपये तक की रकम प्रदान। नवंबर 2018 से 31 जानेवारी, 2019 कालावधि में कृषि उपज बाजार समिति में प्याज बिक्री करनेवाले किसानों को प्रति क्विटंल 200 रुपये तक अर्थसहायता। धान के लिए “विकेंद्रीकृत प्रापण योजना के अंतर्गत” धान की खरीदी. 1 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 486 करोड़ रूपये तक की रकम ऑनलाईन पद्धति से हस्तांतरित। चार सालों में डेढ़ लाख से अधिक सिंचाई कुओं का निर्माण. कुल  50,000 कुओं का निर्माण शुरू.  'जो मांगेगा उसे खेत तालाब' योजना के तहत 1.30 लाख से अधिक खेत तालाबों की निर्मिति जलयुक्त शिवार अभियान” उपक्रम के अंतर्गत, मई 2019 से  22,000 गांवों को अकाल से मुक्त किया। “कीचड़ मुक्त बांध और कीचड़ युक्त खेत' योजना के तहत जनसहयोग से 5,270 जलाशयों से 3.23 करोड़ घन मीटर तक कीचड़ निकाला।  समृध्द महाराष्ट्र जनकल्याण योजना कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना से मिलाप कर 6 करोड़ से अधिक मनुष्य दिनों की रोजगार निर्मिति। “प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना” में समावेशित 26 अपूर्ण सिंचाई  प्रकल्पों के निर्माण की गति बढ़ाई. तीन सालों में यह कार्यान्वित होंगे. इससे 5.56 लाख हेक्टेयर तक अतिरिक्त सिंचाई क्षमता निर्माण होगी। गोसीखुर्द प्रकल्प की संचय क्षमता 832 दशलक्ष घनमीटर तक बढ़ाई.  74,450 हेक्टेयर तक निर्मित सिंचाई क्षमता में से 56,000 हेक्टेयर तक क्षेत्र सिंचाई के नीचे आया।  “बलिराजा जलसंजीवनी योजना के अंतर्गत” 15,000 करोड़ से आधी निवेश कर अगले 4 सालों में 91 प्रकल्प पूर्ण करेंगे. इसके द्वारा  3.76 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता निर्माण होगी। भूमिगत पाइपलाइन से पानी वितरण का जाल निर्माण करने का उपक्रम शुरू किया. लगभग  6.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का समावेश हुई एक योजना शुरू की है. इसमें से 44,000 हेक्टेयर क्षेत्रपर भूमिगत पाइपलाइन डालने का काम पूर्ण हुआ है. 90,000 हेक्टेयर क्षेत्र पर भूमिगत पाइपलाइन डालने का काम प्रगतिपथ पर। लगभग 2.5 लाख कृषि पंप अर्जदारों को नए कनेक्शन के लिए 5,048 करोड़ रूपये निवेश की “हाय पॉवर वितरण प्रणाली” योजना घोषित। आनेवाले 2 सालों में कुल 3,202 करोड़ रुपये खर्च के 35 नए अति हाय पॉवर विद्युत उपकेंद्र शुरू करना प्रस्तावित। विगत चार सालों में 4.4 लाख कृषि पंपों ला विद्युतीकरण करने में सरकार सफल। राज्य के गांवों का 100 फीसदी विद्युतीकरण करने का लक्ष्य पूर्ण. “सौभाग्य योजना” के अंतर्गत लगभग  11 लाख मकानों का विद्युतीकरण। प्रधानमंत्री आवास योजना, रमाई आवास, शबरी आवास, पारधी आवास और आदिम आवास इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 6 लाख मकान निर्मिति का काम पूर्ण।  पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के लिए 38,000 निवासस्थानों का निर्माण करने का  नियोजन. इसके लिए 218 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता। प्रधानमंत्री आवास योजना (नागरी) अंतर्गत 2022 तक 19.4 लाख घर निर्मिति का लक्ष्य.  घरे  26 लाख से अधिक लोगों ने की मांग. सरकार की ओर से कुल 1 लाख करोड़ रूपये खर्च के कुल  9 लाख घरों का समावेश के 458 प्रकल्पों को मंजुरी। बीड़ी कामगारों के पुनर्वसन के लिए 1,811 करोड़ रूपये खर्च के दुनिया के सबसे बड़े सस्ते घरों का प्रमलप6 शुरू. इसमें 30,000 घरों का समावेश। सस्ते घर विकसित करने के लिए  सार्वजनिक- निजी भागीदारी का प्रावधान करनेवाला महाराष्ट्र पहला राज्य. जस नीति के तहत  1.85 लाख घर निर्मिति को पहले दी मंजूरी। 1 जनवरी 2011 तक कि असंरक्षित झोपडीधारकों को उनके खर्च उठाने के तत्त्वपर उसी पुनर्विकास प्रकल्प में घर देने का निर्णय. मुंबई में 11 लाख से अधिक झोपडीधारकों को निर्णय का लाभ। सामाजिक एवं शैक्षिक दृष्टी से पिछड़े वर्ग के लिए राज्य के शैक्षिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए और  राज्य के नियंत्रण में आनेवाली  लोकसेवा की सीधे प्रवेश द्वारा नियुक्ती करने के लिए 16 प्रतिशत तक जगह आरक्षित करने का प्रावधान करनेवाला कानून मंजूर। धनगर, वडार, परीट, कुंभार और कोली जैसे वंचित समाज के आरक्षण की मांग को भी यथोचित कालावधि में पूर्ण करने के लिए सरकार कटिबध्द। 14 प्रशासकीय विभाग के रिक्त पद भरना तय. राज्य आरक्षण नीति के अनुसार भरती प्रक्रिया आरंभ। आर्थिकदृष्ट्या पिछड़े वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण का अमल। अनाथ बालको को जाति प्रमाणपत्र न मिलने से शैक्षिक संस्थाओं में और सरकारी नोकरियों में आरक्षण नहीं मिल रहा. इस दखल लेकर उनके लिए ओपन प्रवर्ग से 1 प्रतिशत तक समांतर आरक्षण का प्रावधान। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल की ओर से अकाल पीड़ित तहसीलों में कुल  7 लाख विद्यार्थियों को निशुल्क बस पास।  “राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा अधिनियम, 2013” के तहत राज्य के कुल  7 करोड़ लाभर्थियों को अनाज की आपूर्ति। “उज्ज्वला” योजना के अंतर्गत, 2018 में राज्य के 35 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन का वितरण। दिव्यांगों को गृहनिर्माण योजनाओं में 5 फीसदी तक आरक्षण। राज्य में “महाराष्ट्र ग्रामीण महिला उद्यम विकास प्रकल्प” (नव तेजस्विनी ) को मंजुरी.  इसके द्वारा 10 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार के अवसर। “राजर्षी छत्रपती शाहू महाराज शिक्षा शुल्क छात्रवृत्ति योजना” और  “डॉक्टर पंजाबराव देशमुख छात्रवास निर्वाह भत्ता योजना”  के लिए पारिवारिक वार्षिक आय की सीमा 8 लाख रुपये तक बढ़ाई।  राज्य में 28,646 आपले सरकार सेवा केंद्र.  6 करोड़ से अधिक नागरिकों ने इस सुविधा का उपयोग किया। सी आर झेड अधिसूचना, 2018 को अंतिम रुप देने के लिए पर्यावरण मंत्रालय की ओर फॉलोअप. इससे किफायती घर निर्मिति और झोपड़पट्टी पुनर्विकास को बढ़ावा मिलेगा। दिव्यांग व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक और समाज के दुर्लक्षित घटकों से संबंधित मामलों को फास्टट्रैक पद्धति से निपटाने राज्य में 11 विशेष न्यायालय स्थापन। राज्य में 117 न्यायालयीन इमारतों निर्माण शुरू. और 38 नए इमारतों के निर्माण के लिए  प्रशासकीय मंजूरी.  न्यायिक अधिकारियों के निवासस्थानों की 29 नए निर्माणों के लिए प्रशासकीय मंजूरी.  79 काम प्रगतिपथ पर।   अबतक, 33 लाख एकड़ से अधिक वन जमिनों के दावे मंजूर। विगत 4 वर्षों में राज्य ने 3.36 लाख करोड़ रुपये सीधा विदेशी निवेश प्राप्त की. एफडीआय में महाराष्ट्र अग्रणी. सरकार द्वारा घोषित उप क्षेत्रीय नीति के विशेषत: सूचना तकनीकी नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स नीति, संरक्षण और अंतराल नीति जैसे नीतियों के कारण राज्य में 14,500 करोड़ रुपयों का निवेश होने की अपेक्षा. इससे 1.15 लाख रोजगार निर्मिती होगा।“मुख्यमंत्री ग्रामसडक योजना” के अंतर्गत, मंजूर 22,360 किलोमीटर लम्बे रास्तों में से कुल 6,900 किलोमीटर लम्बे रास्तों का काम पूर्ण. 13,460 किलोमीटर लम्बे रास्तों के काम के कार्यादेश दिए।हायब्रीड ॲन्युटी मॉडेल के अंतर्गत 30,000 करोड़ रुपये खर्च से 10,500 किलोमीटर लम्बे  राज्य महामार्ग का सुधार करने को मंजूरी। 776 करोड़ रुपये खर्च के ठाणे खाडी पूल-3 का निर्माण शुरू। 17,749 किलोमीटर लम्बे राज्य महामार्ग की राष्ट्रीय महामार्ग में श्रेणी बढ़ोतरी। 1 लाख करोड़ रुपयों से अधिक खर्च की मुंबई, पुणे और नागपुर महानगर प्रदेश की कुल 270 किलोमीटर लंबे विविध प्रकल्पों के अमल को गति। मुंबई उपनगरीय रेल  परिवहन व्यवस्था में दर्जा बढ़ाने के लिए 55,000 करोड़ रुपये खर्च की एमयुटीपी-3ए प्रकल्प को मंजूरी। रायगड जिले के करंजा खाड़ी से कुल 14 एमएमटी कार्गो वहन क्षमता के बहुउद्देशीय जेट्टी टर्मिनल का निर्माण पूर्ण. प्रकल्प के लिए 1300 करोड़ रुपये खर्च। वर्ष 2025 तक  एक हजार अरब अमरीकन डॉलर अर्थव्यवस्था का उद्दिष्ट साध्य करने की दृष्टि से 60 लाख नए रोजगार निर्माण करने और 10 लाख करोड़ रुपये निवेश आकर्षित करने के उद्देश से नई औद्योगिक नीति। वस्त्रोद्योग नीति के अनुपालनार्थ 540 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च से यंत्रमाग कारखानों के साथ सहकारी और निजी मिल,  विणकाम, विणमाल (होजीयरी), कपडा निर्मिती और अन्य वस्त्रोद्योग कारखानों के बिजली प्रशुल्क में 2.00 रुपये से 3.77 रुपये इस सीमा में छूट।