बीएमसी ने 2733 करोड़ का शिक्षा बजट किया पेश

 04 Feb 2019  507

मुंबई, (04 फरवरी 2018)- बीएमसी प्रशासन ने इस साल (2019-20) के आर्थिक बजट में शिक्षण के लिए 2733 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। जिसके तहत बीएमसी प्रशासन ने आनेवाले समय में मॉडर्न शिक्षा पर जोर देने का निर्णय लिया है। बीएमसी ने इस साल के बजट में बीएमसी स्कूल के छात्रों को स्कूल साहित्य से संबंधित वस्तुओं (स्कूली गणवेश, किताबें, जूते, स्कूली बैग्स और अन्य वस्तुएं खरीदने के लिए पैसे सीधे उनके बैंक खातों में डालने का प्रावधान किया है। बीएमसी स्कूलों में अब बच्चों की सुरक्षा के लिए 6,666 सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे, जिसके लिए आर्थिक बजट में 24.30 करोड़ रुपये रिजर्व रखे गए है। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत 25 स्कूलों में  ई- लाइब्ररी की शुरूवात करने के लिए 1 करोड़ 30 लाख खर्च करने की तैयारी बजट में दिखाई गई है। बीएमसी ने पिछले साल ही 1,214 स्कूलों में डिजीटल क्लासरुम बनाने का काम पूरा किया था, लेकिन इस साल के बजट में डिजीटल क्लासरूम के लिए ई- कंटेन्ट सामग्री देने की तैयारी की है, जिसके लिए आर्थिक बजट में 8 करोड़ 24 लाख की राशि उपलब्ध कराई गई है। टॉय लाइब्ररी और नए नर्सरी स्कूलों के लिए 7 करोड़ 38 लाख रूपये खर्च करने की तैयारी की गई है। मिनी साइन्स सेंटर्स के लिए 66 लाख की राशि उपलब्ध कराई गई है। दिव्यांग छात्रों के लिए 3 करोड़ 8 लाख रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। व्हरचुवल क्लासरूम के लिए 16 करोड़ 92 लाख की राशि उपलब्धतता कराई गई है। इंटरनेट सुविधा के लिए 35 लाख रूपये खर्च किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूल बनवाने के लिए 2.60 लाख रूपये रिजर्व किए गए है। भाषा प्रयोग के लिए 1 करोड़ 30 लाख रूपये खर्च किए जाएंगे। टिंकर लैब( रोबोट और मोबाइल ऍप और अन्य प्रोग्रामिंग) के जरिए छात्रों को एजूकेड किया जाएगा। इसके लिए 1 करोड़ 42 लाख रूपये खर्च किए जाएंगे। 7 ग्राउंड पर फुटबॉल , जुडो , ताइक्वांदो की शिक्षा देने पर 3 करोड़ 75 लाख रूपये खर्च किए जाएंगे। संगीत अकैडमी के लिए 86 लाख की राशि उपलब्धतता कराई गई है। बीएमसी प्रशासन ने खाली जमीनों पर नए स्कूल्स बनाने की तैयारी दिखाई है, जिसके लिए बजट में 201.73 करोड़ की राशि रिजर्व रखी गई है। बीएमसी स्कूल के छात्रों को सालाना स्कूल ट्रिप पर ले जाने के लिए 4.45 करोड़ रूपये की राशि रखी गई है। फिलहाल बीएमसी द्वारा मराठी , हिंदी, अंग्रेजी उर्दू ,गुजराती , तेलगू ,तमिल ,कन्नड़ ऐसे कुल आठ भाषा के स्कूलों को चलाया जाता है। मुंबई पब्लिक स्कूलों समेत कुल 1014 प्राथमिक स्कूल है, जिसमें 2 लाख 46 हजार 294 छात्रों को 7 हजार 830 टीचर पढ़ाते है। 165 माध्यमिक स्कूलों में 28 हजार 247 छात्रों को कुल 1 हजार 46 टीचर पढ़ाते है।