33 करोड़ वृक्षारोपण का राज्यव्यापी कार्यक्रम वरोरा के आंनदवन से इसकी हुई शुरुआत

 01 Jul 2019  1609

►अगली पीढ़ी के लिए पर्यावरण में हो रही गिरावट को रोकने की जरूरत- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 चंद्रपुर, (01 जुलाई 2019)- दस साल पहले पर्यावरण के संदर्भ में हो रही गंभीर चर्चा के जारी रहते हुए इसका परिणाम कम समय में ही गंभीर रूप से अनुभव करना पड़ेगा, इसकी कल्पना नहीं थी। लेकिन आने वाली अगली पीढ़ी के लिए पर्यावरण का क्षरण (गिरावट) को रोकने का काम इस पीढ़ी का कर्तव्य है। वृक्षारोपण के इस अभियान में प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्य का निर्वाह करें। यह आवाहन सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां पर किया है। स्वर्गीय बाबा आमटे की कर्मभूमि आनंदवन से 33 करोड़ वृक्षारोपण के राज्य-स्तरीय अभियान का उद्घाटन मुख्यमंत्री के करकमलों द्वारा वृक्ष का रोपण करके किया गया।आनंदवन पहुंचने के बाद उन्होंने वन विभाग के अटल आनंद घन-वन योजना का उद्घाटन वृक्षारोपण करके किया। शहरी क्षेत्रों में घने जंगल का निर्माण करने के लिए जापान की तर्ज पर वन विभाग की ओर से मियावाकी ट्री-प्लांटेशन विधि शुरू की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आनंदावन में स्वर्गीय बाबा आमटे के स्मृति स्थल का भी दौरा किया और श्री फडणवीस ने उन्हें आदरांजली भी दी। उन्होंने आनंदवन प्रदर्शनी का भी दौरा किया। पूरे राज्य में प्रचार के लिए निकाली गई बाइक रैली को भी हरी झंडा दिखाया। इसके बाद वन विभाग द्वारा आयोजित 33 करोड़ वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनके साथ राज्य के वित्त व नियोजन और वन मंत्री और चंद्रपुर के पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार उपस्थित थे। वृक्ष प्रेमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 33 करोड़ वृक्षारोपण एक महत्वाकांक्षी संकल्पना (अवधारणा) है। यहां पर पहुंचे पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आनंदवन से ही यह 33 करोड़ वृक्षारोपण की मुहिम को क्यों शुरू किया जा रहा है .... इसके जवाब में श्री फडणवीस ने कहा कि जिसके नाम में ही वन और आनंद दोनों हैं। इस आनंदवन ने स्वर्गीय बाबा आम्टे के मार्गदर्शन में मन से टूट चुके वंचित लोगों के जीवन में आनंद देने का काम किया है। इसलिए इसकी अपेक्षा में इससे कोई अच्छा स्थल कौन-सा हो सकता है? ऐसा हमारे मन में आया था। यही कारण है कि इस समाज उपयोगी अभियान की शुरू आनंदवन से करने का फैसला किया गया है।उन्होंने कहा कि चार साल पहले जब वन विभाग द्वारा 50 करोड़ वृक्ष लगाने का संकल्प लिया गया था। तब भी सभी को लगा था कि यह लगा था कि यह एक राजनीतिक घोषणा होगी। हालांकि, वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने यह पहल की। जल्द ही हमें 50 करोड़ देखने को मिलेंगे। वर्तमान समय में बढ़ते तापमान के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ गया है। इसे समझना चाहिए। इसकी भीषण सच्चाई सामने आ रही है। कई प्रजातियां नष्ट हो रही हैं। इसलिए प्रकृति संतुलन बिगड़ गया है। इसलिए पर्यावरण का क्षरण रोकना चाहिए। अगली पीढ़ी के लिए पेड़ लगाना चाहिए। इससे ही सूखे का सामना किया जा सकता है। अब जागरूक होने का समय आ गया है। धरती को बचाने के लिए प्रदूषण के स्तर को नीचे लाया जाना चाहिए। इसके कार्बन उत्सर्जन को कम करना चाहिए। श्री फडणवीस ने अगली पीढ़ी के संवर्धन के लिए पेड़ लाने की अपील की है।दस साल पहले पर्यावरण क्षरण की गंभीरता का अंदाजा नहीं लग पाया था। लेकिन अब इसका दृश्य प्रभाव दिखाई दे रहा है। प्रकृति का संतुलन जिन घटकों ने बिगाड़ा है, उस घटक का बदला पर्यावरण स्वयं ही लेता है। इसलिए पर्यावरण को संवर्धन करना बहुत जरूरी है। अन्यथा पर्यावरण अपना बदला लेकर रहेगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वचन दिया है कि भारत दुनिया के सभी देशों में कार्बन के अनुपात को 20 फीसदी तक कम करने की कोशिश करेगा। मोदीजी के इस घोषणा को वैश्विक स्तर  प्रतिसाद मिल रहा है। इसलिए अब वृक्षारोपण के इस अभियान में सभी की भागीदारी बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने एक नया ऐप तैयार करवाए। श्री फडणवीस ने यह भी आशा व्यक्त की कि राज्य के प्रत्येक नागरिक कितना कार्बन उत्सर्जन कर रहा और पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या काम कर रहा है, इसका पंजीकरण इस ऐप के माध्यम से किया जाना चाहिए। इस अवसर पर वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि विधान मंडल में सबसे महत्वपूर्ण काम के बावजूद मुख्यमंत्री आनंदवन में इस वृक्षारोपण के 33 करोड़ वृक्षारोपण के शुभारंभ कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इसके लिए उनका दिल से धन्यवाद। आनंदवन एक प्रयोगशाला है। मानव धर्म की शिक्षा देने वाली यह एक महान संस्था है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी की सुरक्षा के लिए अब आनंदवन से पूरे महाराष्ट्र को शिक्षा दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री संजय धोत्रे के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण के संबंध में डाक टिकट का पहला कवर आज जारी किया गया है। उनका भी इसके लिए धन्यवाद। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वह महानगर में घने जंगलों को बनाने के लिए वन कवर की उपयुक्त मियावाकी पद्धति को वन विभाग अपना रहा है। आनंद वन से इसकी शुरूआत हो रही है। उन्होंने इसकी भी घोषणा की।  उपस्थित जन समुदाय से उन्होंने कहा कि पृथ्वी का कर्ज उतारने की अपील की। वसुंधरा आपको ऑक्सीजन देती है। इसके बदले में हम क्या देते हैं। इसके लिए महज एक विकल्प है। इस कर्ज से कोई भी सरकार कर्ज माफी नहीं देने वाली है। इसके लिए वृक्षारोपण अभियान में भाग लेना होगा। इस तरह की अपील उन्होंने की। शुरूआत में शंका करने वाले अब इस अभियान में सहभागी हो रहे है, हरित महाराष्ट्र के साथ हरित भारत करने का संकल्प आनंदवन की भूमि से जाना चाहिए। इस तरह का भी उन्होंने अपील इस अवसर पर की है। कार्यक्रम का प्रास्ताविक (परिचय देने वाले) वन विभाग के प्रधान सचिव विकास खारगे ने किया। आनंदल के ट्रस्टी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शीतल आमटे-करजगी ने आनंदवन के काम के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में वन विभाग के कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट काम के लिए मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया।