Baahubali 2 Movie Review: रोमांस खूबसूरत और एक्शन सांसें रोक देने वाला

 09 May 2017  1153
-निर्माताः शोबू यारलगड्डा
-निर्देशकः एसएस राजामौली
 

-सितारेः प्रभास वर्मा, राणा डग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, रमैया कृष्णन

इरादा हो तो भारत में भी हॉलीवुड जैसा खूबसूरत, भव्य और अंत तक बांधे रहने वाला सिनेमा बन सकता है। 2015 में आई बाहुबली ने यह स्थापित किया था। बाहुबली का दूसरा भाग, द कनक्लूजन इस बात पर एक बार फिर मुहर लगाता है। बाहुबली 2: द कनक्लूजन अपेक्षाओं पर खरी उतरती है। रोमांस खूबसूरत है और एक्शन सांसें रोक देने वाला।

वास्तव में राजामौली ने बाहुबली की कहानी में भारतीय जनमानस में गहरे पैठी महाभारत की कथा के सूत्रों का ही इस्तेमाल किया है। सिंहासन के लिए दो भाइयों की प्रतिद्वंद्विता, दोनों की राह में एक ही युवती का आना, अपंग पिता का अंधा पुत्रमोह, भरी राजसभा में कुल वधु का अपमान, राजमहल के अंदर होने वाले षड्यंत्र, सिंहासन के दावेदार भाई को राज्य से निकाले जाने की सजा, विश्वस्त सेवकों का पाला बदलना और अंत में भीषण युद्ध। 
 

एक आकर्षक कहानी

बाहुबली

जो कुछ महाभारत में है, वह बाहुबली में भी है। इसके बावजूद यह एक आकर्षक कहानी है। महिष्मती राज्य की बाहुबली कथा जिस अहम सवाल पर खत्म हुई थी, वह था कि सिंहासन के गुलाम कटप्पा ने अमरेंद्र बाहुबली (प्रभास) को क्यों मारा? इस सवाल का जवाब द कनक्लूजन में खूबसूरती से दिया गया है। जवाब को बाहर ढूंढने से बेहतर है कि सिनेमाघर में जाकर देखा जाए।

हुबली में जहां राजा अमरेंद्र बाहुबली के बेटे महेंद्र (प्रभास) की प्रेम कहानी को विस्तार से बुना गया था, इसके दूसरे हिस्से में स्वयं अमरेंद्र और देवसेना (अनुष्का शेट्टी) की प्रेम कथा को केंद्र में रखा गया है। बाहुबली में देवसेना पूरी तरह से अमरेंद्र के चचेरे भाई और महिष्मती पर राज कर रहे भल्लाल देव (राणा डग्गुबाती) की कैद में, जंजीरे पहनी हुई थी। मगर दूसरे हिस्से में उन्हें आप योद्धा राजकुमारी के रूप में देखते हैं। 

प्रभास पूरी फिल्म में छाए हैं

बाहुबली

यहां इस सवाल का भी जवाब है कि क्यों भल्लाल देव ने देवसेना को पच्चीस बरस तक कैद रखा? महान आदर्शों वाली हर कथा में अंततः अत्याचारी का अंत होता है। बाहुबली 2 भी इसी निष्कर्ष पर पहुंचती है। बाहुबली 2 देखने के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन आपने पहला हिस्सा न देखा हो तो दूसरा भाग देखते हुए कई बातें अनसुलझी लगेंगी।


फिल्म को बहुत खूबसूरती से शूट करने के साथ कंप्यूटर पर भी बारीकी से संवारा गया है। प्रभास पूरी फिल्म में छाए हैं और अमरेंद्र बाहुबली के रूप में शानदार हैं। भल्लाल देव बने राणा डग्गुबाती नेगेटिव रोल में जमे हैं। अनुष्का शेट्टी और रमैया कृष्णन (राजमाता शिवागामी) के साथ कटप्पा बने सत्यराज और भल्लाल देव के पिता के रोल में नासेर प्रभावी हैं।

तमन्ना भाटिया पार्ट-2 में एक्स्ट्रा की तरह दिखी

बाहुबली 2PC: SELF

बाहुबली में हीरोइन बनीं तमन्ना भाटिया पार्ट-2 में एक्स्ट्रा की तरह दिखी हैं। एक बात जरूर बाहुबली 2 में पहले हिस्से से कम लगती है। वह है युद्ध के भव्य दृश्यों में रणनीतिक व्यूह रचना और अनूठे अस्त्र। बाहुबली में इन बातों ने चौंकाया था। यहां यह कमी कुछ खटकती है। पटकथा और निर्देशन, दोनों पर राजामौली की पकड़ जबर्दस्त है।


फिल्म के इंटरवेल को भी वह -क्लाइमेक्स जैसी ऊंचाई देते हुए, आपको जल्दी से सीट पर लौटने को मजबूर करते हैं। फिल्म देखते हुए सीट से चिपक जाने का एहसास आप लंबे समय बाद किसी फिल्म में महसूस कर सकते हैं। यह अनुभव लंबे समय तक याद रहेगा।