महाराष्ट्र के २ महिला बचत गुट राष्ट्रीय पुरस्कार से सन्मानित
11 Jun 2018
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नई दिल्ली, (11 जून 2018)- महाराष्ट्र राज्य के बीड जिले के सावित्रीबाई फुले महिला बचतगुट और चंद्रपुर जिले के वैष्णवी महिला बचतगुट को ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजिवीका मिशन’ के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए आज केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार देकर सन्मानित किया गया है।केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से यहाँ के पुसा संस्था के ए.पी. शिंदे सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजिवीका मिशन’ के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करनेवाले देश में महिला बचत गुटों को वर्ष २०१७-१८ का पुरस्कार वितरित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के २ महिला बचत गुटों समेत देश के ३४ महिला बचतगुटों को सन्मानित किया गया। बीड जिले के शिरुर कसार ब्लॉक के वर्णी गाँव स्थित सावित्रीबाई फुले महिला बचत गुट को इस कार्यक्रम में सन्मानित किया गया। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजिवीका मिशन के अंतर्गत ४ साल पहले शुरू हुए इस बचत गुट के कुल १५ सदस्य है और इस गुट में शामिल सभी महिलाएं पिछड़े वर्ग की है।महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजिवीका मिशन के अंतर्गत इन बचतगुटों के सदस्यों को बचतगुट व्यवस्थापन का प्रशिक्षण दिया गया। दस सूत्रों के आधार पर इस बचतगुट ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा पर जनजागृति,सरकारी योजना में सहभागिता और कायमस्वरूपी जीवनयापन इन विषयों पर कार्य किया। इस गुट के प्रति सदस्य ने प्रति माह १०० रूपए, ऐसे जून २०१७ तक कुल ६९ हजार ७५० रूपए जमा किए। बचतगुट ने बैंक से ५० हजार रूपए का कर्ज लिया और बैंक को कर्ज सूद समेत वापस किया।बचतगुट के महिलाओं ने शिलाई मशीन खरीदी की और अब इस बचत गुट की महिलाएं टेलरिंग का काम कर रही हैं। गुट की दो महिलांओं ने आटा चक्की शुरू की। वही कुछ महिलाओं ने बचत गुट से कर्ज लेकर ऑटो गैरेज की दुकान शुरू की। कुछ महिलाओं ने पान की दुकान शुरू की और कुछ ने डेअरी, मेंढी एवं बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया है। इन महिलाओं को वर्ष का ३६से ४८ हजार रूपए उत्पन्न होता है। इन महिलांओं का जनधन योजना के अंतर्गत स्वतंत्र बैंक खाता निकाला है। बचत गुट के प्रत्येक महिलांओं के घर में शौचालय भी है। ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बिमा योजना के अंतर्गत’ इन महिलांओं का बीमा भी निकाला गया है।चंद्रपुर जिले के नागभीड ब्लॉक के चिंधीचूक गाँव स्थित वैष्णवी महिला बचतगुट को भी इस दौरान सन्मानित किया गया। वर्ष २०१० में १२ सदस्य संख्या से शुरू हुए इस बचत गुट को वर्ष २०१४ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजिवीका मिशन में शामिल किया गया और उन्हें ५ दिनों का प्रशिक्षण दिया गया। दस सूत्रों को आधार मानकर हर सप्ताह में इस बचतगुट की बैठक होती है एवं प्रत्येक बैठक में सदस्यों की उपस्थिति दर्ज होती है।इसके अनुसार बैठक में उपस्थित महिलांओं का प्रमाण ९७ फीसदी है। प्रति सदस्य ने प्रतिमाह १०० रूपए, इस तरह बचत गुट ने जून २०१७ तक कुल १ लाख ७६ हजार ८०० रूपए जमा किए। बचत गुट के सदस्यों ने ३ लाख ७५ हजार का कर्ज लिया और बैंक का कर्ज लौटाया भी है।इस महिला बचत गुट की महिलांओं सेंद्रीय चावल, दाल, हल्दी पाउडर और मिर्च पाउडर का व्यवसाय शुरू किया है। बचत गुट के प्रत्येक सदस्य को हर साल ४० से ४५ हजार रुपये का उत्पन्न होता है। इस उत्पन्न के माध्यम से महिलाओं ने डेअरी, स्टेशनरी, स्बजी की दुकान, मुर्गी पालन, शिलाईकाम आदि स्वयं के व्यवसाय शुरू किए है। इस बचत गुट के ७ महिलांओं को ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार हमी योजना’ (मनरेगा) के अंतर्गत पशुओं के गोठा बांधकर मिला है। वहीं उज्ज्वला योजना के अंतर्गत ९ महिलांओं को गैस कनेक्शन मिला है। इस बचतगुट की महिलाओं ने शराब बंदी रैली में एवं स्वास्थ्य शिविर में भाग लिया है। महिलाओं के इन बचत गुटों इन्हीं कार्यों की सरहना करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें २०१६-१७ का राजमाता जिजाऊ पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।