राज्य के महाजनको के औष्णिक बिजली प्रकल्पों को पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध किया जाएगा - ऊर्जा मंत्री बावनकुले
04 Apr 2018
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नई दिल्ली , (04 अप्रैल 2018)- राज्य के महाजनको के औष्णिक बिजली प्रकल्पों को केंद्र की ओर से पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध किए जाने की जानकारी राज्य के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी।यहाँ के रेल भवन में श्री बावनकुले ने केंद्रीय रेलवे एवं कोयला मंत्री पियुष गोयल से भेंट की और राज्य के औष्णिक बिजली प्रकल्पों को पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध करने की मांग की। इस दौरान सांसद कृपाल तुमाने, महाजनको के व्यवस्थापकीय संचालक बिपीन श्रीमाली, संचालक (खाण) श्याम वर्धने एवं केंद्र सरकार रेलवे एवं कोयला विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वर्तमान में महाराष्ट्र राज्य विद्युत निर्मिती कंपनी मर्यादित (महाजनको) के अंतर्गत कोराडी, खापरखेडा, चंद्रपुर, भूसावल, परली, नाशिक इन औष्णिक विद्युत प्रकल्पों में काफी कम कोयला उपलब्ध है। बढ़ती धूप को देखते हुए अधिक मात्रा में विद्युत की आवश्यकता है। विद्युत में कटौती न हो इसलिए इन ७ औष्णिक ऊर्जा प्रकल्पों को पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध करने की मांग बावनकुले ने आयोजित बैठक में की। इन ७ औष्णिक विद्युत प्रकल्पों से 10170 मेगावाट विद्युत निर्माण की जाती है।
बैठक में गोयल ने राज्य के इन ७ औष्णिक प्रकल्पों को जल्द से जल्द कोयला उपलब्ध करने के आदेश केंद्रीय कोयला विभाग के अधिकारियों को दिए। महाराष्ट्र में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड, साऊथ ईस्ट कोलफील्ड्स लिमिटेड, सिंगरेनी कोलरीस कंपनी लिमिटेड, इन कोयला मंत्रालय के अंतर्गत आनेवाली कंपनी की ओर से करार के द्वारा महाजनको के औष्णिक विद्युत प्रकल्पों को कोयला उपलब्ध किया जाता है। लेकिन कुछ तकनीकि समस्याओं के चलते कोयला उपलब्ध नहीं हो रहा था। इस संदर्भ में चर्चा की गई और इस पर समाधान निकाला गया। महाजनको से हुए करार के द्वारा ही राज्य को कोयला दिया जाएगा, यह आश्वासन गोयल ने दिया। इसके साथ ही आयोजित बैठक में तय किया गया कि कंपनी की ओर मिलनेवाला कोयला रेलवे मार्ग के साथ महामार्ग से भी राज्य सरकार प्राप्त करेगी।