अखिलेश-शिवपाल के बीच कांग्रेस ने कराई सुलह, 2019 में हो सकता है फायदा

 04 Apr 2018  501

उत्तरप्रदेश, (04 अप्रैल 2018)- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच सुलह हो गया है। दोनों चाचा-भतीजा पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करने पर राजी हो गए हैं। लोकसभा चुनाव से पहले इस तालमेल के पीछे कांग्रेस के नेताओं का हाथ है। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव को नाराज नहीं करना चाहती थी। इसलिए कांग्रेस के आला नेताओं ने दोनों के बीच मान मनौव्वल का काम किया है, ये सब राहुल गांधी की जानकारी में हुआ है।

शिवपाल सिंह यादव की कांग्रेस के नेताओं के साथ कई दौर की बैठक हुई, जिसके बाद कांग्रेस के नेताओं ने अखिलेश यादव बात करके दोनों के बीच तालमेल करा दिया है। हालांकि शिवपाल यादव कांग्रेस में कुछ शर्तों के साथ आना चाहते थे, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष का पद शिवपाल सिंह यादव मांग रहे थे, लेकिन कांग्रेस अखिलेश यादव की दोस्ती की कीमत पर ऐसा नहीं करना चाहती थी, जिसके बाद कांग्रेस ने तालमेल का रास्ता निकाला।

क्या है सुलह का फार्मूला

शिवपाल सिंह यादव इस बात से ज्यादा दुखी थे कि पार्टी के भीतर उनका सम्मान कम हुआ है। हालांकि अखिलेश यादव ने बार-बार कहा कि वो उनके चाचा है, इसलिए वो उनका पूरा सम्मान करते हैं। शिवपाल को खुश करने के लिए ही रामगोपाल के खासम-खास रहे नरेश अग्रवाल को राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया था। शिवपाल सिंह यादव पार्टी के भीतर कोई सम्मानजनक पद चाहते हैं, जिसमें नेता विरोधी दल का विकल्प शिवपाल ने रखा था। लेकिन अखिलेश यादव इसके लिए तैयार नहीं हुए हैं, अखिलेश यादव ने शिवपाल के सामने केंद्र की राजनीति करने का प्रस्ताव रखा था, जिसको शिवपाल यादव ने भारी मन से मान लिया है।