देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर लगाए जाएंगे सीसीटीवी और वाई-फाई
01 Feb 2018
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दिल्ली, (1 फरवरी 2018)- गुरुवार को पेश आम बजट से यह तय हो गया कि मौजूदा वित्त वर्ष में रेलवे में 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। देश के पूरे रेल नेटवर्क को ब्रॉड गेज बनाया जाएगा. 25 हजार से ज्यादा यात्रियों वाले सभी रेल स्टेशनों पर एस्कलेटर्स लगाए जाएंगे. रेलवे माल ढुलाई के लिए 12 वैगन और बनाए जाएंगे। देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई और सीसीटीवी लगाने की योजना है।बजट के मुताबिक, देश के 600 बड़े रेलवे स्टेशनों का नए सिरे से विकास किया जाएगा। साथ ही पूरे देश में 36 हजार किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने की बात भी कही गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट के जरिए रेल को पटरी पर लाने का एक समग्र खाका खींचा है। पिछले कुछ साल से लगातार हो रही रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी कुछ विशेष प्रावधान किए गए हैं। कई साल से खाली पड़े सेफ्टी कैटेगरी के एक लाख पदों पर भी भर्ती की बात कही गई है।
गौरतलब है कि भारतीय रेल इस समय 64 हजार किलोमीटर के ऑपरेशनल नेटवर्क पर दौड़ रही है। इसकी निगरानी और मेनटेनेंस के लिए लोग काफी कम पड़ रहे हैं।भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है और फिलहाल उसके पास 13 लाख कर्मचारी हैं। रेलवे को इसके बावजूद 2 लाख कर्मचारियों की जरूरत है, जबकि पिछले कई साल से दो लाख कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। रेलवे से जुड़े एक अधिकारी ने आम बजट पर कहा, ‘अगर मैनपावर बढ़ाकर रेलवे का टर्नअराउंड टाइम कम कर दिया जाए तो रेलवे की ऑपरेटिंग क्षमता व रेलवे की कमाई में कई गुना तेजी आएगी। रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती मैनपावर ढूंढ़ने की है, साथ ही ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाना एक ऐसा मुद्दा है जिस पर रेल मंत्री काम कर रहे हैं। पिछले साल पीयूष गोयल ने रेल मंत्री का पद संभालते ही रेलवे ब्यूरोक्रेसी को इशारे में बता दिया कि ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने में वे किसी किस्म की कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे, और इस साल के बजट में वित्त मंत्री ने इसे लागू करने पर पूरा ध्यान फोकस कर दिया है। लिहाजा साल 2018-19 में भारतीय रेल कैसे चलेगी इसकी रूपरेखा पेश हो चुकी है।वित्त मंत्री ने खासकर पटरी, गेज बदलने पर विशेष फोकस किया है, यह दूसरा साल है जब आम बजट के साथ रेल बजट पेश किया गया।