अपने वार्ड नंबर (213) का निरंतर विकास करूंगा- जावेद जुनेजा
30 Jan 2018
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मुंबई, (30 जनवरी 2018)- दक्षिण मुंबई स्थित वार्ड नंबर 213 नागपाड़ा-कमाठीपुरा की बद से बदतर स्थिति को अच्छा करने के लिए दिन-रात तत्पर रहूंगा। रास्तों की हालत खराब है, जिस कारण यहां के लोगों को प्रतिदिन ट्रैफिक की भारी समस्या से गुजरना पड़ता है। नागपाड़ा-कमाठीपुरा एक एसा एरिया है, जो कि लोगों का मुख्य केंद्रबिंदु है। यहां बिजनेस से संबंधित गतिविधियां होती हैं। भीड़-भाड़ वाला इलाका होने के कारण यहां दिन रात गाड़ियों की आवाजाही होती है। यहां कई रास्तों सिर्फ वन वे है। जिससे लोगों को घंटों ट्रैफिक की समस्या से जूंझना पड़ता हैं। साथ ही संकरे रास्तें होने के कारण पब्लिक भी रास्तों से ही आवाजाही करती है। इस कारण यहां लगातार दुर्घटना होने का खतरा मंडरा रहा हैं। रास्तों से संबंधित और ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए तत्पर हूं। मैंने कमाठीपुरा और नागपाड़ा के सारे एरियाज में रोड का चौड़ीकरण करके पब्लिक को आने जाने के लिए अलग से फुटपाथ उपलब्ध करके देने की तैयारी की है, ताकि आम पब्लिक को चलने में होने वाली परेशानी से निजात दिला सकूं। साथ ही वाहन दुर्घटना जैसी समस्या को भी दूर की जा सकें। इसके साथ ही ट्रैफिक की समस्या दूर करने के लिए रास्तों के चौड़ीकरण के साथ-साथ ही टू वे ( गाड़ियों को आने और जाने के लिए अलग लेन) उपलब्ध कराऊंगा। ताकि लोगों को घंटों होने वाली ट्रैफिक की समस्या से निजात दिला सकूं। वार्ड नंबर 213 में कुल 900 हाऊस गली हैं, और 6 नगरसेवक है, जिसमें 400 हाऊस गली सिर्फ मेरे वार्ड में ही आता है। इसके बावजूद बीएमसी प्रशासन द्वारा सारे नगरसेवकों को बराबर का फंड उपलब्ध कराया गया था। मैंने इसमें बदलाव करवाके अपने वार्ड के लिए ज्यादा फंड मंजूर कराया, ताकि वार्ड का अच्छा विकास हो सकें। एेसा कांग्रेस के नगरसेवक जावेद जुनेजा ने विशेष बातचीत के दौरान बताया।
♦भूमिगत पार्किंग उपलब्ध करने पर विशेष जोर
जुनेजा ने कहा कि नागपाड़ा-कमाठीपुरा में गाड़ियों को पार्क करने की जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग अपनी गाड़ियां संकरे रास्तों पर पार्क करके यहां-वहां चले जाते है। इससे पब्लिक को चलने में तो परेशानी होती ही है। साथ ही ट्रैफिक की भारी समस्या निर्माण होती है। इससे लोगों को अपने लक्ष्य पर पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता है। इन सारी समस्याओं को देखते हुए वार्ड नंबर 213 में गाड़ियों को पार्किंग करने के लिए अतिरिक्त जगहों को उपलब्ध कराके देने के लिए मैं प्रयासरत हूं। साथ ही जगह-जगह भूमिगत पार्किंग और दो-तीन मंजिला पार्किग की सुविधा उपलब्ध कराऊंगा। नागपाड़ा- कमाठीपुरा में लोगों की आवाजाही के लिए बसों की फ्रीक्वेसी कम है, इससे आम लोगों को घंटों बस की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से बात करूंगा। हालांकि यहां के गार्डनस का सौंदर्यीकरण कराने का काम मैंने शुरू कर दिया हैं। जिसके तहत मैंने गार्ड़नस में स्थित कोट को नया स्वरूप दिया। क्योंकि यहां मेरे वार्ड में कई सारे प्रतिभा के धनी है, जिन्हें अर्जुना पुरस्कार से नवाजा गया है। एसे कई इंटरनेशनल खिलाड़ी इस वार्ड में मौजूद है, लेकिन पहले उनके खेलने और अभ्यास करने के लिए यहां कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। मैंने नगरसेवक बनने के बाद कोट का रीनीवल कराया। यहां के गार्डनस में खिलाड़ी छात्र-छात्राओं के लिए चेंजिंग रूम बनाकर देने की तैयारी में भी हूं। ताकि बाहर से आने वाले खिलाडियों को अपना अभ्यास करने में कोई परेशानी नहीं उठानी पड़े। यहां के नागरिकों को सारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराऊंगा। मैंने अपने पुराने वार्ड नंबर 223 का विकास किया, उसी तरह इस वार्ड नंबर 213 का विकास करूंगा। यहां के नागरिकों के लिए अच्छी आरोग्य सेवा उपलब्ध कराऊंगा। यहां के स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है कि पिछले कई सालों से जावेद जुनेजा वार्ड नंबर 223 के नगरसेवक के पद पर काबिज थे, लेकिन इस साल 2017 के चुनाव में वार्डों में बदलाव होने के कारण जुनेजा को नागपाड़ा- कमाठीपुरा की उम्मीदवारी दे दी गई। जुनेजा ने अपने पुराने वार्ड में साबू सिद्दीकी रोड एवं मांडवी म्यूनिसिपल चाल के रहिवासियों को बेघर होने से बचाया। करोड़ों रूपये का फंड पास करवाकर उनके चाल की मरम्मत करवाकर दिया। वार्ड नंबर 223 के 40 सड़कों में से 23 सड़कों का सीमेंटीकरण और डांबरीकरण कराया। पाईपलाईनों की सफाई एवं मरम्मत का काम करवाया। साथ ही पुराने खराब जंग लगे पाईपलाईनों को बदलवाया। समय-समय पर आम नागरिकों के लिए आरोग्य शिबिर, दंतचिकित्सा शिबीर और नेत्रचिकित्सा शिबिर लगवाया। वार्ड के बच्चों के लिए फन एंड फेयर की व्यवस्था कराया। गौरतलब है कि वार्डों के बदलाव के कारण अपने पुराने वार्ड का और अधिक विकास करने की जुनेजा की योजना धरी की धरी रह गई। जिसकी खलिस आज भी जुनेजा को होती है। उन्होंने बताया कि पुराने वार्ड में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए काफी प्रयास किया। लेकिन वार्ड में बदलाव के कारण यह काम अधूरा ही रह गया। एक नगरसेवक अपने वार्ड का विकास करता है फिर बाद में उसका वार्ड बदल दिया जाता है, जिससे उसके द्वारा किए गए कुछ काम अधूरे रह जाते है। बता दें कि वार्ड नंबर 223 में जुनेजा के कामों को देखते हुए प्रजा फाऊंडेशन ने जुनेजा उन्हें बीएमसी के टाप टेन नगरसेवकों की उपाधि में आठवें नंबर पर रखा।