शिवराज्य अभिषेक झांकी को गणतंत्र दिवस परेड मे पहला पुरस्कार

 28 Jan 2018  1669
नई दिल्ली, (28 जनवरी 2018)- गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र की ओर से प्रस्तूत ‘छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक समारोह’ की झांकी को राष्ट्रीय स्तर का पहला पुरस्कार दिया गया है। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के हाथों महाराष्ट्र सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के निदेशक संजय पाटील ने उक्त पुरस्कार स्वीकार किया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और १० आशियान देशों के प्रमुखों की उपस्थिति मे ६९ वा गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दस्तों ने अपनी-अपनी संस्कृति का दर्शन करने वाली झांकियां प्रस्तूत की। १४ राज्य एवं केन्द्रीय मंत्रालय के ९ दस्तों ने अपने प्रदर्शन किए। इस समय महाराष्ट्र के दस्ते की ओर से प्रस्तूत किए गए ‘छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक समारोह’ की झांकी को सब से उत्तम आँका गया। यहाँ के कैंटोनमेंट क्षेत्र में रंगशाला में आयोजित एक शानदार कार्यक्रम में रक्षा मंत्री के कर कमलो से उक्त पुरस्कार राज्य को देकर गौरवान्वित किया गया। मानपत्र और कप के स्वरुप यह पुरस्कार दिया जाता है।  इस अवसर पर प्रा. नरेन्द्र विचारे, कला निदेशक नितिन देसाई तथा अन्य मान्यवर उपस्थित थे। असम राज्य को दूसरा जबकि छत्तीसगढ़ को तीसरा पुरस्कार दिया गया।
 
♦ शिवराज्याभिषेक समारोह फिर से अव्वल स्थान पर
 
 महाराष्ट्र राज्य सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की ओर से दिल्ली के राजपथ पर राज्य की विशेषता दर्शाने वाला गुणात्मक प्रदर्शन करने की परंपरा है। इससे पहले भी १९८० में शिवाभिषेक की झांकी को पहला पुरस्कार दिया गया था। वर्ष १९८३ में बैलों के सन “बैल पोला’ के प्रदर्शन को भी पहले इनाम से नवाज़ा गया था। १९९३ से १९९५ तक लगातार तीन वर्षो तक महाराष्ट्र को पहला पुरस्कार मिलता रहा है, जबकि वर्ष २०१५ में ‘पंढरीची वारी” अर्थात पंढरपुर की यात्रा के दिखावे को सर्वश्रेष्ठ आँका गया था, और प्रथम  पुरस्कार दिया गया था। 
इस साल शिवाभिषेक झांकी बनाने के काम में प्रसिद्ध कला दिग्दर्शक नितिन देसाई ने मुख्य भूमिका निभाई। इस की संकल्पना एवं निर्माण की जवाबदेही जे.जे स्कूल ऑफ़ आर्ट्स के निवृत्त प्राध्यपक नरेन्द्र विचारे की थी। रथ में शिवराज्याभिषेक समारोह दर्शाने हेतू शिवाजी महाराज के साथ ही उनकी माता जिजाऊ, सोयराबाई, संभाजी राजे भी अन्य १० पात्रों में उपस्थित थे। मुंबई के भेरी भवानी समूह के कलाकारों ने ये भूमिकाएँ निभाई।