नई प्रादेशिक जलापूर्ति योजना शुरू होगी- बबनराव लोणीकर
नागपुर, दि. 14 : येवला तहसील के अंतर्गत आनेवाले 41 सूखा प्रभावित गांवों के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत नई क्षेत्रीय जलापूर्ति योजना शुरू की जाएगी। यह जानकारी आज विधान परिषद में जलापूर्ति मंत्री श्री बबनराव लोणीकर ने दी।
सदस्य जयवंतराव जाधव ने जल आपूर्ति के संबंध में सवाल पूछा था। श्री लोणीकर ने कहा कि नई क्षेत्रीय जलापूर्ति योजना के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण मंडल ने रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। इस रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है।
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रक्त से प्लाज्मा अलग करने के लिए प्रत्येक जिले में
फ्रॅक्सीनेशन सेंटर शुरू करना वीचाराधीन
मुंबई के के ई एम अस्पताल में फ्रॅक्सीनेशन सेंटर प्रस्तावित
-- स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी
नागपुर, दि. 14 : रक्त से प्लाज्मा अलग करने के लिए प्रत्येक जिले में फ्रॅक्सीनेशन सेंटर शुरू करना वीचाराधीन है । मुंबई के के ई एम अस्पताल में फ्रॅक्सीनेशन सेंटर प्रस्तावित किया गया है । कुल जमा किये गये रक्त की 1.80 फीसदी दर से रक्त बेकार जाने की मात्रा तय है । इससे अधिक दर की 72 ब्लड बैंकों पर कार्रवाई की ज रही है । यह बात स्वास्थ्य मंत्री डाॅ दीपक सावंत ने कही ।
इस संबंध में विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे- पाटिल ने ध्यानाकर्षण सूचना दी थी । इसका उत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री बोल रहे थे । उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 328 लाइसेंस धारक व पंजीकृत ब्लड बैंक हैं । इनके माध्यम से 2016 में 15.70 लाख यूनिट रक्त संकलित किया गया था । जबकि राज्य को 11.23 लाख यूनिट की जरूरत होती है । संकलित किये गये रक्त में से बेकार होने वाले रक्त के अलग अलग कारण होते हैं । फिर भी निर्धारित प्रमाण 1.8 फीसदी से कम रक्त महाराष्ट्र में बेकार जाता है ।
लाइसेंस धारक 328 ब्लड बैंकों के माध्यम से रक्त संकलित किया जाता है । इसमें ए-निगेटिव , एबी निगेटिव तथा ओ - निगेटिव रक्त समूह का लक्त जरूरत के हिसाब से संकलित किया जाता है । रक्त संकलन करने वाली संस्थाओं तथा बारबार रक्तदान करने वालों को प्रोत्साहन मिले इसके लिए सरकार योजना शुरू करने पर विचार कर रही है , ऐसा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा । राज्य में ब्लड बैंको को केवल नो ऑब्जेक्शन प्रमाण पत्र दिया जाता है । उनको लाइसेंस देने का अधिकार अन्न व औषधि प्रशासन विभाग के पास है ।
निर्धारित दर से अधिक रक्त बेकार करने वाली 72 ब्लड बैंकों पर अगले तीन महीनों में कार्रवाई करने के लिए अन्न व औषधि विभाग को बता दिया जाएगा । रक्त से प्लाज्मा अलग कर के रक्त बर्बाद न हो इसके लिए प्रत्येक जिले में फ्रॅक्सीनेशन सेंटर शुरू किया जाना विचाराधीन है । मुंबई में के ई एम अस्पताल में सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव कर दिया गया है ।, ऐसा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा ।
राज्य में केंद्र सरकार का क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू करने के लिए राज्य सरकार प्रयत्नशील है । इस संदर्भ में नियोजन विभाग के पास फाइल भेज दी गई है ।
इस अवसर पर चर्चा में सदस्य सर्व श्री एकनाथ खडसे , सुभाष साबणे , शशीकांत शिंदे मंगल प्रभात लोढा ने भाग लिया ।
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दिसंबर 2018 तक कर दिया जाएगा मिहान परियोजना प्रभावितों का पुनर्वास
- राज्यमंत्री मदन येरावार
नागपुर, दि. 14 : मिहान परियोजना प्रभावितों के पुनर्वास से संबंधित सभी मसलों का हल दिसंबर 2018 तक निकाल लिया जाएगा। यह जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के राज्यमंत्री मदन येरावार ने आज विधान परिषद में दी।
विधायक डॉ. नीलम गोर्हे ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत सदन में मुद्दा उपस्थित किया। श्री येरावर ने कहा कि मिहान परियोजना के लिए 1 हजार 500 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। मिहान के अंतर्गत सेज में 71 कंपनियों को जमीन दी गई है। इनमें से 30 कंपनियां कार्यरत हैं। पांच कंपनियों का निर्माणकार्य शुरू है। बाकी बची 45 कंपनियों का काम शुरू हो सके सके, इसके लिए फीडबैक ली जा रही है। उद्योग शुरू करने के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग करनेवाली कंपनियों का काम, निर्धारित समय पर पूरा करने की शर्त पर महाराष्ट्र हवाईअड्डा विकास कंपनी के निदेशक मंडल ने अप्रैल 2016 से आगामी 4 वर्ष तक समय सीमा बढ़ाने की अनुमति दी है।
श्री येरावर ने कहा कि ग्रामीण इलाके के तेल्हारा, दहेगांव, कलकुही और खापरी (रेलवे) के परियोजना प्रभावितों का पुनर्वास खापरी (रेलवे) गांव के पास किया गया है। पुनर्वास के अधिकांश काम पूरे हो चुके हैं। शहरी क्षेत्र के शिवणगांव, जयताला, भागरी और चिंचभुवन के प्रभावितों का पुनर्वास चिंचभुवन के नवीन पुनर्वसित गावठाण के पास किया जा रहा है। एक हजार 99 पात्र परियोजना ग्रस्तों में से 1 हजार 23 परियोजना प्रभावितों को भूखंड आवंटित किया गया है। चिंचभुवन स्थित नवीन पुनर्वसित गावठाण में सड़क, भूमिगत गटर, जलापूर्ति योजना आदि काम पूरे हो चुके हैं। बाकी बचे काम अंतिम चरण में हैं। मिहान के कारण बाधित हुए प्रत्येक परियोजना प्रभावितों को घर दिया जाएगा।
श्री येरावर ने कहा कि मिहान में अब तक प्रत्यक्ष 10 हजार 500 और अप्रत्यक्ष रूप से तकरीबन 20 हजार रोजगार उपलब्ध हुए हैं। परियोजना प्रभावितों को रोजगार, स्वयं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। एक हजार 252 परिवारों के प्रत्येक एक व्यक्ति को रोजगार, स्वयंरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। प्रयाश किया जा रहा है कि मिहान में दवा कंपनियां आएं। यहां सेवा क्षेत्र कार्यालयों को किराए (लीज) पर जगह दी गई है। सेवा क्षेत्र में 2 हजार 500 लोग काम कर रहे हैं। ध्यानाकर्षण की इस चर्चा में श्री हेमंत टकले, प्रकाश गजभिये, श्रीमती निलम गोर्हे ने हिस्सा लिया।
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मुंबई विश्वविद्यालय ऑनस्क्रीन मार्किंग पद्धति की कार्यवाही में
जिनके कारण विद्यार्थियों का नुकसान हुआ है उन पर कठोर कार्रवाई होगी
- उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री विनोद तावडे
मुंबई विश्वविद्यालय की ऑनस्क्रीन मार्किंग पद्धति की जाँच करने के लिए त्रिस्तरीय सदस्य समिति गठित की गई थी । यह समिति इस प्रक्रिया का अध्ययन कर रही है । जिन लोगों के कारण विद्यार्थियों का नुकसान हुआ है उन सब पर कार्रवाई की जाएगी । यह बात उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने आज विधान सभा में बतायी ।
इस संदर्भ में सदस्य अतुल भातखलकरने ध्यानाकर्षण सूचना रखी थी । इसका उत्तर देते हुए श्री तावडे बोल रहे थे ।
इस अवसर पर हुई चर्चा में उपप्रश्न का उत्तर देते हुए राज्यमंत्री रवींद्र वायकर ने कहा कि इस त्रिस्तरीय सदस्य समिति द्वारा करार निविदा प्रक्रिया का अभ्यास किया जा रहा है । समिति को तीन महीने की अवधि दी गई है । रिपोर्ट मिलते ही कार्यवाही की जाएगी । इस चर्चा में सदस्य अजीत पवार ने हिस्सा लिया ।
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नियमानुसार दी गई है मिहान परियोजना में पतंजलि उद्योग समूह को जमीन
- राज्यमंत्री मदन येरावार
नागपुर, दि. 14: सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री मदन येरावार ने स्पष्ट किया है कि मिहान परियोजना में नियमानुसार पतंजलि उद्दयोग समूह को जमीन आवंटित की गई है। यह जानकारी श्री येरावर ने आज विधान परिषद में दी।
सदस्य श्री संजय दत्त ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत मुद्दा उपस्थित किया था। इसके जवाब में श्री येरावर ने कहा कि मिहान परियोजना की जमीन केंद्र सरकार की नहीं है। राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहित की है। पतंजलि उद्योग समूह को विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में 106.11 एकड़ और सेज क्षेत्र के बाहर 234. 15 एकड़, कुल मिलाकर 340.26 एकड़ जमीन दी गई है।
विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में विकसित भूखंड, महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी के बोर्ड द्वारा अनुमोदित की गई नियोजित दर पर दिए जाते हैं। उसी दर पर पतंजलि उद्योग समूह को सेज की जमीन आवंटित की गई है।
राज्यमंत्री येरावर ने कहा कि सेज क्षेत्र के बाहर के भूखंड ई-निविदा प्रणाली के माध्यम से दिए जाते हैं। मिहान के विशेष आार्थिक क्षेत्र (सेज) से बाहर का तकरीबन 234 एकड़ भूखंड वितरित करने के लिए, ई-निविदा प्रणाली को पर्याप्त समय दिया गया और 2 बार निविदा निकाली गई। बावजूद इसके अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला। लिहाजा तीसरी बार मिले प्रतिसाद में पतंजलि उद्योग समूह की एकमात्र निविदा प्राप्त हुई। निविदा खोलकर उसकी पात्रता जांचने के बाद पतंजलि उद्योग समूह को भूखंड आवंटित किया गया। चर्चा में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे, शरद रणपिसे आदि शामिल थे।
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विधानसभा प्रश्नोत्तर
प्र.क्र. 96360
शीतकालीन अधिवेशन समाप्त होने से पहले
जलयुक्त शिवार योजना के काम के लिए
नयी दरसूची तैयार की जाएगी
- प्रा. राम शिंदे
नागपुर, दि. 14 : जलयुक्त शिवार योजना के काम के लिए शीतकालीन अधिवेशन के समाप्त होने से पहले नयी दर सूची जाहिर की जाएगी , यह जानकारी विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल में मिट्टी व जल संधारण मंत्री प्रा. राम शिंदे ने दी ।
राज्य में जलयुक्त शिवार योजना के प्रस्तावित कामों के लिए तीन वर्ष पूर्व की दर सूची लागू किये जाने के बारे में सदस्य वैभव नाईक ने प्रश्न उपस्थित किया था । उसका उत्तर देते हुए प्रा. राम शिंदे ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत सिंधुदुर्ग जिला में 238 काम प्रस्तावित हैं जिनमें से 206 काम पूरे हो गये हैं । 32 काम अपूर्ण हैं । इसके लिए आवश्यक निधि विशेष निधि के माध्यम से उपलब्ध कर के समय से काम पूरा करने के निर्देश संबंधित लोगों को दिये जाएंगे ।
इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 व 2016-17 में 56 हजार 600 टीसीएम पानी स्टाॅक हुआ था । कोकण विभाग के लिए वर्ष 2016-17 में 18.93 करोड़ रुपये की निधि खर्च की गई है । राज्य भर में काम के लिए 6 हजार 144 करोड़ कनवर्जन निधि से दिये गये हैं । 3 हजार 139 करोड़ रुपये विशेष निधि से उपलब्ध करवाये गए हैं । इनमें से 57.99 करोड़ रुपये कोंकण के लिए विशेष निधि से दिये गए हैं ।
मिट्टी व जलसंधारण विभाग के निर्माण के बाद 2013 की दरसूची तात्कालिक तौर पर लागू की गई थी । यह अधिवेशन समाप्त होने से पहले नयी दर सूची जाहिर कर दी जाएगी । श्री शिंदे ने कहा ।
चर्चा में सदस्य सर्वश्री एकनाथ खडसे , बालासाहेब थोरात , भास्कर जाधव , सुरेश गोरे , हर्षवर्धन सपकाल , शंभुराज देसाई ने भाग लिया ।
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प्र. क्र. 95082
कुष्ठ रोगियों की सेवा करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं के अनुदान में वृद्धि करने के बारे में सकारात्मक फैसला
-- स्वास्थ्य मंत्री डॉ दीपक सावंत
राज्य में कुष्ठरोग अनुसंधान मुहिम 2 वर्ष से जारी है । इसके माध्यम से ठाणे जिला में 252 नये रोगी मिले हैं । इन रोगियों का उपचार कर उनको रोगमुक्त किया गया है । कुष्ठ रोगियों की सेवा करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं के अनुदान में वृद्धि करने के बारे में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, ऐसा स्वास्थ्य मंत्री डॉ दीपक सावंत ने आज विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल में कहा ।
राज्य में लागू कुष्ठरोग शोध मुहिम के संबंध में सदस्य प्रशांत ठाकुर ने प्रश्न किया था । उसका उत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री बोल रहे थे ।
राछ्य में 22 जिलों में 6 से 21 सितम्बर 2017 के फीच कुष्ठरोग शोध मुहिम चलाई गई थी । इस मुहिम में रायगड जिला के पनवेल तालुका में 659 संशयित रोगियों का पंजीकरण किया गया । जाँच के बाद 66 कुष्ठरोगी पाये गए । उनका उपचार किया गया ।
राज्य में ग्रामीण व उप जिला स्तर पर 219 कुष्ठरोग सेवा केंद्र हैं । उनमें से ठाणे जिला में 15 , रायगढ़ में 15, पालघर में 12 संदर्भ सेवा केंद्र हैं ।
राज्य में कुष्ठ रोगियों की सेवा करने वाली 29 स्वयंसेवी संस्थाएं कार्यरत हैं । इन संस्थाओं के लिए अनुदान बढ़ाने संबंधी सकारात्मक फैसला किया जाएगा । वर्धा जिला में कुष्ठरोग शोध मुहिम के साथ हाथी पाँव रोग की शोध मुहिम भी शुरू की जाएगी ऐसा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा
चर्चा में सदस्य सर्वश्री सुनील केदारे, समीर कुणावर, संजय केलकर, मिलिंद माने ने भाग लिया ।