विधानमंडल की समितियों का काम सरकार व प्रशासन पर नियंत्रण करना - परिवहन मंत्री दिवाकर रावते
14 Dec 2017
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नागपुर, 14 दिसंबर: महाराष्ट्र परिवहन मंत्री दिवककर रावते ने आज यहां कहा कि विधान मंडल की विभिन्न समितियां सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं और विभिन्न सामाजिक तबकों के अधिकारों पर अमल करने के लिए सरकार और प्रशासन प्रणाली को नियंत्रित करने के लिए काम कर रही हैं।
परिवहन मंत्री महाराष्ट्र राष्ट्रमंडल संसदीय बोर्ड की ओर से आयोजित संसदीय अध्ययन पाठ्यक्रम में 'विधान मंडल की समिति प्रणाली और आर्थिक विषय से जुड़ी समितियों की कामकाज के विषय पर बात कर रहे थे।
श्री रावते ने आगे कहा कि विधान मंडल की प्रत्येक समिति का कार्य क्षेत्र अलग है। मसलन, विधान मंडल की चिकित्सा समिति के पास विधानमंडल के विवादास्पद विधेयक भेजे जाते हैं। चिकित्सा समिति के पास विधेयक में जरूरी संशोधन करने का अधिकार होता है। चूंकि इस समिति में हर राजनीतिक दल के सदस्य शामिल रहते हैं, इसलिए विधेयक में किए गए हर संशोधन को विधान मंडल में मंजूरी मिल जाती है। विधानमंडल की उप कानून प्रवर्तन के बाद उसकी छानबीन करती है और उसकी जटिलताओं को कम करके उसे आम आदमी के लिए प्रभावी बनाती है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि इसी तरह आकलन समिति बजट में अनुमोदित वस्तुओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करती है जबकि लेखा समिति बजट की कार्यप्रणाली पर अंकुश रखती है। सार्वजनिक उपक्रम समिति राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को कानून के मुताबिक संचालन संबंधी काम करती है। यह समिति विभिन्न कारणों से सीधे जनता के संपर्क में रहती है। पंचायत राज समिति जिला स्तर पर जिले की निधि के माध्यम से किए गए विकास कार्यों की देखरेख करती है। यह समिति यह भी देखती है कि सही हो रहा है या नहीं। ग्रामीण विकास में इस समिति का महत्वपूर्ण योगदान है। इसी तरह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए कल्याण समितियां संबंधित कारकों के लिए आवंटित धन उन तक पहुंचा या नहीं इसकी देखरेख करती हैं।
श्री रावते ने कहा कि विधान मंडल की सभी समितियां बहुत महत्वपूर्ण होती हैं और इन समितियों की सिफारिश एवं उनके फैसले को मानना सरकार के लिए अनिवार्य होता हैं। श्री रावते ने कहा कि इस योजनाओं एवं परियोजनाओं के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए नागरिक एवं संबंधित विभाग से जन प्रतिनिधियों को अवगत होना चाहिए।