सहकारी दूध संघों की समस्याएं हल की जाएंगी -- मुख्यमंत्री
नागपुर, 13 दिसंबर : दुग्ध उत्पादक किसानों को दूध का बढ़िया भाव देने और सहकारी दूध उत्पादक संघ लंबे समय तक काम कर सकें, इसके लिए विधान मंडल के शीतकालीन अधिवेशन के दौरान ही एक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने आज विधान सभा में इस विषय पर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।
विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे-पाटील, विधायक सर्वश्री सुनील शिंदे, विजय वडेट्टीवार, नसीम खान, अमित देशमुख, अमीन पटेल, सुनील केदार आदि ने मुख्यमंत्री से इस बाबत प्रश्न पूछा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादक किसानों को दूध का भाव 27 रुपए प्रति लीटर देने का निर्देश दिया गया है। सहकारी दूध संस्थाओं ने इतना भाव देने में असमर्थता जताते हुए कई सहकारी संघ यह भाव नहीं दे रहे हैं। इस विषय़ की चर्चा करते हुए श्री फड़णवीस ने आगे कहा कि, सहकारी दूध संघ अपने प्रशासनिक और दूसरे खर्च में कटौती करने की जगह किसानों को उनको दूध का उचित भाव न देना अन्यायपूर्ण है।
श्री फड़णवीस ने बताया कि दुग्ध उत्पादक किसानों को किसी भी कीमत पर दूध का अच्छा भाव मिलना बहुत जरूरी है। हालांकि इसके साथ ही सहकारी दूध संघों को बहुत असुविधा न हो इस बारे में राज्य सरकार उचित कदम उठाने वाली है।
पशु पालन मंत्री महादेव जानकर ने कहा कि सहकारी दूध संघों मौजूदा दूध के विषय में आ रही समस्याओं को हल करने के लिए पशुपालन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद इस विषय में सरकार उचित नर्णय लेगी।
पशु पालन राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि कुर्ला डेयरी के निजीकरण का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। चर्चेत में पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे, अजित पवार, दिलीप वळसे-पाटील, सर्वश्री सुनील केदार, सत्यजीत पाटील और सुनील प्रभु ने हिस्सा लिया।
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विजा, भज, इमाव, विशेष पिछड़े वर्ग के आय की सीमा बड़ाई गई - प्रो. राम शिंदे
नागपूर, 13 दिसंबर: केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार ने भी राज्य की विमुक्त जाति, भटके समाज, अन्य पिछड़े वर्ग और विशेष पिछड़े वर्ग उन्नत एवं प्रगत व्यक्ति/समूह के लिए (नॉन क्रिमीलेयर) आय की सीमा 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी विमुक्त जाति, भटके समाज, अन्य पिछड़े वर्ग और विशेष पिछड़े वर्ग के कल्याण से जुड़े विभाग के मंत्री प्रो. राम शिंदे ने विधानसभा में दी।
प्रो. शिंदे ने बताया कि केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार ने 24 जून 2013 के सरकार के निर्णय के अनुसार कुटुंब की सीमा 4.50 से 6 लाख रुपए किया गया था। केंद्र सरकार ने 13 सितंबर 2017 को आदेश जारी करके आय की सीमा 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रूपए कर दिया है। उसी तर्ज पर राज्य सरकार ने भी आय की इस सीमा को 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रूपए करने का निर्णय लिया है।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने राज्य लोकसेवा अनुसूचित जाति, अनुसूचित समाज, निरधि सूचित समाज (विमुक्त जाति), भटके समाज, अन्य पिछड़े वर्ग और विशेष पिछड़े वर्ग का आरक्षण अधिनियम, 2001 (2004 के महाराष्ट्र अधिनियम क्र. 8) के अनुसार महाराष्ट्र राज्य के विमुक्त जाति-भटक्या समाज, अन्य पिछड़े वर्ग और विशेष पिछड़े वर्ग में उन्नत एवं प्रगत व्यक्ति/समूह के लिए आरक्षण का लाभ भी लागू किया जाएगा।
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गडचिरोली जिला के विकास की मुख्यमंत्री ने ली समीक्षा बैठक
16 लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं को सोलर फिटर द्वारा कार्यानावित किया जाए
- मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस
नागपुर , दि. 13 : गडचिरोली जिला में सिंचाई सुवीधाएं बढ़ाने के लिए सभी अपूर्ण 16 लिफ्ट सिंचाई योजनाओं को सोलर ऊर्जा आधारित तकनीकी से जोड़ने के निर्देश राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने आज दिये । इन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पालक सचिव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये ।
विधान भवन में मंत्रिमंडल परिषद सभागृह में गडचिरोली जिला के विकास की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने यह बैठक ली । बैठक में आदिवासी विकास राज्यमंत्री तथा पालकमंत्री राजे अम्ब्रीशराव
आत्राम , सांसद अशोक नेते , विधायक डाॅ देवराव होली , क्रिष्णा गजबे , राज्य के मुख्य सचिव सुमित मल्लिक , अपर मुख्य सचिव प्रवीण सिंह परदेशी , पालक सचिव विकास खारगे , विभागीय आयुक्त अनूप कुमार आदि उपस्थित थे ।
जिला का 78 फीसदी भूभाग पर वन है । यहाँ की 16 लिफ्ट सिंचाई परियोजनाएं अनेक वर्षों से बंद पड़ी हैं । मुख्यमंत्री ने पालक सचिव को विभिन्न विभागों से समन्वय करने को कहा । इन परियोजनाओं को सोलर ऊर्जा की आपूर्ति की जाए । इसके लिए वन खाते की 1 हेक्टर जमीन दी जाएगी ।
वर्तमान में यहाँ 'दिना परियोजना' नाम की मध्यम परियोजना है जिसकी सिंचाई क्षमता 6500 हेक्टर है । इस परियोजना को बड़े प्रकल्प के रूप में विकसित करने के लिए अधिक निधि दिये जाने की माँग विधायक डॉ देवराव होली ने की ।
कोसरी परियोजना के डूब क्षेत्र में 34 घर हैं । भले ही ये घर अतिक्रमण हों तब भी इनके पुनर्वसन के लिए 4 करोड 92 लाख रुपये मंजूर कर जिलाधिकारी को हस्तांतरित किये जाने की जानकारी बैठक में दी गई ।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जिला में 2015-16 में 77 कि मी के 20 काम हैं । आगामी काल में 836 कि मी सड़कों का प्रस्ताव है ।
ये सब काम समय से पूरा किये जाने के लिए सेवानिवृत्त उप अभियंताओं को काँट्रेक्ट पद्धति पर नियुक्त किया जाए ।
सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना , शबरी घरकुल योजना तथा रमाई घरकुल योजना के 2857 घर बनाने का काम जिला परिषद ने पूरा कर लिया सै , यह जानकारी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शान्तनु गोयल ने दी । वर्ष 2019 के पहले 24 हजार 569 लाभार्थियों को घर देने का उद्देश्य है । सभय से काम पूरा करने के लिए स्थानीय बेरोजगार अभियंताओं को काम दिया जाए ।
सूरजागढ़ में लोहखनिज परियोजना है । इसमें स्थानीय बेरोजगार आदिवासी युवकों को प्रशिक्षण तथा आथिक सहायता देकर ट्रक दिये जाएं ।
सरकार की ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सम्मान कर्जमाफी योजना में लाभार्थी किसानों के खातों में 57 करोड़ रुपये की राशि जमा कर दी गई है ।
जिला के 600 गांव मोबाइल नेटवर्क से बाहर हैं । इसके लिए 170 टावरों की आवश्यकता है । 40 टावरों का प्रस्ताव बी एस एन एल ने दिया है
पिछले वर्ष हुई बैठक में भामरागड के विद्यार्थियों को वाचनालय शुरू का आश्वासन दिया गया था जो पूरा हो गया है । अब पुस्तकें तथा बैंचें उपलब्ध करवाई जाएंगी ।
जिला में 267 गाँवों में बिजली उपलब्ध करवाने का काम शुरू हो गया है ।
वडसा - गडचिरोली रेलवे मार्ग का काम वर्तमान में दो अधिकारियों की बदली होने के कारण रुका हुआ है । शीघ्र ही ये नियुक्ति करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये ।