- 20 हजार घरों का प्रस्ताव पेश करें
- हवाईअड्डे का कार्य शीघ्र पूरा करें
- जिले की सड़कों के लिए करेंगे राशि का प्रबंध
- सांस्कृतिक भवन के लिए 15 करोड़ रुपए
नागपूर, दि. 12 : जिले की सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं का काम समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है। पिछले साल इन परियोजनाओं को पूरा करने में जो दिक्कतें आई थी, उसे दूर करने के लिए राज्य सरकार ने प्रयाश किए हैं। अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक मसौदे को मंजूरी दी गई है। शीघ्रता से यह संशोधित सरकारी अनुमतियां दी गई हैं। लिहाजा इन परियोजनाओं का काम समय पर पूरा किया जाए। विधान भवन के मंत्रिमंडल सभागृह में हुई अकोला जिले की समीक्षा बैठक में यह निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज संबंधितों को दिया।
इस अवसर पर पालकमंत्री डॉ. रणजीत पाटिल, सांसद संजय धोत्रे, विधायक श्री गोवर्धन शर्मा, गोपीकिशन बजोरिया, रणधीर सावरकर, प्रकाश भारसाकले, हरिष पिंपले,बलिराम शिरस्कार, महापौर विजय अग्रवाल, मुख्य सचिव सुमित मल्लिक, मुख्यमंत्री के अप्पर मुख्य सचिव प्रवीणसिंह परदेशी, विभागीय आयुक्त पियुष सिंह, जिलाधिकारी आस्तिक कुमार पाण्डेय, जिल्हा परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. रामामूर्ति, पुलिस अधीक्षक एम. राकेश कलासागर सहित विविध विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
जिलाधिकारी श्री. पाण्डेय ने जिले के कामों का प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री ने मांगे उसे तालाब, जलयुक्त शिवार योजना, धड़क सिंचाई कु आं, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, पुलिस आवास, कृषि पंपों को बिजली कनेक्शन, आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, सिंचाई परियोजना और जिले की महत्त्वपूर्ण समस्याओं का जायजा लिया।
कवठा, काटीपाटी, घुंगशी बैरेज इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए जरूरी मंजूरियां शीघ्रता दी गई हैं। कवठा बैरेज का काम जून तक पूरा कर जलभंडारण निर्माण की व्यवस्था की जाए। इसके लिए 90 करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे। उमा बैरेज की पांच समस्याओं का समाधान निकाल लिया गया है। इस परियोजना का काम पूरा कर, पानी भंडारण की दिशा में कार्य करने की जरूरत है। अकोला शहर सहित मुतीर्जापुर, बालापुर आदि शहरों में जलापूर्ति करना बेहद आवश्यक है। लिहाजा सरकारी मशीनरी परियोजनाओं का अधूरा कार्य जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में काम करें। इसीतरह बाशीर्टाकली ग्रामीण पानी आपूर्ति योजना के लिए पानी आरक्षण शाीघ्र मंजूर करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है।
जल्द पूरा करें तालाबों के काम
जिले में 3500 तालाबों का लक्ष्य रखा गया है। जून-2018 तक काम पूरा करने के लिए जरूरी कार्यवाही पूरी की जाए। खारापन पाटने के लिए तालाब बेहद उपयुक्त हैं,इसलिए इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ तालाबों के काम पूरे किए जाएं। जलयुक्त शिवार अभियान का यह तीसरा वर्ष है। इस अभियान के अंतर्गत निश्चित किए गए शीघ्रता से पूर्ण किए जाएं। सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए धडक सिंचाई कुआं के अंतर्गत 5434 कुएं में से 4612 कुएं का कार्य पूरा हो चुका है। बाकी बचे कुएं का काम निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है।
जिले में 800 कि.मी. सड़क
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 800 कि.मी. की सड़क बनाई जाएगी। इसमें से 195 किमी. सड़क का काम इसी वर्ष पूरा किया जाएगा। शहर और ग्रामीण इलाकों का सड़कों का जाल बिछाने का प्रयाश किया जाएगा। इसके लिए लगनेवाले खर्च का प्रबंध जनप्रतिनिधि अॅन्युटी के माध्यम से करें। बालापुर तहसील की सड़कें विद्युत निर्मिति केंद्र से निकलनेवाली राख से बनाने की कोशिश करके देखी जाए। तेल्हारा तहसील के सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं, यहां के काम को प्राथमिकता दी जाए।
कृषि पंपों के विद्युत कनेक्शन का काम जून-2018 तक पूरा करें
विदर्भ और मराठवाडा के लंबित कृषि पंपों को विद्युत आपूर्ति दी जा सके, इसलिए लगनेवाली राशि का प्रबंध राज्य सरकार की ओर से जल्द किया जाएगा। जिला सिंचाई परियोजना का काम पूरा होने जा रहा है, इसलिए कृषि पंपों को बिजली जोड़ने की मांग बढ़नेवाली है। इसलिए इस वर्ष की मांग जून तक पूरी की जाए।
20 हजार घरों का प्रस्ताव तैयार करें
सीएम ने कहा कि शबरी, रमाई और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर संकुलों की प्रतिक्षा सूची होती है। इसमें लक्ष्य भी रखा जाता है। हालांकि इस साल से घर संकुलों के लिए लक्ष्य नहीं दिया जाएगा। पंजीकरण के आधार पर लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। घर संकुलों की मांग को ध्यान में रखते हुए जिले के लिए 20 हजार मकानों का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। इसके लिए सूची तैयार करने का काम पूरा करें। सूची के आधार पर ळक्ष्य निर्धारित किया जाए। सीएम ने पंजीकरण का काम जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया है। घरकुल के लिए लगनेवाली जमीन गांव से 200 मीटर के अंतर पर हो। इसके लिए सरकार की ओर से मंजूरी दी जाएगी। साथ ही 500 वर्ग फुट मुफ्त, 2000 वर्ग फुट तक शुल्क लेकर जमीन का कब्जा दिया जाए। सीएम ने सांस्कृति भवन के लिए 15 हजार करोड़ जल्द उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। इसीतरह एअरपोर्ट एथोरिटी के माध्यम से हवाईअड्डे का विकास करने के बजाए शिवणी हवाईअड्डा राज्य सरकार अपने कब्जे में ले। हवाईअड्डे का रनवे की लंबाई बढ़ाने से कम खर्च पर हवाईअड्डे का विकास हो जाएगा।